"अखिल भारतीय मुस्लिम लीग" के अवतरणों में अंतर

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== आधार ==
१९०६ में ढाका स्थान पर ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना की।
उपमहाद्वीप में मुसलमान सरकार का अंत हो चुका था और भाग्य के सितम शरीफ़े के कारण १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम में भी मुसलमान हार चुके थे अंग्रेजों ने चूंकि सरकार मुसलमानों से छीनी थी और गदर में भी मुसलमान ही पेश पीस थे इसलिए अंग्रेजों ने मुसलमानों पर ज़ुल्म व सितम की नज़र मज़कोर कर ली सेकड़ो मुसलमानों को बेरहमी से फांसी देकर मौत की घाट उतार दिया गया उनकी जायदाद सब् कर ली गई अंग्रेज़ देश में अंग्रेजी शिक्षा चालू कर मुसलमान अपने बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा नहीं दूधपीता चाहते थे क्योंकि वह गैर मुस्लिम आस्ताज़ह अपने बच्चों का प्रशिक्षण नहीं करवाना चाहते थे अंग्रेज सभी मुहर बानियां पर थीं और उसके साथ कठी पतली विपक्ष और हिंदू हितों परस्त पार्टी के गठन के लिए अंग्रेज कानों दान ह्यूम ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बनाई जो देखने से तो हिंदू मुस्लिम दोनों की पार्टी होने का दावा करती थी लेकिन वास्तव में केवल हिंदू मत के प्रतिनिधि दल था जो खुद को अंग्रेज का पसर मानती थी और अंग्रेज के बाद भारतीय मैन हिंदू राज विन्यास कर के मुसलमानाने हिंद अपना गुलाम बनाना चाहते हती थी तब मुसलमानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए १९०६ में ढाका स्थान पर ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना की।
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन १९०६ में ढाका स्थान पर अमल में आया। महमडिं शैक्षणिक सम्मेलन के वार्षिक अधिवेशन के समाप्त होने पर उपमहाद्वीप के विभिन्न राज्यों से आए मुस्लिम ईतिदीन ने ढाका नवाब सलीम अल्लाह खान की निमंत्रण पर एक विशेष सम्मेलन की। बैठक में फैसला किया गया कि मुसलमानों की राजनीतिक मार्गदर्शन के लिए एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया जाए. याद रहे कि सर सैय्यद ने मुसलमानों को राजनीति से दूर रहने का सुझाव दिया था। लेकिन बीसवीं सदी के आरंभ से कुछ ऐसी घटनाओं उत्पन्न होने शुरू हुए कि मुसलमान एक राजनीतिक मंच बनाने की जरूरत महसूस करने लगे। ढाका बैठक की अध्यक्षता नवाब प्रतिष्ठा आलमलك ने की। नवाब मोहसिन आलमल कि; मोलानामहमद अली जौहर, मौलाना जफर अली खान, हकीम अजमल खां और नवाब सलीम अल्लाह खान समेत कई महत्त्वपूर्ण मुस्लिम आबरीन बैठक में मौजूद थे। मुस्लिम लीग का पहला राष्ट्रपति सर आग़ा खान को चुना गया। केंद्रीय कार्यालय अलीगढ़ में स्थापित हुआ। सभी राज्यों में शाखाएं बनाई गईं। ब्रिटेन में लंदन शाखा का अध्यक्ष सैयद अमीर अली को बनाया गया।<ref>[http://www.pakstudy.com/index.php?topic=17592.0 ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का गठन]</ref>
 
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