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| population_as_of = २०१६
| population_rank = [[जनसंख्या के आधार पर भारत के राज्य और संघ क्षेत्र
|२३वां]]<ref name="census2011.co.in">{{cite web |url=http://www.census2011.co.in/states.php |title=List of states with Population, Sex Ratio and Literacy Census 2011 |publisher=Census2011.co.in |date= |accessdate=2012-11-09 |archive-url=https://web.archive.org/web/20140214170814/http://www.census2011.co.in/states.php |archive-date=14 फ़रवरी 2014 |url-status=live }}</ref>
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| blank1_name_sec2 = {{nowrap|[[आधिकारिक भाषा]]}}
| blank1_info_sec2 = [[गारो भाषा|गारो]] एवं [[खासी भाषा|खासी भाषाएं]]<ref name=langoff>{{cite web |url=http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM47thReport.pdf |title= Report of the Commissioner for linguistic minorities: 47th report (July 2008 to June 2010) |pages=84–89 |publisher=Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India |accessdate=16 February 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20120513161847/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM47thReport.pdf |archive-date=13 मई 2012 |url-status=dead }}</ref>
| website = [http://meghalaya.gov.in meghalaya.gov.in]
| footnotes = {{ref|cap|†}} इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्संगठन) अधिनियम १९७१ के अन्तर्गत १९७१ में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला
}}
'''मेघालय''' ({{IPAc-en|UK|m|eɪ|ˈ|g|ɑː|l|ə|j|ə}}, {{IPAc-en|US|ˌ|m|eɪ|g|ə|ˈ|l|eɪ|ə}}) [[पूर्वोत्तर भारत]] का एक राज्य है जिसका शाब्दिक अर्थ है बादलों का घर। २०१६ के अनुसार यहां की जनसंख्या ३२,११,४७४ है<ref name=":2">{{cite web|url=http://pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014031002.pdf|title=Fact sheet on meghalaya|date=March 10, 2014|accessdate=September 12, 2014|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304024544/http://pib.nic.in/archieve/others/2014/mar/d2014031002.pdf|archive-date=4 मार्च 2016|url-status=live}}</ref> एवं विस्तार २२,० वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में है, जिसका लम्बाई से चौडाई अनुपात लगभग ३:१ का है।<ref name="ibef">[http://www.ibef.org/download/Meghalaya-110313.pdf मेघालय] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130903215532/http://www.ibef.org/download/Meghalaya-110313.pdf |date=3 सितंबर 2013 }} इण्डिया ब्राण्ड इक्विटी फ़ाउण्डेशन, ्भारत (२०१३) {{अंग्रेज़ी}}</ref> राज्य का दक्षिणी छोर [[मयमनसिंह विभाग|मयमनसिंह]] एवं [[सिलहट विभाग|सिलहट]] बांग्लादेशी विभागों से लगता है, पश्चिमी ओर [[रंगपुर विभाग|रंगपुर]] बांग्लादेशी भाग तथा उत्तर एवं पूर्वी ओर भारतीय राज्य [[असम]] से घिरा हुआ है। राज्य की राजधानी [[शिलांग]] है। भारत में [[ब्रिटिश राज]] के समय तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा इसे "'''पूर्व का स्काटलैण्ड"''' संज्ञा दी गयी थी।<ref name="akrl">आर्नोल्ड पी. कामिन्स्की एवं रॉजर डी. लॉन्ग (२०११), [[इण्डिया टुडे]]: एन एन्साय्क्लोपीडिया ऑफ़ लाइफ़ इन रिपब्लिक [ ''An Encyclopedia of Life in the Republic'',] {{ISBN|978-0313374623}}, पृष्ठ॰ ४५५-४५९</ref> मेघालय पहले असम राज्य का ही भाग था, २१ जनवरी १९७२ को असम के [[खासी एवं जयंतिया पहाड़ियाँ|खासी]], [[गारो पहाड़ियाँ|गारो]] एवं [[जयन्तिया हिल्स जिला|जैन्तिया]] पर्वतीय जिलों को काटकर नया राज्य मेघालय अस्तित्व में लाया गया। यहां की आधिकारिक भाषा [[अंग्रेजी]] है। इसके अलावा अन्य मुख्यतः बोली जाने वाली भाषाओं में [[खासी भाषा|खासी]], [[गारो भाषा|गारो]], [[प्नार भाषा|प्नार]], [[बियाट भाषा|बियाट]], [[हाजोंग|हजोंग]] एवं [[बंगाली भाषा|बांग्ला]] आती हैं। इनके अलावा यहां हिन्दी भी कुछ कुछ बोली समझी जाती है जिसके बोलने वाले मुख्यतः शिलांग में मिलते हैं। भारत के अन्य राज्यों से अलग यहां [[मातृवंशीय]] प्रणाली चलती है, जिसमें वंशावली मां (महिला) के नाम से चलती है और सबसे छोटी बेटी अपने माता पिता की देखभाल करती है तथा उसे ही उनकी सारी सम्पत्ति मिलती है।<ref name="akrl" />
 
