"पतञ्जलि योगसूत्र": अवतरणों में अंतर

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'''[[योगभाष्य]]''' : परम्परानुसार [[वेद व्यास]] इसके रचयिता माने जाते हैं। इसका रचना-काल 200-400 ईसा पूर्व का माना जाता है। यह योगसूत्र का सबसे पुराना भाष्य है। यह कहना कठिन है कि योगभाष्य अलग रचना है या योगसूत्र का पतञ्जलि द्वारा ही रचित अभिन्न अंग।<ref>Bryant, Edwin F. The Yoga Sutras of Patañjali: A New Edition, Translation, and Commentary; Introduction</ref>
 
'''विवरण''' : इसके रचयिता कोई 'शंकर' हैं। यह सम्भवतः [[आदि शंकराचार्य|आदि शंकर]] से अलग हैं।
 
'''[[तत्त्ववैशारदी]]''' : पतंजलि योगसूत्र के व्यास भाष्य के प्रामाणिक व्याख्याकार के रूप में [[वाचस्पति मिश्र]] का 'तत्त्ववैशारदी' प्रमुख ग्रंथ माना जाता है। वाचस्पति मिश्र ने योगसूत्र एवं व्यास भाष्य दोनों पर ही अपनी व्याख्या दी है। तत्त्ववैशारदी का रचना काल 841 ईसा पश्चात माना जाता है।
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