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| birth_place = गोरी, टिफलिस राज्य, [[रूसी साम्राज्य]]
| death_date = {{Death date and age|1953|3|5|1878|12|18|df=y}}
| death_place = [[मास्को|मॉस्को]] के पास कुंटसेवो डाचा, रूसी एसएफएसआर, [[सोवियत संघ]]
| resting_place = क्रेमलिन वाल नेक्रोपॉलिस, मॉस्को, [[रूस|रूसी संघ]]
| party = [[सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी]]
| nationality = [[सोवियत संघ|सोवियत]]
}}
 
'''जोज़ेफ विसारिओनोविच स्टालिन''' ([[रूसी भाषा|रूसी]] : Ио́сиф Виссарио́нович Джугашвили) (1878-1953) [[सोवियत संघ]] का १९२२ से १९५३ तक नेता था। स्टालिन का जन्म गोरी जॉर्जिया में हुआ था।
 
== जीवनी ==
1924 में [[ब्रिटेन]] के प्रधानमंत्री ने रूस की सरकार को मान्यता दे दी। 1926 में सोवियत सरकार ने टर्की और जर्मनी आदि देशों से संधि की। 1934 ई. में रूस राष्ट्रसंघ का सदस्य बना। जब जर्मनी ने अपनी सैनिक शक्ति बढ़ा ली तो स्टालिन ने ब्रिटेन और फ्रांस से संधि करके रूस की सुरक्षा का प्रबंध किया। किंतु ब्रिटेन ने जब म्यूनिक समझौते से जर्मनी को मागें मान ली तो उसने 1939 में जर्मनी के साथ तटस्थता की संधि कर ली। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] के प्रारंभ में रूस ने [[जर्मनी]] का पक्ष लिया। जब जर्मनी ने रूस पर आक्रमण किया तो ब्रिटेन और अमरीका ने रूस की सहायता की। 1942 में रूस ने जर्मनी को आगे बढ़ने से रोक दिया और 1943-44 में उसने जर्मनी की सेनाओं को पराजित किया। 1945 में स्टालिन ने अपने आपको जेनरलिसिमो (generalissimo) घोषित किया।
 
फरवरी, 1945 में [[याल्टा सम्मेलन]] में रूस को [[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद|सुरक्षा परिषद]] में [[निषेधाधिकार]] (वीटो पॉवर) दिया गया। [[चेकोस्लोवाकिया]] से [[चीन]] तक रूस के नेतृत्व में साम्यवादी सरकारें स्थापित हो गईं। [[फ़्रान्स|फ्रांस]] और [[ब्रिटेन]] की शक्ति अपेक्षाकृत कम हो गई। 1947 से ही [[रूस]] और [[संयुक्त राज्य अमेरिका|अमरीका]] में [[शीतयुद्ध|शीत युद्ध]] प्रारंभ हो गया। साम्यवाद का प्रसार रोकने के लिए अमरीका ने यूरोपीय देशों की आर्थिक सहायता देने का निश्चय किया। उसी वर्ष रूस ने [[अंतरराष्ट्रीय साम्यवाद संस्था]] को पुनर्जीवित किया। स्टालिन के नेतृत्व में सोवियत रूस ने सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। वस्तुओं का उत्पादन बहुत बढ़ गया और साधारण नागरिक को शिक्षा, मकान, मजदूरी आदि जीवन की सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हो गईं।
 
== स्टालिन के कार्य ==
=== पंचवर्षीय योजनाओ का निर्माण ===
स्टालिन ने रूसी प्रगति के लिए [[आयोजन|नियोजन]] की प्रक्रिया पर बल दिया और इसके तहत 1925 ई. में उसने [[भारत का योजना आयोग|योजना आयोग]] की स्थापना की और [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] तक तीन पंचवर्षीय योजनाएं लागू की। प्रथम पंचवर्षीय योजना 1928 से 1932 ई. तक लागू रही जिसका उद्देश्य था, पूंजीवाद के अवशेषों का समाप्त करना, सोवियत रूस का औद्योगिकरण करना, कृषि का समूहीकरण एवं मशीनीकरण करना।
 
1932 ई. में दूसरी पंचवर्षीय योजना लागू हुई। इसमेंं उपभोत वस्तुओं के उत्पादन पर जोर दिया गया। फलतः रूसी जनता के रहन-सहन में सुधार होने लगा। साथ ही यातायात के साधनों और निवास स्थान के निर्माण की तरफ विशेष ध्यान दिया गया। चूंकि इसी समय जर्मनी में [[एडोल्फ़ हिटलर|हिटलर]] का उदय हुआ तथा उसने रूस पर आक्रमण की नीति अपनाई। अतः स्टालिन को उपभोक्ता वस्तुआें के निर्माण की बजाय अस्त्र-शस्त्र निर्माण पर ध्यान देना पड़ा। इस काल में रूस में लोहे-इस्पात तथा कोयले का उत्पादन कई गुना बढ़ गया। टै्रक्टर, रेल इंजन के निर्माण में वह अग्रणी देश बना। यही वजह है कि नाजी आक्रमण के दौरान रूस ने उसका सफलतापूर्वक सामना किया। इसी तरह 1938 ई.में द्वितीय विश्व युद्ध प्रारंभ हो जाने के कारण इसे स्थागित करना पड़ा।
 
=== कृषि क्षेत्र में सुधार ===
1918 में लेनिन के काल में जिस संविधान का निर्माण हुआ था उसे स्टालिन ने 1936 ई. में संशोधित कर नए संविधान के रूप में लागू किया। इसके तहत इनकी संसद का नाम "सुप्रीम सोवियत ऑफ द यूएसएसाअर" रखा गया। इसमें दो सदन होते थे जिनका कार्यकाल चार वर्ष निर्धारित था। 18 वर्षकी आयु वालों को मताधिकार दिया गया। नागरिको को काम पाने का अधिकार भी दिया गया।
 
इस प्रकार स्टालिन ने रूस को प्रगति के पथ पर अग्रसरित कर द्वितीय विश्वयुद्ध में [[नाज़ी जर्मनी|नाजी जर्मनी]] का मुकाबला करने हेतु तैयार किया। यह बात ठीक है कि उसने जोर जुल्म, आतंक राज्य तथा तानाशाही के माध्यम से नीतियों को लागू किया। वह निर्दय होकर देश के भीतरी दुश्मनों के समक्ष पेश हुआ। लेकिन यह भी सत्य है कि यदि वह ऐसा नहीं करता तो विश्व की एक मात्र मजदूरों की सरकार नाजियों के हाथ नष्ट हो जाती।
 
== इन्हें भी देखें ==
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