यह राज्य भारत का [[आर्द्रता|आर्द्रतम]] क्षेत्र है, जहां वार्षित औसत वर्षा {{convert|12000|mm|in|abbr=on}} दर्ज हुई है।<ref name="ibef" /> राज्य का ७०% से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है।<ref name="Meghalaya and Its Forests">[http://www.megforest.gov.in/megfor_extent_forest.htm Meghalaya and Its Forests] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140822010308/http://www.megforest.gov.in/megfor_extent_forest.htm |date=22 अगस्त 2014 }} Government of Meghalaya (2012); Quote – total forest area is 69.5%</ref> राज्य में मेघालय [[उपोष्णकटिबंधीय]] वन पर्यावरण क्षेत्रों का विस्तार है, यहां के पर्वतीय वन उत्तर से दक्षिण के अन्य निचले क्षेत्रों के [[उष्णकटिबन्धीय जलवायु|उष्णकटिबन्धीय वनों]] से पृथक हैं। ये वन [[स्तनधारी]] पशुओ, पक्षियों तथा वृक्षों की [[जैव विविधता|जैवविविधता]] के मामलों में विशेष उल्लेखनीय हैं।
 
मेघालय में मुख्य रूप से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था(''अग्रेरियन'') है जिसमें वाणिज्यिक वन उद्योग का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहां की मुख्य फ़सल में [[आलू]], [[चावल]], [[मक्का]], [[अनानास|अनान्नास]], [[केला]], [[पपीता]] एवं [[दालचीनी]], [[हल्दी]] आदि बहुत से [[मसाला|मसाले]], आदि हैं। सेवा क्षेत्र में मुख्यतः अचल सम्पत्ति एवं बीमा कम्पनियां हैं। वर्ष २०१२ के लिये मेघालय का [[सकल घरेलू उत्पाद|सकल राज्य घरेलू उत्पाद]] {{INRConvert|16173|c}} अनुमानित था। राज्य भूगर्भ सम्पदाओं की दृष्टि से खनिजों से सम्पन्न है किन्तु अभी तक इससे सम्बन्धित कोई उल्लेखनीय उद्योग चालू नहीं हुए हैं।<ref name="akrl" /> राज्य में लगभग {{convert|1,170|km|mi|abbr=on}} लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। यह बांग्लादेश के साथ व्यापार के लिए एक प्रमुख लाजिस्टिक केंद्र भी है।<ref name="ibef" />
 
== नामकरण ==
मेघालय<ref name=":0">{{cite web|url=http://www.oxforddictionaries.com/definition/english/Meghalaya|title=ऑक्स्फ़ोर्ड शब्दकोश में अंग्रेज़ी में मेघालय का अर्थ [Definition of Meghalaya in English from the Oxford Dictionary]|last=|first=|date=|work=[[ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20150402101655/http://www.oxforddictionaries.com/definition/english/Meghalaya|archive-date=2 अप्रैल 2015|dead-url=|accessdate=1 April 2015|url-status=live}}</ref> शब्द का शब्दिक अर्थ है: [[बादल|मेघों]] का आलय या घर।<ref name=":1">{{cite web|url=http://dictionary.reference.com/browse/Meghalaya|title=Meghalaya &#124; Define Meghalaya at Dictionary.com|date=2014-07-14|website=Dictionary.reference.com|accessdate=2017-02-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20150402172413/http://dictionary.reference.com/browse/Meghalaya|archive-date=2 अप्रैल 2015|url-status=live}}</ref> यह [[संस्कृत]] मूल से निकला है। इस शब्द की व्युत्पत्ति [[कलकत्ता विश्वविद्यालय]] में भूगोल विभाग के प्राध्यापक एमेरिटस [[शिवप्रसाद चटर्जी|डॉ॰एस पी॰चटर्जी]] द्वारा की गई थी।<ref>{{Cite web|url=https://www.mapsofindia.com/meghalaya/history.html|title=इससे पूर्व कि भूलें [Lest we forget]|last=|first=|date=१० जून २०१८|website=Meghalaya times.com| language = en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180612142043/https://www.mapsofindia.com/meghalaya/history.html|archive-date=12 जून 2018|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref> इस नाम पर आरम्भ में इसके नाम पर काफ़ी विरोध हुआ, क्योंकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की भांति, जिनके नाम उनके निवासियों से संबंधित थे, जैसे [[मिज़ोरम]]: [[मिज़ो]] जनजाति, [[नागालैण्ड]]: नागा लोग, [[असम]]: असोम या [[अहोम]] लोग के नाम पर है; किन्तु मेघालय शब्द से स्थानीय गारो, खासी या जयंतिया जनजातियों का नाम कहीं सम्बन्धित नहीं होता है। किन्तु कालान्तर में इसे अपना लिया गया।<ref>{{Cite web|url=https://www.quora.com/Who-gave-the-name-Meghalaya|title=मेघालय नाम किसने दिया? [Who gave the name Meghalaya?]|last=लाँग|first=श्न्गेन|date=२८ नवंबर २०१७|website=quora.com| language = en|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref>
 
