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'''मापिकी''', '''मापविद्या''' या '''मापविज्ञान''' (Metrology) में [[मापन]] के सभी सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। यह [[मापन]] एवं उसके अनुप्रयोगों का [[विज्ञान]] है।
 
मापिकी (Metrology) [[भौतिक शास्त्र|भौतिकी]] की वह शाखा है जिसमें शुद्ध माप के बारे में हमें ज्ञान होता है। मापविज्ञान में मूल रूप से हम तीन रशियों, अर्थात्‌ [[द्रव्यमान]], लम्बाई एवं [[समय]] के बारे में चर्चा करते हैं और इन्हीं तीन राशियों के ज्ञान से हम अन्य राशियों, जैसे [[घनत्व]], आयतन, [[बल]] तथा [[शक्ति]] आदि को मापते हैं।
 
मापविज्ञान द्वारा अपरिवर्तनीय मानकों (standards) का निर्देश ही नहीं मिलता, वरन्‌ इन्हें कायम भी रखा जाता है। इन्हीं मानकों द्वारा हम वस्तुओं के गुणों की माप तथा तुलना भी करते हैं। दूसरा पक्ष यह है कि किसी कार्यविशेष को दृष्टि में रखकर मापविज्ञान से ऐसे तरीके प्राप्त होते हैं जिनसे तुलनाएँ काफी उच्च स्तर की शुद्धता तक की जा सकें। आधुनिक विज्ञान तथा उद्योगों में उपर्युक्त मौलिक तुलनाओं (fundamental comparisons) का अत्यंत शुद्ध होना आवश्यक है। माप पूर्णतया ठीक नहीं होती और निश्चित रूप से उसमें कुछ न कुछ प्रायोगिक गलती सदा ही रहती है। आजकल मापविज्ञान की अधिक मौलिक क्रियाओं में यथार्थता की निम्नलिखित सन्निकटताएँ (approximations) प्राप्त है:
 
=== इनवार (Invar) का व्यवहार ===
बहुत से कार्यों में, जहाँ अत्यंत ही यथार्थ माप की समस्या आ खड़ी होती है, वहाँ यह आवश्यक है कि हम ऐसे द्रव्य का व्यवहार करें जिसका तापीय प्रसार नाम मात्र का हो। ऐसी धातुओं की खोज हो चुकी है तथा इनमें से एक को 'इनवार' कहते हैं। यह निकल तथा इस्पात की मिश्रधातु है, जिसमें 36% निकल रहता है। दूसरी [[मिश्रातु|मिश्रधातु]] को स्टेबल इनवार (Stable invar) की संज्ञा दी गई है। इसमें थोड़ा क्रोमियम भी होता है। इस मिश्रधातु में साधारण इनवार की अपेक्षा यथेष्ट कम प्रसार होता है, तो भी इसको अचर के रूप में नहीं माना जा सकता।
 
=== संगलित सिलिका (frsed silica) तथा प्राकृतिक क्रिस्टल क्वार्ट्ज (crystal quartz) ===
 
== द्रव्यमान (संहति) का मानक ==
किसी भी प्राकृतिक मानक द्वारा अभी तक इकाई [[द्रव्यमान|संहति]] की परिभाषा देने का प्रयास नहीं किया गया। हम सभी लागों को यह ज्ञात है कि रेडियो सक्रिय पदार्थो की खोज में पहले संहति या द्रव्यमान पदार्थ का एक आवश्यक स्थिर गुण माना जाता था। बटखरों की संहति या द्रव्य मानक में परिवर्तन की आशंका अपघर्षण, ऑक्सीकरण तथा आर्द्रताग्राही अवशोषण के कारण ही संभव है। यदि द्रव्यों के मानकों का संरक्षण तथा उपयोग उचित सावधानी के साथ किया जाय, तो ये काफी हद तक भार की स्थिरता का प्रदर्शन करते हैं।
 
भार का आधारभूत मानकनिर्देश प्लैटिनम तथा इरीडियम मिश्रधातु का बना है। इसी मिश्रधातु का उपयोग 'राजकीय मानक पाउंड' तथा 'अंतरराष्ट्रीय आदि प्ररूप किलोग्राम' के निर्माण में किया गया है। कई वर्षों के बाद जब किलोग्राम की विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियों की पुनः तुलना की गई, तो यह ज्ञात हुआ कि स्थिरता का स्तर 108 में एक भाग तक है। इससे मानकों की यथार्यता ही नहीं वरन्‌ तुलनाओं की पूर्णता भी परिलक्षित होती है।
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[विधिक मापिकी|विधिक मापविज्ञान]] (लीगल मेट्रोलॉजी)
* [[मापन]]
 
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