"पतञ्जलि योगसूत्र": अवतरणों में अंतर

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'''योगसूत्र''', [[योग दर्शन]] का मूल ग्रंथ है। यह [[भारतीय दर्शन|छः दर्शनों]] में से एक शास्त्र है और [[योगशास्त्र]] का एक ग्रंथ है। योगसूत्रों की रचना ३००० साल के पहले [[पतंजलि]] ने की। इसके लिए पहले से इस विषय में विद्यमान सामग्री का भी इसमें उपयोग किया।<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWujastyk2011 Wujastyk 2011] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170930021836/https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWujastyk2011 |date=30 सितंबर 2017 }}, p. 33.</ref> योगसूत्र में चित्त को एकाग्र करके [[ईश्वर]] में लीन करने का विधान है। [[पतंजलि]] के अनुसार '''चित्त की वृत्तियों को चंचल होने से रोकना''' (''चित्तवृत्तिनिरोधः'') ही योग है। अर्थात मन को इधर-उधर भटकने न देना, केवल एक ही वस्तु में स्थिर रखना ही योग है।
 
योगसूत्र मध्यकाल में सर्वाधिक [[अनुवाद|अनूदित]] किया गया प्राचीन भारतीय ग्रन्थ है, जिसका लगभग ४० भारतीय भाषाओं तथा दो विदेशी भाषाओं (प्राचीन [[जावा भाषा]] एवं [[अरबी]] में अनुवाद हुआ।<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWhite2014 White 2014] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170930021836/https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWhite2014 |date=30 सितंबर 2017 }}, p. xvi.</ref> यह ग्रंथ १२वीं से १९वीं शताब्दी तक मुख्यधारा से लुप्तप्राय हो गया था किन्तु १९वीं-२०वीं-२१वीं शताब्दी में पुनः प्रचलन में आ गया है।<ref>[https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWhite2014 White 2014] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170930021836/https://en.wikipedia.org/wiki/Yoga_Sutras_of_Patanjali#CITEREFWhite2014 |date=30 सितंबर 2017 }}, p. xvi-xvii, 20-23.</ref>
 
==परिचय==
::'''कुल सूत्र = १९५ '''
 
इन पादों में योग अर्थात् ईश्वर-प्राप्ति के उद्देश्य, लक्षण तथा साधन के उपाय या प्रकार बतलाये गये हैं और उसके भिन्न-भिन्न अंगों का विवेचन किया गया है। इसमें चित्त की भूमियों या वृत्तियों का भी विवेचन है। इस योग-सूत्र का प्राचीनतम भाष्य [[वेदव्यास]] का है जिस पर वाचस्पति का वार्तिक भी है। योगशास्त्र नीति विषयक उपदेशात्मक काव्य की कोटि में आता है।<ref>{{cite web |url= http://www.pustak.org/bs/home.php?mean=65047|title= योग-दर्शन|access-date= [[१ फ़रवरी]] [[2008]]|format= पीएचपी|publisher= भारतीय साहित्य संग्रह|language= |archive-url= https://web.archive.org/web/20150924083327/http://www.pustak.org/bs/home.php?mean=65047|archive-date= 24 सितंबर 2015|url-status= dead}}</ref>
 
यह धार्मिक ग्रंथ माना जाता है लेकिन इसका धर्म किसी देवता पर आधारित नहीं है। यह शारीरिक योग मुद्राओं का शास्त्र भी नहीं है। यह आत्मा और परमात्मा के योग या एकत्व के विषय में है और उसको प्राप्त करने के नियमों व उपायों के विषय में। यह '''अष्टांग योग''' भी कहलाता है क्योंकि अष्ट अर्थात आठ अंगों में पतंजलि ने इसकी व्याख्या की है। ये आठ अंग हैं- '''यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि''' ।
*[[हठयोगप्रदीपिका]]
*[[भोजवृत्ति]]
*https://web.archive.org/web/20190420013103/https://www.myyogasutra.in/
 
== बाहरी कड़ियाँ ==
* [https://sa.wikisource.org/wiki/योगसूत्राणि_(भाष्यसहितम्) योगसूत्राणि (भाष्यसहितम्)] (संस्कृत विकिस्रोत)
* [https://web.archive.org/web/20150412122608/http://www.arlingtoncenter.org/Sanskrit-English.pdf योगसूत्र] (संस्कृत सूत्र तथा अंग्रेजी व्याख्या)
* [https://sa.wikisource.org/wiki/चतुरध्यायात्मक-पातञ्जल-योग-सूत्रम् चतुरध्यायात्मक-पातञ्जल-योग-सूत्रम्] (संस्कृत विकिस्रोत)
* [httphttps://wwwweb.archive.org/web/20090615005352/http://mantra.org.in/index.htm A Concise Encyclopedia of Yoga]
* [httphttps://wwwweb.archive.org/web/20100916174222/http://artoflivingyoga.org/hn/ योग] (प्रचुर सामग्री; आर्ट ऑफ लिविंग के जालघर पर)
* [https://web.archive.org/web/20110303120843/http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/story/2007/11/071122_yoga_israel.shtml हिब्रू भाषा में योग सूत्र का अनुवाद] (बीबीसी हिन्दी)
*
[https://hindi-main-yoga.blogspot.com/2020/01/yoga-sutras-of-patanjali-in-hindi.html पतंजलि के योग सूत्र ]
1,20,109

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