== इतिहास ==
;आधुनिक इतिहास
 
मेघालय का गठन असम राज्य के दो बड़े जिलों संयुक्त खासी हिल्स एवं जयन्तिया हिल्स को असम से अलग कर २१ जनवरी, १९७२ को किया गया था। इसे पूर्ण राज्य का दर्जा देने से पूर्व १९७० में अर्ध-स्वायत्त दर्जा दिया गया था।<ref name="meghis">[http://megassembly.gov.in/origin_and_growth.htm History of Meghalaya State] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20130924232301/http://megassembly.gov.in/origin_and_growth.htm |date=24 सितंबर 2013 }} Government of India</ref>
 
१९वीं शताब्दी में ब्रिटिश राज के अधीन आने से पूर्व गारो, खासी एवं जयन्तिया जनजातियों के अपने राज्य हुआ करते थे। कालान्तर में ब्रिटिश ने १९३५ में तत्कालीन मेघालय को असम के अधीन कर दिया था।<ref name="akrl3">Arnold P. Kaminsky and Roger D. Long (2011), India Today: An Encyclopedia of Life in the Republic, {{ISBN|978-0313374623}}, pp. 455-459</ref> तब इस क्षेत्र को ब्रिटिश राज के साथ एक सन्धि के तहत अर्ध-स्वतंत्र दर्जा मिला हुआ था। १६ अक्तूबर १९०५ में [[लॉर्ड कर्ज़न]] द्वारा [[बंगाल का विभाजन (1905)|बंगाल के विभाजन]] होने पर मेघालय नवगठित प्रान्त पूर्वी बंगाल एवं असम का भाग बना। हालांकि इस विभाजन के १९१२ में वापस पलट दिये जाने पर मेघालय असम का भाग बना। ३ जनवरी १९२१ को भारत सरकार के १९१९ के अधिनियम की धारा ५२ए के अनुसरण में, ''गवर्नर-जनरल-इन-काउन्सिल'' ने मेघालय के खासी राज्य के अलावा अन्य सभी क्षेत्रों को पिछड़े क्षेत्र घोषित कर दिया था। इसके बाद, ब्रिटिश प्रशासन ने भारत सरकार के अधिनियम १९३५ के तहत इसे अधिनियमित किया। इस अधिनियम के अन्तर्गत पिछाड़े क्षेत्रों को दो श्रेणियों,- अपवर्जित एवं आंशिक अपवर्जित में पुनर्समूहीकृत किया।
{{seealso|मेघालय की जलवायु}}
 
कुछ क्षेत्रों में वार्षिक औसत वर्षा {{convert|12000|mm|in|abbr=on}} के साथ मेघालय पृथ्वी पर आर्द्रतम स्थान अंकित है।<ref>{{cite web|url=http://www.huffingtonpost.com/2013/07/30/wettest-place-on-earth-india-mawsynram_n_3675254.html|title=The Wettest Place On Earth: Indian Town Of Mawsynram Holds Guinness Record For Highest Average Annual Rainfall|author=Ammu Kannampilly|publisher=Huffington Post|date=July 31, 2013|accessdate=August 16, 2013|archive-url=https://web.archive.org/web/20130823215636/http://www.huffingtonpost.com/2013/07/30/wettest-place-on-earth-india-mawsynram_n_3675254.html|archive-date=23 अगस्त 2013|url-status=live}}</ref> पठार का पश्चिमी भाग, जिसमें गारो पर्वतों के निचले भाग आते हैं वर्ष पर्यन्त उच्च तापमान में रहता है। ऊंचाईयों वाले शिलांग एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में प्रायः कम तापमान रहता है। इस क्षेत्र का अधिकतम तापमान यदा कदा ही {{convert|28|C|F}} से ऊपर जाता होगा,<ref>{{cite web | url=http://megipr.gov.in/basic_facts.htm | title=Basic facts of Meghalaya | accessdate=13 January 2012 | url-status=dead | archiveurl=https://web.archive.org/web/20120120204955/http://megipr.gov.in/basic_facts.htm | archivedate=20 January 2012 | df=dmy-all }}</ref> जबकि शीतकालीन उप-शून्य तापमान यहां सामान्य हैं।[[File:Cherrapunji.jpg|thumb|170px|left|चेरापुञ्जी में एक साइनबोर्ड।]]
राजधानी शिलांग के दक्षिण में खासी पर्वत स्थित सोहरा ([[चेरापूंजी]]) कस्बा एक कैलेण्डर माह में सर्वाधिक वर्षा का कीर्तिमान धारक है, जबकि निकटवर्ती [[मौसिनराम]] ग्राम वर्ष भर में विश्व की सर्वाधिक वर्षा का कीर्तिमान धारक है।<ref>{{cite web|url=http://wmo.asu.edu | title=Global Weather & Climate Extremes|publisher=[[World Meteorological Organisation]]|accessdate=2010-09-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20151208085718/http://wmo.asu.edu/|archive-date=8 दिसंबर 2015|url-status=live}}</ref>
 
