"एम॰ एस॰ सुब्बुलक्ष्मी" के अवतरणों में अंतर

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[[File:M. S. Subbulakshmi.jpg|thumb|एम॰ एस॰ सुब्बुलक्ष्मी ]]
श्रीमती '''मदुरै षण्मुखवडिवु सुब्बुलक्ष्मी''' ([[१६ सितम्बर|16 सितंबर]], [[१९१६|1916-]]-[[२००४|2004]]) [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] की मशहूर संगीतकार थीं। आप शास्तीय संगीत की दुनिया में '''एम. एस.''' अक्षरों से जानी जाती थी।
 
== जीवन ==
श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी का जन्म [[१६ सितम्बर|१६ सितंबर]] [[१९१६]] को [[तमिल नाडु|तमिलनाडु]] के [[मदुरई|मदुरै]] शहर में हुआ। आप ने छोटी आयु से संगीत का शिक्षण आरंभ किया और दस साल की उम्र में ही अपना पहला डिस्क रिकॉर्ड किया। इसके बाद आपनी मा [[शेम्मंगुडी श्रीनिवास अय्यर]] से [[कर्नाटक संगीत|कर्णाटक संगीत]] में, तथा [[पंडित नारायणराव व्यास]] से [[हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत|हिंदुस्तानी संगीत]] में उच्च शिक्षा प्राप्त की। आपने सत्रह साल की आयु में [[चेन्नई]] ही विख्यात 'म्यूज़िक अकाडमी' में संगीत कार्यक्रम पेश किया। इसके बाद आपने मलयालम से लेकर पंजाबी तक भारत की अनेक भाषाओं में गीत रिकॉर्ड किये।
 
== अभिनय ==
श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी ने कई फ़िल्मों में भी अभिनय किया। इनमें सबसे यादगार है [[१९४५]] के [[मीरा बाई|मीरा]] फ़िल्म में आपकी मुख्य भूमिका। यह फ़िल्म [[तमिल]] तथा [[हिन्दी]] में बनाई गई थी और इसमें आपने कई प्रसिद्ध [[मीरा भजन]] गाए।
 
== प्रशंसा ==
अनेक मशहूर संगीतकारों ने श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी की कला की तारीफ़ की है। [[लता मंगेशकर]] ने आपको 'तपस्विनी' कहा, [[बड़े ग़ुलाम अली ख़ान|उस्ताद बडे ग़ुलाम अली ख़ां]] ने आपको 'सुस्वरलक्ष्मी' पुकारा, तथा [[किशोरी आमोनकर]] ने आपको 'आठ्वां सुर' कहा, जो संगीत के सात सुरों से ऊंचा है। भारत के कई माननीय नेता, जैसे [[महात्मा गांधी]] और [[पंडित नेहरु]] भी आपके संगीत के प्रशंसक थे। एक अवसर पर महात्मा गांधी ने कहा कि अगर श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी 'हरि, तुम हरो जन की भीर' इस मीरा भजन को गाने के बजाय बोल भी दें, तब भी उनको वह भजन किसी और के गाने से अधिक सुरीला लगेगा। एम.एस.सुब्बालक्ष्मी को कला क्षेत्र में [[पद्म भूषण]] से [[१९५४]] में सम्मानित किया गया।
 
== [[संयुक्त राष्ट्र|संयुक्त राष्ट्र संघ]] में ==
आप पहली भारतीय हैं जिन्होंने [[संयुक्त राष्ट्र|संयुक्त राष्ट्र संघ]] ([[:en:United Nations]]) की सभा में संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया, तथा आप पहली स्त्री हैं जिनको कर्णाटक संगीत का सर्वोत्तम पुरस्कार, [[संगीत कलानिधि]] प्राप्त हुआ। [[१९९८]]में आपको भारत का सर्वोत्तम नागरिक पुरस्कार, [[भारत रत्‍न|भारत रत्न]] प्रदान किया गया। [[संयुक्त राष्ट्र|संयुक्त राष्ट्र संघ]] सुब्बुलक्ष्मी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में, एक डाक टिकट जारी करेगा<ref>http://www.samacharjagat.com/news/international/ms-subbulakshmi-will-issue-stamps-to-commemorate-the-centenary-of-the-birth-of-the-united-nations-79179</ref>
 
== जीवन लीला समापन ==
श्रीमती सुब्बुलक्ष्मी का देहांत [[२००४]] में चेन्नैई में हुआ।
== पुरस्कार/सम्मान ==
* [[१९५४|1954]] में [[पद्म भूषण|पद्मभूषण]]
* [[१९५६|1956]] में [[संगीत नाटक अकादमी|संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार]]
* [[१९६८|1968]] में [[संगीत कलानिधि]]
* [[१९७४|1974]] में [[मैग्सेसे एवॉर्ड]]
* [[१९७५|1975]] में [[पद्म-विभूषण]]
* [[१९८८|1988]] में [[कालीदास सम्मा]]न
* [[१९९०|1990]] में [[इंदिरा गांधी एवॉर्ड]]
भारत रत्न से सम्मानित होने वाली पहली संगीतज्ञ
 
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