"जहाँगीर" के अवतरणों में अंतर

369 बैट्स् जोड़े गए ,  8 माह पहले
 
सम्राट जहांगीर अपनी आत्मकथा 'तुजुक-ए-जहाँगीरी'में लिखते हैं कि गुलाब से इत्र निकलने की विधि नूरजहां बेगम की मां (अस्मत बेगम) ने आविष्कार किया था। जहांगीर चित्रकारी और कला का बहुत शौकीन था। उसने अपने हालात एक किताब तज्जुके जहांगीर में लिखे हैं। उसे शिकार से भी प्रेरित थी।अफीम और शराब के जादा सेवन के कारण अंतिम दिनों में बीमार रहता था। 28 अक्टूबर 1627 ई. में कश्मीर से वापस आते समय रास्ते में ही भीमवार नामक स्थान पर निधन हो गया। लाहौर के पास शहादरा में रावी नदी के किनारे दफनाया गया। जहांगीर के समय को चित्रकला का स्वर्णकाल कहा जाता है।
 
{{start}}
{{s-hou|[[मुग़ल साम्राज्य|मुगल वंश]]||[[३० अगस्त]] [[१५६९]]||[[८ नवम्बर]] [[१६२७]]}}
{{s-reg|}}
{{s-bef|before=[[अकबर]]}}
{{s-ttl|title=[[मुगल सम्राट]]|years=[[१६०५]]-[[१६२७]]}}
{{s-aft|after=[[शाहजहां]]}}
{{end}}
 
== मुग़ल सम्राटों का कालक्रम ==