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==वर्गीकरण==
प्रमुख रूप से अहीरोअहीरों के तीन सामाजिक वर्ग है- [[यदुवंशी]], [[नंदवंशी]] व [[ग्वालवंशी]]। इनमे वंशोत्पत्ति को लेकर बिभाजन है। यदुवंशी स्वयं को महाराज यदु का वंशज बताते है। नंदवंशी राजा नंद के वंशज है व ग्वालवंशी प्रभु कृष्ण के ग्वाल सखाओ से संबन्धित बताए जाते है।
एक अन्य दंतकथा के अनुसार भगवान कृष्ण जब असुरो का वध करने निकलते है तब माता यशोदा उन्हे टोकती है, उत्तर देते देते कृष्ण अपने बालमित्रो सहित यमुना नदी पार कर जाते है। कृष्ण के साथ असुर वध हेतु यमुना पार जाने वाले यह बालसखा कालांतर मे अहीर नंदवंशी कहलाए।<ref> [https://books.google.co.in/books?id=OmBjoAFMfjoC&pg=PA58&dq=ahir+lord+krishna&hl=en&sa=X&ved=0CC8Q6AEwBGoVChMIvu798_iIyAIV4namCh3tEQfZ#v=onepage&q=ahir%20lord%20krishna&f=false People of India: Maharashtra, Part 1 by Kumar Suresh Singh, पृष्ठ-58, आईएसबीएन=9788179911006] </ref> आधुनिक साक्ष्यों व इतिहासकारों के अनुसार नंदवंशी व यदुवंशी मौलिक रूप से समानार्थी है,<ref name="books.google_a">{{Cite journal | url = http://books.google.com/?id=8OIUAQAAIAAJ&q=Yaduvanshi&dq=ghosi+kamaria+ahir+yadav | title = The vernacularisation of democracy: Politics, caste, and religion in India | isbn = 9780415467322 | author1 = Michelutti | first1 = Lucia | year = 2008|pages=114, 115}}</ref> क्योंकि ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार यदु नरेश वासुदेव तथा नन्द बाबा निकट सम्बंधी या कुटुंबीजन थे व यदुवंशी थे। नन्द की स्वयं की कोई संतान नहीं थी अतः यदु राजकुमार कृष्ण ही नंदवश के पूर्वज हुये। <ref name="Lok Nath Soni">{{cite book | url=http://books.google.com/?id=wT-BAAAAMAAJ&q=vasudeva | title=The Cattle and the Stick: An Ethnographic Profile of the Raut of Chhattisgarh | publisher=Anthropological Survey of India, Government of India, Ministry of Tourism and Culture, Department of Culture, 2000 Original from the University of Michigan | author=Lok Nath Soni | year=2000 | location=Anthropological Survey of India, Government of India, Ministry of Tourism and Culture, Department of Culture, Delhi | pages=16 | isbn=9788185579573}}</ref><ref name="GBook1">{{cite book | url=http://books.google.com/?id=9bOEAwAAQBAJ&pg=PA119&dq=nand+vasudev#v=onepage&q=nand%20vasudev&f=false | title=The Greatest Farce of History | publisher=Partridge Publishing | author=Gopal Chowdhary | year=2014 | pages=119 | isbn=9781482819250}}</ref>