"संघर्षी व्यंजन": अवतरणों में अंतर

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'''संघर्षी व्यंजन''' (fricative consonant) ऐसा [[व्यंजन वर्ण]] होता है जिसमें मुँह के दो [[उच्चारण स्थानोंस्थान]]ों को पास लाकर एक बहुत ही तंग खोल से हवा को बाहर धलेका जाए। मसलन निचले होंठ को ऊपर के दाँत से जोड़ने से "[[फ़]]" की ध्वनि या जिह्वा के पिछ्ले हिस्से को मुँह की छत के पिछले हिस्से से जोड़ने से "[[ख़]]" की ध्वनि (ध्यान दें कि बिना बिन्दु वाला [[ख]] एक संघर्षी व्यंजन नहीं है)। इसी तरह [[श]], [[ष]], [[थ़]] (बिन्दु वाला), [[झ़]] (बिन्दु वाला) और [[ज़]] भी संघर्षी व्यंजन हैं।<ref>John Esling (2010) "Phonetic Notation", in Hardcastle, Laver & Gibbon (eds) The Handbook of Phonetic Sciences, 2nd ed., p 695.</ref><ref>Ladefoged, Peter; Maddieson, Ian (1996). The Sounds of the World's Languages. Oxford: Blackwell. ISBN 0-631-19814-8.</ref> संघर्षी व्यंजनों कि विशेषता है कि उनकी ध्वनि को वायु-प्रवाह जारी रखकर लम्बे समय तक बिना रुके शुद्ध रूप से जारी रखा जा सकता है।<ref>"[https://books.google.com/books?id=_1T_Y1SuAekC&pg=PA21 The Morphology of Biblical Greek: A Companion to Basics of Biblical Greek and the Analytical Lexicon to the Greek New Testament]," William D. Mounce, Harper Collins, 1994, ISBN 9780310226369, ''... Whereas the time required to pronounce a stop is by definition very short, a fricative can be pronounced for a long time, until the speaker runs out of breath ...''</ref>
 
== इन्हें भी देखें ==
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