"राजेन्द्रलाल मित्र" के अवतरणों में अंतर

सम्पादन सारांश रहित
| religion = [[Hinduism]]
}}
'''राजा राजेन्द्रलाल मित्र''' (1823 या 1824 – 1891) [[भारत]] में जन्मे प्रथम आधुनिक [[भारतविद्या|भारतविद]] एवं [[बहुज्ञ]] थे। वे [[बंगाल का नवजागरण|बंगाल के पुनर्जागरण]] के भी अग्रदूत थे।<ref>Bhattacharya, Krishna (2015). [http://shodhganga.inflibnet.ac.in/bitstream/10603/156642/6/06_chapter%202.pdf "Early Years of Bengali Historiography"] (PDF). Indology, historiography and the nation : Bengal, 1847-1947. Kolkata, India: Frontpage. ISBN 978-93-81043-18-9. OCLC 953148596.</ref> वे बंगाल के वैज्ञानिक इतिहास के प्रथम रचयिता थे। उन्होने पुरातत्त्वविद के रूप में भी ख्याति अर्जित की थी। वे एक [[बहुज्ञ]] थे। इनकी योग्यता के कारण सरकार ने पहले उन्हें 'रायबहादुर' और 1888 में 'राजा' की उपाधि दे कर सम्मानित किया था।
 
==प्राथमिक जीवन==
राजा राजेन्द्रलाल मित्र का जन्म १६ फरवरी, १८२२ को पूर्वी [[kकोलकाता|कलकता]] के सुरा (वर्तमान समय का बेलियाघाटा) नामक स्थान में हुआ था।<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Rajendralal_Mitra#CITEREFSur1974 Sur 1974], p. 370.</ref> उनके पिता का नाम जन्मजय मित्र था। अपने पिता के छः पुत्रों में से वे तृतीय थे, इसके अलावा उनकी एक बहन भि थीं। राजेन्द्रलाल छोटी उम्र से ही अपनी बिधबा और निःसन्तान मौसी के पास रहकर बड़े हुए। <ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Rajendralal_Mitra#CITEREFRay1969 Ray 1969], p. 32.</ref>
 
अपनी प्राथमिक शिक्षा बांग्ला की एक ग्राम पाठशाला से लेने के बाद<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Rajendralal_Mitra#CITEREFRay1969 Ray 1969], p. 32.</ref> पाथुरियाघाटा के एक गैर-सरकारी अंग्रेजी-माध्यमिक विद्यालय से उन्होने शिक्षा ग्रहण की। लगभग १० वर्ष की उम्र से उन्होने कलकाता के हिन्दु स्कुल में पढ़ना शुरू किया। इसके बाद उनकी शिक्षा दिशाहीन हो गयी। यद्यपि उन्होने १८३७ के दिसम्बर में कलकाता मेडिकल कालेज में प्रवेश ले लिया था, किन्तु १८१४ में किसी विवाद में आने से उन्हें उसे छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होने कानून की शिक्षा लेना आरम्भ किया किन्तु उसे भी ज्यादा दिन नहीं चला सके। इसके बाद वे भाषा सीखने लगे और उन्होने [[ग्रीक]], [[लातिन]], [[फारसी]], जर्मन का एक साथ अध्ययन शुरू किया। इसका परिणाम हुआ कि वे एक भाषाशास्त्री बन गए।<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Rajendralal_Mitra#CITEREFRay1969 Ray 1969], p. 32.</ref><ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Rajendralal_Mitra#CITEREFSur1974 Sur 1974], p. 370.</ref>