=== वन्य जीवन ===
| align = right
| width = 170
| footer = मेघालय के वनों में पक्षियों की ६६० प्रजातियों<ref name=avibase/> एवं अन्य वन्यजीवों की ढेरों प्रजातियों का निवास है। मोर (ऊपर) एवं हूलॉक जिब्बॉन (गोरिल्ला) (नीचे) मेघालय में पाये जाते हैं।<ref>[http://megtourism.gov.in/wildlife.html मेघालय में वन्य जीवन] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140301163028/http://megtourism.gov.in/wildlife.html |date=1 मार्च 2014 }}:मेघालय सरकार, {{अंग्रेज़ी }}</ref>
| image1 =Grey Peacock-Pheasant.jpg
| image2 =Female Hoolock Gibbon.jpg
यहाँ के सामान्यतया पाये जाने वाले सरीसृपों में छिपकलियां, मगरमच्छ और कछुए आते हैं। मेघालय में बड़ी संख्या में सर्पों की प्रजातियां मिलती हैं, जिनमें अजगर, कॉपरहैड, ग्रीन ट्री रेसर, नाग, कोरल स्नेक तथा [[वाइपरिडाए|वाइपर्स]] भी आते हैं।<ref>Zoological Survey of India, Fauna of Meghalaya: Vertebrates, Part 1 of Fauna of Meghalaya, Issue 4, Government of India (1995)</ref>
 
मेघालय के वनों में पक्षियों की ६६० प्रजातियां मिलती हैं जिनमें से अधिकांश हिमालय की तलहटी क्षेत्रों, तिब्बत एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया की स्थानिक हैं। यहां पायी जाने वाली पक्षी प्रजातियों में से ३४ विश्वव्यापी लुप्तप्राय (एनडेन्जर्ड) प्र्जाति सूची एवं ९ [[लुप्तप्राय प्रजातियां|लुप्तप्राय प्रजाति]] सूची में आती हैं।<ref name=avibase>[http://avibase.bsc-eoc.org/checklist.jsp?region=INneml&list=howardmoore Birds of Meghalaya] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150122054357/http://avibase.bsc-eoc.org/checklist.jsp?region=INneml&list=howardmoore |date=22 जनवरी 2015 }} Avibase (2013)</ref> मेघालय में प्रायः दिखाई देने वाली पक्षी प्रजातियों में फैसियनिडी, एनाटिडी, पोडिसिपेडिडी, सिकोनाईडी, थ्रेस्कियोर्निथिडी, आर्डेडी, पेलिकनिडी, फैलाक्रोकोरैसिडी, एन्हिन्जिडी, फ़ैल्कोनिडी, एसिपिट्रिडी, ओटिडिडी, आदि बहुत सी किस्में हैं।<ref name=avibase/> इन प्रत्येक किस्म में बहुत सी प्रजातियां हैं। [[धनेश|ग्रेट इण्डियन हॉर्नबिल]] मेघालय का सबसे बड़ा पक्षी है। अन्य क्षेत्रीय पक्षियों में [[सलेटी मयूर-तीतर]], बड़े भारतीय तोते (''इण्डियन पैराकीट''), हरे कबूतर एवं ब्लू जे पक्षी आते हैं। <ref>Choudhury, A.U. (1998) ''Birds of Nongkhyllem Wildlife Sanctuary & adjacent areas''. The Rhino Foundation for Nature in North East India, Guwahati, India. 31pp.</ref> मेघालय २५० से अधिक तितलियों का भी गृह स्थान है जो भारत में पायी जाने वाली कुल प्रजातियों का लगभग एक-चौथाई है।
 
== जनसांख्यिकी ==
 
===जनसंख्या===
{{India census population|1951=606000|1961=769000|1971=1012000|1981=1336000|1991=1775000|2001=2319000|2011=2964007|title=जनसंख्या वृद्धि|estimate=|estyear=|estref=|footnote=स्रोत: भारत जी जनगणना<ref name="Census Population">{{cite web | url = http://indiabudget.nic.in/es2006-07/chapt2007/tab97.pdf | title = Census Population | work = Census of India | publisher = Ministry of Finance India | accessdate = 2008-12-18 | format = PDF | archive-url = https://web.archive.org/web/20081219073658/http://indiabudget.nic.in/es2006-07/chapt2007/tab97.pdf | archive-date = 19 दिसंबर 2008 | url-status = dead }}</ref>}}
 
