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===कुशीनगर का प्राचीन वर्णन===
[[चित्र:Conjectural reconstruction of the main gate of Kusinagara circa 500 BCE adapted from a relief at Sanchi.jpg|right|thumb|350px| ईसापूर्व ५०० में कुशीनगर का मुख्य द्वार ([[सांची]] के कुशीनगर के चित्र के आधार पर कल्पित) ]]
कुशीनगर उत्तरी भारत का एक प्राचीन नगर है जो [[मल्ल महाजनपद|मल्ल गण]] की [[राजधानी]] था। [[दीघनिकाय]] में इस नगर को 'कुशीनारा' कहा गया है (दीघनिकाय २।१६५)। इसके पूर्व इसका नाम 'कुशावती' था। कुशीनारा के निकट एक सरिता 'हिरञ्ञ्वाती' (हिरण्यवती) का बहना बताया गया है। इसी के किनारे [[मल्ल|मल्लों]] का [[साल (वृक्ष)|शाल]] वन था। यह नदी आज की [[छोटी गंडक]] है जो [[बड़ी गंडक]] से लगभग १२ किलोमीटर पश्चिम बहती है और [[सरयू]] में आकर मिलती है। बुद्ध को कुशीनगर से [[राजगृह]] जाते हुए ककुत्था नदी को पार करना पड़ा था। आजकल इसे [[बरही नदी]] कहते हैं और यह कुशीनगर से १२ किमी की दूरी पर बहती है।