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राम नवमी का त्यौहार हर साल मार्च - अप्रैल महीने में मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राम नवमी का इतिहास क्या है? राम नवमी का त्यौहार पिछले कई हजार सालों से मनाया जा रहा है। राम नवमी का त्यौहार भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
 
महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा [[दशरथ]] की तीन पत्नियाँ थीं लेकिन बहुत समय तक कोई भी राजा दशरथ को संतान का सुख नहीं दे पायी थी। जिससे राजा दशरथ बहुत परेशान रहते थे। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ को ऋषि वशिष्ठ नेनेचैत्रे कमेष्टिनवम्यां यज्ञप्राक् करानेपक्षे कोदिवा विचारपुण्ये दिया।पुनर्वसौ इसके पश्चात् राजा दसरथ ने महर्षि रुशया शरुंगा से यज्ञ कराया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.punjabkesari.in/dharm/news/ram-navami-on-25th-march-773018|title=रामनवमी का इतिहास|last=|first=|date=|website=पंजाब केसरी|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>
उदये गुरुगौरांश्चोः स्वोच्चस्थे ग्रहपञ्चके ॥
मेषं पूषणि सम्प्राप्ते लग्ने कर्कटकाह्वये ।
आविरसीत्सकलया कौसल्यायां परः पुमान् ॥ (निर्णयसिन्धु) कमेष्टि यज्ञ कराने को विचार दिया। इसके पश्चात् राजा दसरथ ने महर्षि रुशया शरुंगा से यज्ञ कराया।<ref name=":0">{{Cite web|url=https://www.punjabkesari.in/dharm/news/ram-navami-on-25th-march-773018|title=रामनवमी का इतिहास|last=|first=|date=|website=पंजाब केसरी|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>
 
यज्ञ समाप्ति के बाद महर्षि ने दशरथ की तीनों पत्नियों को एक-एक कटोरी खीर खाने को दी। खीर खाने के कुछ महीनों बाद ही तीनों रानियाँ गर्भवती हो गयीं। ठीक 9 महीनों बाद राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी [[कौशल्या]] ने राम को जो भगवान [[विष्णु]] के सातवें अवतार थे, [[कैकेयी|कैकयी]] ने [[भरत]] को और [[सुमित्रा]] ने जुड़वा बच्चों [[लक्ष्मण]] और [[शत्रुघ्न]] को जन्म दिया। भगवान राम का जन्म धरती पर दुष्ट प्राणियों को खत्म करने के लिए हुआ था।<ref name=":0" />
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