* स्थानीय जातियां २०११:{{citation needed|date=June 2014}}
 
=== भाषाएं ===
राज्य की आधिकारिक एवं सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा अंग्रेजी है।<ref>{{cite web|url=http://megtourism.gov.in/aboutmeghalaya.html|title=पर्यटन विभाग, मेघालय सरकार - मेघालय के बारे में [About Meghalaya]|last=|first=|date=२१ जनवरी १९७२|website=|publisher=Megtourism.gov.in| language = en|script-title=|archive-url=https://web.archive.org/web/20090515025823/http://megtourism.gov.in/aboutmeghalaya.html|archive-date=15 मई 2009|dead-url=|accessdate=2010-07-18|url-status=live}}</ref> इसके अलावा यहां की अन्य प्रधान भाषाएं हैं [[खासी भाषा|खासी]] और [[गारो भाषा|गारो]]।
 
खासी (जिसे खसी, खसिया या क्यी भी कहते हैं) [[ऑस्ट्रो-एशियाई भाषाओं]] के मोन-ख्मेर परिवार की एक शाखा है। २००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार खासी भाषा को बोलने वाले ११,२८,५७५ लोग मेघालय में रहते हैं। खासी भाषा के बहुत से शब्द की इण्डो-आर्य भाषाएं जैसे नेपाली, बांग्ला एवं असमिया से लिये गए हैं। इसके अलावा खासी भाषा की अपनी कोई लिपि नहीं है और यह भारत में अभी तक चल रही मोन-ख्मेर भाषाओं में से एक है।
इनके अलावा मेघालय में बहुत सी अन्य भाषाएं भी बोली जाती हैं, जैसे [[प्नार भाषा]] पश्चिम एवं पूर्वी जयन्तिया पर्वत पर पर बहुत से लोगों द्वारा बोली ज्ती हैं। यह भाषा खासी भाषा से संबंधित है। अन्य भाषाओं के अलावा वार जयन्तिया (पश्चिम जयन्तिया पर्वत), मराम एवं लिंगंगम (पश्चिम खासी पर्वत), वार पिनर्सिया (पूर्वी खासी पर्वत), के लोगों द्वारा बहुत सी बोलियां भी बोली जाती हैं। री-भोई जिले के तीवा लोगों द्वारा तीवा भाषा बोली जाती है। मेघालय के असम से लगते दक्षिण-पूर्वी भागों में बसने वाले बड़ी संख्या में लोगों द्वारा [[बियाट भाषा]] बोली जाती है। [[नेपाली भाषा]] राज्य के लगभग सभी भागों में बोली जाती है।
 
