"2019–20 कोरोनावायरस महामारी" के अवतरणों में अंतर

 
वुहान के अस्पतालों में भर्ती कराए गए पहले 41 पुष्ट मामलों में से 13 (32%) व्यक्तियों में एक और पुरानी बीमारी थी, जैसे मधुमेह या उच्च रक्तचाप। कुल मिलाकर, 13 (32%) व्यक्तियों को गहन देखभाल की आवश्यकता थी, और 6 (15%) व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।<ref name="Huang24Jan20204">{{Cite journal|last=Huang|first=Chaolin|last2=Wang|first2=Yeming|last3=Li|first3=Xingwang|last4=Ren|first4=Lili|last5=Zhao|first5=Jianping|last6=Hu|first6=Yi|last7=Zhang|first7=Li|last8=Fan|first8=Guohui|last9=Xu|first9=Jiuyang|date=24 जनवरी 2020|title=Clinical features of patients infected with 2019 novel coronavirus in Wuhan, China|journal=Lancet|doi=10.1016/S0140-6736(20)30183-5|issn=0140-6736|pmid=31986264|last10=Gu|first10=Xiaoying|last11=Cheng|first11=Zhenshun}}</ref> जिन लोगों की मृत्यु हुई उनमें से कई की स्थिति अन्य थी जैसे कि अधिक उम्र, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, या हृदय रोग जो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली(इम्यून सिस्टम) को बिगड़ा था।<ref>{{Cite web|url=https://www.who.int/dg/speeches/detail/who-director-general-s-statement-on-the-advice-of-the-ihr-emergency-committee-on-novel-coronavirus|title=WHO Director-General's statement on the advice of the IHR Emergency Committee on Novel Coronavirus|website=who.int}}</ref>
 
'''इस बीमारी की शुरुआत :''' नया कोरोना वायरस 2019 के आखिर में अनजान कारणों से निमोनिया जैसी बीमारी से सामने आया। बाद में पता चला कि इस बीमारी का कारण सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 या सार्स कोरोना वायरस-2 है। इसमें शुरुआत में हल्की सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण प्रकट होते हैं। डब्लूएचओ के मुताबिक, कोरोना संक्रमित करीब 80 फीसद लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं। संक्रमित छह लोगों में से सिर्फ एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ता है और वह सांस लेने में तकलीफ होने की स्थिति तक पहुंचता है।
 
'''संक्रमण की चार श्रेणियां :''' प्रोफेसर विल्सन के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमित लोगों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है। पहली श्रेणी में वे लोग होते हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखता है। इसके आगे की श्रेणी में वे लोग हैं, जिनमें श्वसन नली के ऊपरी हिस्से में संक्रमण होता है। इस स्थिति में संक्रमित लोगों को बुखार, कफ, सिरदर्द या कंजक्टीवाइटिस (आंख संबंधी बीमारी) के लक्षण होते हैं। इन लक्षणों वाले लोग संक्रमण के वाहक होते हैं लेकिन संभवत: उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है। तीसरी श्रेणी में कोविड-19 पॉजिटिव लोग होते हैं, जिनमें निमोनिया जैसे लक्षण होते हैं और उन्हें अस्पताल में रहना होता है। चौथी श्रेणी के लोगों में निमोनिया जैसी बीमारी का गंभीर रूप दिखता है।
 
छह फीसद पीड़ित होते हैं गंभीर : वुहान में यह देखा गया कि टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए जिन लोगों ने इलाज कराया, उनमें से सिर्फ 6 फीसद लोगों की हालत गंभीर हुई। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुजुर्ग तथा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय तथा फेफड़े व मधुमेह के रोगियों में स्थिति गंभीर होने की ज्यादा संभावना रहती है।
 
कैसे होता है निमोनिया : कोविड-19 संक्रमितों को कफ और बुखार होता है। विल्सन के मुताबिक, ऐसा रेस्परेटरी ट्री तक संक्रमण होने से होता है। इसमें रेस्परेटरी लाइनिंग में जख्म हो जाता है, जिससे उसमें सूजन पैदा होती है। यह एयरवे की लाइनिंग में परेशानी पैदा करता है तथा धूल के एक कण से भी खांसी होने लगती है। हालत तब और बिगड़ जाती है, जब यह एयरलाइनिंग को पार कर गैस एक्सचेंज यूनिट तक पहुंचता है। यह यदि संक्रमित हो जाए तो फेफड़े के निचले हिस्से से वायु कोषों में सूजन पैदा करने वाली सामग्री उड़ेलने लगता है। वायु कोषों में सूजन के बाद द्रव तथा इनफ्लेमेटरी सेल्स फेफड़े में आने लगते हैं, जिसका परिणाम निमोनिया होता है। इस स्थिति में फेफड़ा रक्त प्रवाह से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पाता है और शरीर में ऑक्सीजन लेने तथा कार्बन डाइऑक्साइड के प्रभाव से बचने की क्षमता कम हो जाती है। यह निमोनिया की गंभीर स्थिति होती है।
 
== कारण ==
16

सम्पादन