"कुर्अतुल ऐन हैदर" के अवतरणों में अंतर

200 बैट्स् जोड़े गए ,  1 वर्ष पहले
छो
बॉट: पुनर्प्रेषण ठीक कर रहा है
छो (→‎बाहरी कडियाँ: विकिपरियोजना साँचा (- हिन्द की बेटियाँ/...) होने एवं हहेच अनुसार यह साँचा वार्ता पन्ने पर ले जाया जा रहा/चुका है।)
छो (बॉट: पुनर्प्रेषण ठीक कर रहा है)
| birthplace = [[अलीगढ़]], [[उत्तर प्रदेश]], [[भारत]]
| deathdate = {{death date and age |2007|8|21|1926|1|20|df=yes}}
| deathplace = [[नोएडा|नोयडा]], [[भारत]]
| parents = [[सज्जाद हैदर यालद्रम]] और नज्र जेहरा
| occupation = लेखक
उन्होंने बहुत कम आयु में लिखना शुरू किया था। उन्होंने अपनी पहली कहानी मात्र छः वर्ष की अल्पायु में ही लिखी थी। ’बी चुहिया‘ उनकी प्रथम प्रकाशित कहानी थी। जब वह १७-१८ वर्ष की थीं तब १९४५ में उनकी कहानी का संकलन ‘शीशे का घर’ सामने आया। गले ही वर्ष १९ वर्ष की आयु में उनका प्रथम उपन्यास ’मेरे भी सनमखाने‘ प्रकाशित हुआ। उन्होंने अपना कैरियर एक पत्रकार की हैसियत से शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लिखती भी रहीं और उनकी कहानियां, उपन्यास, अनुवाद, रिपोर्ताज़ वग़ैरह सामने आते रहे। वो उर्दू में लिखती और अँग्रेजी में पत्रकारिता करती थीं। उनके बहुत से उपन्यासों का अनुवाद अंग्रेज़ी और हिंदी भाषा में हो चुका है। साहित्य अकादमी में उर्दू सलाहकार बोर्ड की वे दो बार सदस्य भी रहीं। विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में वे जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय व अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय और अतिथि प्रोफेसर के रूप में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से भी जुड़ी रहीं।<br />
<br />
१९५९ में उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास '''आग का दरिया''' प्रकाशित जिसे आज़ादी के बाद लिखा जाने वाला सबसे बड़ा उपन्यास माना गया था जिसमें उन्होंने ईसा पूर्व चौथी शताब्दी से लेकर १९४७ तक की भारतीय समाज की सांस्कृतिक और दार्शनिक बुनियादों को समकालीन परिप्रेक्ष्य में विश्लेषित किया था। इस उपन्यास के बारे में [[निदा फ़ाज़ली]] ने यहाँ तक कहा है - [[मोहम्मद अली जिन्नाह|मोहम्मद अली जिन्ना]] ने हिन्दुस्तान के साढ़े चार हज़ार सालों की तारीख़ (इतिहास) में से मुसलमानों के १२०० सालों की तारीख़ को अलग करके पाकिस्तान बनाया था। क़ुर्रतुल ऎन हैदर ने नॉवल 'आग़ का दरिया' लिख कर उन अलग किए गए १२०० सालों को हिन्दुस्तान में जोड़ कर हिन्दुस्तान को फिर से एक कर दिया।<br />
<br />
मंगलवार, २१ अगस्त २००७ को सुबह तीन बजे दिल्ली के पास नोएडा के कैलाश अस्पताल में ८० वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
 
== पुरस्कार और सम्मान ==
* [[१९६७|1967]] [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]], उपन्यास ‘आख़िरी शब के हमसफ़र’ के लिए
* [[१९८४|1984]] [[पद्म श्री|पद्मश्री]] - साहित्यिक योगदान के लिए
* [[१९८४|1984]] [[गालिब मोदी अवार्ड]]
* [[१९८५|1985]] [[साहित्य अकादमी पुरस्कार]], कहानी पतझड़ की आवाज़,
* [[१९८७|1987]] [[इकबाल सम्मान]]
* [[१९८९|1989]] [[सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार]], अनुवाद के लिये
* [[१९८९|1989]] [[ज्ञानपीठ पुरस्कार]]
* [[१९८९|1989]] पद्मभूषण
 
== संबंधित कड़ियाँ ==
85,943

सम्पादन