विभिन्न जातीय और जनसांख्यिकीय समूहों में अंग्रेजी एक समान भाषा के रूप में बोली जाती है। शहरी क्षेत्रों में अधिकतर लोग अंग्रेजी बोल सकते हैं; ग्रामीण निवासियों की क्षमता में भिन्नता मिलती है।{{Pie chart|thumb=right|caption=२००१ में मेघालय में भाषाएं<ref name=langoff/><ref name="Census of India">{{cite web |url=http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/parta.htm |title=Distribution of the 22 Scheduled Languages |work=Census of India |publisher=Registrar General & Census Commissioner, India |year=2001 |accessdate=4 January 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20190716200738/http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/parta.htm |archive-date=16 जुलाई 2019 |url-status=live }}</ref><ref name="censusindia.gov.in">{{cite web |url=http://censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_data_finder/A_Series/Total_population.htm |title=Census Reference Tables, A-Series – Total Population |work=Census of India |publisher=Registrar General & Census Commissioner, India |year=2001 |accessdate=4 January 2014 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131113154514/http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_data_finder/A_Series/Total_population.htm |archive-date=13 नवंबर 2013 |url-status=live }}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/partb.htm |title=Census of India – Language tools |website=Censusindia.gov.in |date= |accessdate=2017-02-27 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160811065050/http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/partb.htm |archive-date=11 अगस्त 2016 |url-status=live }}</ref>|label1=खासी|value1=47.05|color1=#E0FFC0|label2=गारो|value2=31.41|color2=#AAF0D1|label3=बंगाली|value3=8.01|color3=#FFA07A|label4=नेपाली/गोरखी|value4=2.25|color4=#E18E96|label5=हिन्दी|value5=2.16|color5=#FFCBA4|label6=मराठी|value6=1.67|color6=orange|label7=असमिया|value7=1.58|color7=#F0E0F0|label8=हैजोंग|value8=1.06|color8=#8FBC8F|label9=कुकी|value9=0.43|color9=Maroon|label10=अन्य|value10=6.58|color10=DarkGray}}
{| class="wikitable"
! colspan="3" |मेघालय में भाषाएं<ref name="langoff" /><ref>Percentages for the [http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement3.htm India's 2001 census] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170711051213/http://www.censusindia.gov.in/Census_Data_2001/Census_Data_Online/Language/Statement3.htm |date=11 जुलाई 2017 }}</ref>
|-
!भाषा
'''पूर्वी खासी हिल्स जिले''' को खासी हिल्स में से २८ अक्तूबर १९७६ को निकाल कर नया जिला बनाया गया था। जिले का विस्तार {{convert|2748|km2|mi2}} में है और {{२००१ज}} यहां की जनसंख्या ६,६०,९२३ है। ईस्ट खासी हिल्स जिले का मुख्यालय राज्य की राजधानी [[शिलांग]] में है।
[[चित्र:Vendor of Pineapples - Srimangal - Sylhet Division - Bangladesh (12949890523).jpg|अंगूठाकार|मेघालय से लगे [[सिलहट जिला|सिल्हट जिले]] में एक अनानास विक्रेता]]
'''री-भोइ जिले''' की स्थापना ईस्ट खासी जिले को विभाजित कर ४ जून १९९२ को हुई थी। री-भोई जिले का कुल क्षेत्रफ़ल {{convert|2448|km2|mi2}} है और {{२००१ज}} यहां की कुल जनसंख्या १,९२,७९५ है। जिले का मुख्यालय [[नोंगपोह]] में है। यहां की भूमि पर्वतीय है और वनाच्छादित है। री-भोई जिला अपने [[अनानास|अनानासों]] के लिये प्रसिद्ध है और राज्य में अनानास का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है।<ref>{{Cite web|url=http://www.novamining.com/knowledgebase/mining-database/state-wise-data/meghalaya/|title=मेघालय|last=|first=|date=२००२|website=नोवामाइनिंग . काम| language = en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180721102848/http://www.novamining.com/knowledgebase/mining-database/state-wise-data/meghalaya/|archive-date=21 जुलाई 2018|dead-url=|access-date=|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://explorers.zizira.com/pineapple-production-technology-meghalaya-farmers/|title=Pineapple Production Technology A New Venture for Meghalaya’s Farmers|last=संगमा|first=एलीशा|date=२०१६|website=ज़िज़ीरा . काम| language = en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180721073157/http://explorers.zizira.com/pineapple-production-technology-meghalaya-farmers/|archive-date=21 जुलाई 2018|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref><p>'''पश्चिम खासी हिल्स जिला''' राज्य का सबसे बड़ा जिला है औ इसका क्षेत्रफ़ल {{convert|5247|km2|mi2}} है और {{२००१ज}} जिले की जनसंख्या २,९४,११५ है। यह जिला खासी हिल्स जिले से काटकर २८ अक्तूबर १९७६ को बनाया गया था। जिले का मुख्यालय [[नोंग्सटोइन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|नोंगस्टोइन]] में है।</p>'''ईस्ट गारो हिल्स जिले''' की स्थापना १९७६ में की गयी थी और इसकी जनसंख्या २००१ की जनगणना अनुसार २,४७,५५५ है। इस जिले का विस्तार {{convert|2603|km2}} में है। जिले का मुख्यालय [[विलियमनगर]] में है जिसे पहले सिमसानगिरि बोला जाता था। नोंगलबीबरा जिले का एक कस्बा है जहां बड़ी संख्या में कोयले की खानें हैं। यहां से राष्ट्रीय राजमार्ग ६२ द्वारा कोयला [[गोवालपारा जिला|ग्वालपाड़ा]] और जोगीघोपा को भेजा जाता है।<p>'''पश्चिम गारो हिल्स जिला''' राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है और इसका भौगोलिक विस्तार {{convert|3714|km2|mi2}} में है। २००१ की जनगणनानुसार जिले की जनसंख्या ५,१५,८१३ है और जिले का मुख्यालय [[तुरा]] में है।</p><p>'''द्क्षिण गारो हिल्स जिला''' १८ जून १९९२ को तत्कालीन पश्चिम गारो हिल्स जिले को विभाजित कर बनाया गया था। जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र {{convert|1850|km2|mi2}} है और वर्ष २००१ की जनगणनानुसार यहां की जनसंख्या ९९,१०० है। जिले का मुख्यालय [[बाघमारा, मेघालय|बाघमारा]] में है।</p>वर्ष २०१२ के स्थितिनुसार राज्य में [[मेघालय के जिले|११ जिले]], [[मेघालय के नगर|१६ नगर व कस्बे]] और अनुमानित ६,०२६ ग्राम थे।<ref name="ReferenceA">{{cite web|url=https://meghalaya.gov.in:8443/megportal/department/38|title=Meghalaya State Portal|date=31 March 2011|publisher=Meghalaya.gov.in:8443|archiveurl=https://archive.is/20121218171849/https://meghalaya.gov.in:8443/megportal/department/38|archivedate=18 December 2012|url-status=dead|accessdate=2012-11-09|df=dmy-all}}</ref>
 
==शिक्षा==
 
== सरकार एवं राजनीति ==
{{Main|मेघालय सरकार|मेघालय विधान सभा}}मेघालय के वर्तमान राज्यपाल गंगा प्रसाद राज्य के प्रमुख हैं।<ref name="ndtv17">{{cite news|url=https://www.ndtv.com/india-news/president-approves-appointment-of-5-governors-1-lieutenant-governor-1757018|title=President Kovind Appoints 5 New Governors, Tamil Nadu Gets Its Own After A Year|last1=Nair|first1=Arun|date=30 September 2017|publisher=New Delhi Television|access-date=26 मई 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20170930175617/https://www.ndtv.com/india-news/president-approves-appointment-of-5-governors-1-lieutenant-governor-1757018|archive-date=30 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
 
