"नौसैनिक तोपखाना" के अवतरणों में अंतर

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[[Image:BB61 USS Iowa BB61 broadside USN.jpg|right|thumb|300px|BB61 USS Iowa BB61 पर तोपखाने का परीक्षण (१५ अगस्त, १९८४ ; [[पोर्टो रिको]])]]
[[चित्र:Batterie inférieure - Victory.jpg|right|thumb|300px|एच एम एस विक्ट्री का गन-डेक (Gun Deck)]]
'''नौसैनिक तोपखाना''' (Naval artillery) वह [[तोपखाना]] है जो [[युद्धपोत|युद्धपोतों]] पर लगा होता है। पहले इसका उपयोग केवल [[नौसैनिक युद्ध]] में किया जाता था किन्तु बाद में समुद्रतट पर बमबारी करने के लिए तथा वायुयानों को मार-गिराने के लिए भी किया जाने लगा। नौसैनिक तोपखाने के अन्तर्गत प्रायः नालों से छोड़े गए प्रक्षेपात्रो को सम्मिलित किया जाता है जबकि [[टॉरपीडो]], [[रॉकेट]] और मिसाइल आदि इसके अन्तर्गत नहीं आते। परम्परागत नाविक तोपंदाजी अपने उत्कर्ष पर पहुँच चुकी हैं और अब हम नियंत्रित अस्त्र-शस्त्र (guided missiles) के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
 
===गोलाबारी नियंत्रण का हल===
[[Image:Robins gunnery.jpg|right|thumb|300px|तोपखाने पर बहुत से प्रयोग करने के बाद ब्रितिश इंजीनियर बेंजामिन रोबिन्स ने सन १७४२ में में तोपखाने के ने सिद्धान्त (New Principles in Gunnery) नामक पुस्तक लिखी जिसमें तोपखाने के सभी वैज्ञानिक पहलुओं का वर्णन था। यह पुस्तक यूरोप के नौसैनिक तोपखाने के विकास में बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध हुई।]]
लक्ष्य और जहाज दोनों चलते रहते हैं। इसलिए किसी निश्चित लक्ष्य पर तोप छोड़ने पर वह लक्ष्य से पूर्णतया चूक जाएगा, क्येंकि गोले के लक्ष्य तक पहुँचते पहुँचते लक्ष्य ऐसी स्थिति में आ जाएगा जिसे भावी स्थिति कहते हैं। संगणक प्राप्य आँकड़ों से लक्ष्य की भावी स्थिति की प्राग्युक्ति और लक्ष्य करने के लिए आवश्यक तोप उत्थापन या तोप विनयन की गणना करता है। अर्थ यह हुआ कि वांछित परिणा प्राप्त करने लिए दर्शा (sight) उत्थापन और दर्शा विनयन का संशोधन आवश्यक है। इसकी विधियाँ हैं :