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[[File:Tortie-flame.jpg|thumb|right|alt=A cat with patches of orange and black fur. |इस [[बिल्ली]] की [[त्वचा]] के अलग भागों के अलग रंग उन स्थानों की [[कोशिकाओंकोशिका]]ओं में रंग से सम्बन्धित [[जीन (आनुवंशिकी)|जीनों]]ों के अलग-अलग व्यवहारों के कारण है। सामूहिक रूप से इन भिन्न व्यवहारों ने इस बिल्ली को धब्बेदार बना दिया है।]]
[[कोशिका विज्ञान]] और [[आनुवंशिकी|अनुवांशिकी]] में '''जीन व्यवहार''' (gene expression) वह प्रक्रिया होती है जिसमें किसी [[जीन]] में उपस्थित [[सूचना]] के प्रयोग से किसी [[जीन उत्पाद]] का निर्माण होता है।<ref name="Brueckner2009">{{cite journal | vauthors = Brueckner F, Armache KJ, Cheung A, Damsma GE, Kettenberger H, Lehmann E, Sydow J, Cramer P | title = Structure-function studies of the RNA polymerase II elongation complex | journal = Acta Crystallographica. Section D, Biological Crystallography | volume = 65 | issue = Pt 2 | pages = 112–20 | date = February 2009 | pmid = 19171965 | pmc = 2631633 | doi = 10.1107/S0907444908039875 }}</ref> यह उत्पाद अक्सर [[प्रोटीन]] होते हैं लेकिन कुछ जीनों का कार्य अंतरण [[राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल|आर॰ऍन॰ए॰]] (transfer RNA) की उत्पत्ति होता है।<ref name="K2007">{{cite journal | vauthors = Köhler A, Hurt E | title = Exporting RNA from the nucleus to the cytoplasm | journal = Nature Reviews. Molecular Cell Biology | volume = 8 | issue = 10 | pages = 761–73 | date = October 2007 | pmid = 17786152 | doi = 10.1038/nrm2255 }}</ref> विश्व के सभी ज्ञात [[जीवोंजीव]]ों की जीववैज्ञानिक प्रक्रियाओं के लिए जीन व्यवहार आवश्यक है। यह ज़रूरी नहीं है कि किसी जीव की जीनों में उपस्थित हर सम्भव जीन व्यवहार सक्रीय हो। कई जीन व्यवहार जीव की परिस्थितियों के आधार पर सकीय या असक्रीय होते हैं।<ref name="pmid15277516">{{cite journal | vauthors = Zaidi SK, Young DW, Choi JY, Pratap J, Javed A, Montecino M, Stein JL, Lian JB, van Wijnen AJ, Stein GS | title = Intranuclear trafficking: organization and assembly of regulatory machinery for combinatorial biological control | journal = The Journal of Biological Chemistry | volume = 279 | issue = 42 | pages = 43363–6 | date = October 2004 | pmid = 15277516 | doi = 10.1074/jbc.R400020200 }}</ref> मानवों में बालों का सफ़ेद हो जाने के पीछे साधारणत जीन व्यवहार होता है, जिसमें केश श्वेत कर देने का व्यवहार किसी परिस्थिति के कारण या बढ़ती आयु में स्वयं सक्रीय हो जाता है।<ref>"[https://www.independent.co.uk/news/science/going-grey-is-genetic-scientists-say-a6905591.html Going grey is genetic, scientists say]," Steve Connor, 1 March 2016, Independent (newspaper)</ref>
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[जीन]]
* [[डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल|डी॰ऍन॰ए॰]]
 
== सन्दर्भ ==
85,949

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