=== राज्य सरकार ===
{{main|मेघालय की अर्थव्यवस्था}}मेघालय में मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में ही लगभग मेघालय की दो-तिहाई जनशक्ति कार्यरत है। हालांकि इस क्षेत्र का राज्य की एनएसडीपी में योगदान मात्र एक-तिहाई ही है। राज्य में कृषि की कम उत्पादकता का प्रमुख कारण गैर-टिकाऊ कृषि परम्पराएं हैं। इन्हीं कारणों से कृषि में जनसंख्या के बड़े भाग के संलग्न होने के बावजूद भी राज्य को अन्य भारतीय राज्यों से भोजन आयात करना पड़ता है।{{citation needed|date=June 2014}} बुनियादी ढांचे की बाधाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था को भारत के बाकी भागों के मुकाबले उस तेजी से उच्च आय की नौकरियां सृजित करने से रोक रखा है।
 
मेघालय का वर्ष २०१२ का [[सकल घरेलू उत्पाद|सकल राज्य घरेलू उत्पाद]] वर्तमान मूल्यों पर {{INRConvert|16173|c}} अनुमानित था।<ref name="pcindia3">[http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf मेघालय] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140716065506/http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf |date=16 जुलाई 2014 }} [[भारत का योजना आयोग|योजना आयोग]], [[भारत सरकार]] (मई २०१४) {{अंग्रेज़ी}}</ref><ref name="pcindia">[http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf Meghalaya] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140716065506/http://planningcommission.nic.in/plans/finres/fr_2013_14/fr_meghalaya1314.pdf |date=16 जुलाई 2014 }} Planning Commission, Govt of India (May 2014)</ref><ref name="pcindia"/> २०१२ में [[भारतीय रिज़र्व बैंक|भारतीय रिजर्व बैंक]] के अनुसार, राज्य की लगभग १२% जनसंख्या गरीबी की रेखा से नीचे थी जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में १२.५% एवं शहरी क्षेत्रों में ९.३% जनसंख्या गरीबी की रेखा से नीचे थी।<ref>{{cite web|url=http://www.rbi.org.in/scripts/PublicationsView.aspx?id=15283|title=See 3rd table set for 2012 in Table 162, Number and Percentage of Population Below Poverty Line|year=2013|publisher=Reserve Bank of India, Government of India|archiveurl=https://web.archive.org/web/20140407102043/http://www.rbi.org.in/scripts/PublicationsView.aspx?id=15283|archivedate=7 April 2014|url-status=dead|accessdate=April 20, 2014|df=}}</ref>
 
=== कृषि ===
[[File:Tea_Plantation_Agriculture_in_Meghalaya_India_on_the_way_to_Shillong.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Tea_Plantation_Agriculture_in_Meghalaya_India_on_the_way_to_Shillong.jpg|अंगूठाकार|मेघालय में शिलांग को जाते मार्ग के निकट चाय के बाग।]]मेघालय मूलतः एक कृषि प्रधान राज्य है जिसकी ८०% जनसंख्या अपनी आजीविका हेतु पूर्ण रूपेण कृषि पर ही निर्भर है। मेघालय के कुल भौगोलिक क्षेत्रफ़ल का लगभग १०% कृषि में प्रयोग किया जाता है। राज्य में कृषि प्रायः आधुनिक तकनीकों के अभाव या अति-सीमित प्रयोग के साथ होती है जिसके परिणामस्वरूप कम उत्पादन और कम उत्पादकता ही हाथ आती है। अतः इन कारणों से कृषि में लगी अधिकांश जनसंख्या के बावजूद भी राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि उत्पादन का योगदान कम है, और कृषि में लगी अधिकांश जनसंख्या गरीब ही रहती है। खेती वाले क्षेत्र का एक भाग यहां की परंपरागत स्थानांतरण कृषि, जिसे स्थानीय भाषा में लोग [[झूम कृषि]] कहते हैं, के तहत है।
 
