"फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी" के अवतरणों में अंतर

 
=== '''सूरत में फ्रेंच फैक्टरी की स्थापना''' ===
सूरत [[मुग़ल साम्राज्य|मुगल-साम्राज्य]] का प्रसिद्ध बन्दरगाह और संसार का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र था। 1612 ई. और 1618 ई. में यहाँ [[अंग्रेज़]] और [[डच]] फैक्टरियों की स्थापना हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त मिशनरी, यात्री और व्यापारियों के द्वारा [[फ्रांसीसी भारत|फ्रांसीसियों]] को मुग़ल-साम्राज्य और उसके बन्दरगाह सूरत के विषय में विस्तृत जानकारी मिल चुकी थी। थेबोनीट, बर्नियर और टेवर्नियर फ्रांस के थे जिन्होंने अपने देशवासियों को भारत के बारे में जानकारी दी है। अत: कम्पनी ने [[सूरत]] में अपनी फैक्टरी स्थापित करने का निश्चय किया इस हेतु अपने दो प्रतिनिधि भेजे जो [[मार्च]] [[१६६६|1666]] ई. में [[सूरत]] पहुँचे। सूरत गवर्नर ने इन प्रतिनिधियों का स्वागत किया, परन्तु पहले स्थापित [[अंग्रेज़|इंगलिश]] और डच फैक्टरी के कर्मचारियों को एक नये प्रतियोगी का आना अच्छा नहीं लगा। ये प्रतिनिधि सूरत से [[आगरा]] पहुँचे, उन्होंने लुई-चौदहवें के व्यक्तिगत पत्र को [[औरंगज़ेब|औरंगजेब]] को दिया और इन्हें सूरत में फैक्टरी स्थापित करने की आज्ञा मिल गयी। कम्पनी ने केरोन को सूरत भेजा और इस प्रकार 1668 ई. में [[भारत]] में [[सूरत]] के स्थान पर प्रथम फ्रेंच फैक्टरी की स्थापना हुई।<ref name="booneshares.com">{{cite web|url=http://www.booneshares.com/Indes.htm|title=The Compagnie des Indes|year=2001|accessdate=2008-03-06|author=Shakespeare, Howard |archiveurl = https://web.archive.org/web/20071225184121/http://www.booneshares.com/Indes.htm <!-- Bot retrieved archive --> |archivedate = 2007-12-25}}</ref>
 
=== '''व्यापारिक शत्रुता''' ===