"खगोल शास्त्र" के अवतरणों में अंतर

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मान लीजिए, ब्रह्मांड के किसी और नक्षत्रों आदि के बाद बहुत दूर दूर तक कुछ नहीं है, लेकिन यह बात अंतिम नहीं हो सकती है। यदि उसके बाद कुछ है तो तुरंत यह प्रश्न सामने आ जाता है कि वह कुछ कहाँ तक है और उसके बाद क्या है? इसीलिए हमने इस ब्रह्मांड को अनादि और अनंत माना। इसके अतिरिक्त अन्य शब्दों में ब्रह्मांड की विशालता, व्यापकता व्यक्त करना संभव नहीं है।
[[File:Observable_Universe_Hindi_Annotations.png|upright=1.4|thumb|अवलोकनीय ब्रह्मांड का लघुगणक प्रतिनिधित्व। उल्लेखनीय खगोलीय पिंडों की व्याख्या की जाती है। इस छवि को असेंबल करने के लिए उपयोग की जाने वाली तस्वीरें मुख्य रूप से हबल स्पेस टेलीस्कोप से हैं।]]
 
अंतरिक्ष में कुछ स्थानों पर [[दूरदर्शी]] से गोल गुच्छे दिखाई देते हैं। इन्हें स्टार क्लस्टर या ग्लीट्य्रूलर स्टार अर्थात् तारा गुच्छ कहते हैं। इसमें बहुत से तारे होते हैं जो बीच में घने रहते हैं और किनारे बिरल होते हैं। टेलिस्कोप से आकाश में देखने पर कहीं कहीं कुछ धब्बे दिखाई देते हैं। ये बादल के समान बड़े सफेद धब्बे से दिखाई देते हैं। इन धब्बों को ही [[निहारिका|नीहारिका]] कहते हैं। इस ब्रह्मांड में असंख्य नीहारिकाएँ हैं। उनमें से कुछ ही हम देख पाते हैं।
 
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