"अष्ट सिद्धि" के अवतरणों में अंतर

13 बैट्स् नीकाले गए ,  5 माह पहले
{{अनेक समस्याएँ}} → {{Multiple issues}} एवं सामान्य सफाई
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
({{अनेक समस्याएँ}} → {{Multiple issues}} एवं सामान्य सफाई)
{{Multiple issues|
{{अनेक समस्याएँ|स्रोतहीन=दिसम्बर 2017}}
{{स्रोतहीन|date=दिसम्बर 2017}}
}}
 
अष्ट सिद्धि का [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] मे [[श्लोक]] इस प्रकार है।
 
८. '''वशित्व''' : वशित्व प्राप्त करने के पश्चात साधक किसी भी व्यक्ति को अपना दास बनाकर रख सकता हैं। वह जिसे चाहें अपने वश में कर सकता हैं या किसी की भी पराजय का कारण बन सकता हैं।
 
[[श्रेणी:सिद्धियाँ]]
[[श्रेणी:आध्यात्मिकता]]
 
==इन्हें भी देखें==
[[ नव निधि ]]
 
==सन्दर्भ==
[[भागवत पुराण|श्रीमद्भागवत पुराण]]
 
[[श्रेणी:सिद्धियाँ]]
[[श्रेणी:आध्यात्मिकता]]
24,239

सम्पादन