"बुलन्दशहर" के अवतरणों में अंतर

1,585 बैट्स् नीकाले गए ,  1 वर्ष पहले
छो
2401:4900:30D5:E47D:901:722C:2242:ED7 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 4711975 को पूर्ववत किया
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छो (2401:4900:30D5:E47D:901:722C:2242:ED7 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 4711975 को पूर्ववत किया)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन किए हुए कार्य को पूर्ववत करना उन्नत मोबाइल सम्पादन
== उद्योग और व्यापार ==
कुछ स्थानों पर किसानों के परिश्रम से भूमि कृषि योग्य कर ली गई है। यहाँ की मुख्य उपजें गेहूँ, चना, मक्का, जौ, ज्वार, बाजरा, कपास एव गन्ना आम आदि हैं। बुगरासी में आम के बाग विदेशों तक मशहूर है। सूत कातने, कपड़े बनाने का काम जहाँगीराबाद में, बरतनों का काम खुर्जा, लकड़ी का काम बुलंदशहर व शिकारपुर में होता है। कांच से चूड़ियाँ, बोतलें आदि भी बनती हैं। करघे से कपड़ा बुना जाता है। नगर बुलन्दशहर में पानी के हेंडपम्प बनाने की भी कई ईकाई है। खुर्जा व बुलन्दशहर नगर में कई नामी आयुर्वेदिक चिकित्सक भी रहे हैं। खुर्जा चीनी मिट्टी के काम व बिजली के विभिन्न उपकरण भी बनाने के लिए पहचाना जाता है।
 
== नामचीन शख्सियते ==
[[सोनल चौहान]], अभिनेत्री
 
[[बनारसी दास]], पूर्व मुख्‍यमंत्री
 
[[आरिफ़ मोहम्मद ख़ान]], [[भारतीय]] राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान [[केरल के राज्यपालों की सूची|केरल के राज्यपाल]] हैं।
 
[[आरफ़ा ख़ानम शेरवानी]], 2014 के अफ़गानिस्तानी चुनावों की रिपोर्टिंग करने वाली एकमात्र भारतीय पत्रकार थीं। ''दि वायर'' के लिए वरिष्ठ संपादक हैं।
 
[[कुलदीप राघव]], [[भारत|भारतीय]] [[कहानीकार]] और [[पत्रकार]]। नरेंद्र मोदी-एक शोध, आई लव यू और इश्क़ मुबारक जैसी चर्चित किताबें लिख चुके हैं। साल 2011 से पत्रकारिता में सक्रिय, अमर उजाला और दैनिक भास्‍कर जैसे मीडिया संस्‍थानों में काम करने के बाद वर्तमान में टाइम्‍स नाऊ हिंदी से जुड़े हुए हैं।
 
== तथ्य ==
397

सम्पादन