मेघालय में वर्ष २००१ में २,३०,००० टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था। [[धान]] यहां की मुख्य [[खाद्यान्न|खाद्यान्न फ़सल]] है जो राज्य के कुल खाद्यान्न उत्पादन का ८०% उत्तरदायी है। इसके अलावा अन्य महत्त्वपूर्ण खाद्यान्नों में [[मक्का]], [[गेहूं]] और कुछ अन्य अनाज एवं [[दाल|दालें]] भी उगायी जाती हैं। इनके अलावा यहां [[आलू]], [[अदरख]], [[हल्दी]], [[काली मिर्च|काली मिर्च,]] [[सुपारी]], [[तेजपत्ता]], [[पान]], शार्ट स्टेपल सूत, सन, मेस्ता, [[सरसों]] और [[कैनोला]] का भी उत्पादन किया जाता है। धान और मक्का जैसे प्रधान खाद्य फ़सलों के अलाव मेघालय बागों की फ़सलों जैसे सन्तरों, [[नींबू]], [[अनानास]], [[अमरूद]], [[लीची]], [[केला|केले]], [[कटहल]] और कई फ़ल जैसे [[आड़ू]], [[आलू बुख़ारा|आलूबुखारे]] एवं [[नाशपाती]] के उत्पादन में भी योगदान देता है।<ref name="Horticulture Crops">[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/horticulture_crops.aspx Horticulture Crops] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20141119223536/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/horticulture_crops.aspx |date=19 नवंबर 2014 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref>[[File:Agriculture_in_Kukon_Meghalaya_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Agriculture_in_Kukon_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|कुकोन, मेघालय में कृषि]]अनाज और मुख्य खाद्यान्न उत्पादन यहां की कुल कृषि भूमि का ६०% घेर लेता है। १९७० के दशक के मध्य में उच्चोत्पादन देने वाली फ़सल की किस्मों के प्रयोग आरम्भ किये जाने से खाद्यान उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार आया था। धान की उच्चोत्पादन वाली किस्मों जैसे मसूरी, पंकज, आईआर-८, आरसीपीएल<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/rice.aspx Rice] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20161221115007/http://megagriculture.gov.in/public/crops/rice.aspx |date=21 दिसंबर 2016 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> एवं अन्य बेहतर किस्मों की शृंखला-विशेषकर आईआर-३६ जो रबी के मौसम के अनुकूल है, के प्रयोग से एक बड़ी सफ़लता प्राप्त की गयी, जिसके उप्रान्त वर्ष में तीन फ़सलें बोई जाने लगी थीं।
 
[[भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद]] द्वारा धान की शीत सहिष्णु किस्मों जैसे मेघा-१ एवं मेघा-२ के विकास कर यहां प्रयोग किये जाने से पुनः बड़ी सफ़लता मिली थी। परिषद के शिलांग के निकट उमरोई स्थित पूर्वोत्तर क्षेत्र केन्द्र द्वारा इन किस्मों को १९९१-९२ में उच्च ऊंचाई क्षेत्रों के लिए विकसित की गयी थी, जहां तब तक कोई उच्चोत्पादन किस्म नहीं होती थीं। आज राज्य यह दावा कर सकता है कि धान उत्पादन के कुल क्षेत्र का लगभग ४२% क्षेत्र उच्चोत्पादन किस्मों द्वारा रोपा जाता है और इनकी औसत उत्पादकता {{convert|2300|kg/ha|abbr=on}} है। ऐसा ही हाल मक्का और धान उत्पादन के लिये भी रहा है जहां एचवाईवी के प्रयोग किये जाने से उत्पादन १९७१-७२ में {{convert|534|kg/ha|abbr=on}} से {{convert|1218|kg/ha|abbr=on}} [[मक्का]] और गेहूं {{convert|611|kg/ha|abbr=on}} से {{convert|1490|kg/ha|abbr=on}} हो गया।<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/food_grains.aspx Food grains] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140301011048/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/food_grains.aspx |date=1 मार्च 2014 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref>
 
[[कैनोला]], [[सरसों]], [[अलसी]], [[सोयाबीन]],[[अरण्डी]] और [[तिल]] जैसे [[तिलहन]] यहां लगभग {{convert|100|km2|abbr=on}} पर उगाए जाते हैं। कैनोला और सरसों यहां के सबसे महत्वपूर्ण तिलहन हैं,<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/oil_seeds.aspx Oil Seeds] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131010052401/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/oil_seeds.aspx |date=10 अक्तूबर 2013 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> जो यहां के लगभग ६.५ हजार टन के कुल तिलहन उत्पादन के दो-तिहाई से अधिक भाग देते हैं। कपास, सन और मेस्टा जैसी फ़सलें ही यहां की मुख्य नकदी फसलों में आती हैं और गारो पर्वत में उगाए जाते हैं।<ref>[http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/fibre_crops.aspx Fibre Crops] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131009002901/http://megagriculture.gov.in/PUBLIC/crops/fibre_crops.aspx |date=9 अक्तूबर 2013 }} Department of Agriculture, Govt of Meghalaya (2009)</ref> हाल के वर्षों में इनके उत्पादन में गिरावट आयी है जो इनको बोई जाने वाली कृषि भूमि में होती कमी से भी दिखाई देता है।
 
मेघालय की जलवायु यहां फ़ल, सब्जियों, पुष्पों, मसालों, [[मशरूम]] जैसी फ़लदार फ़सलों के अलावा चिकित्सकीय पौधों की विभिन्न किस्मों की उपज में बहुत सहायक है।<ref name="Horticulture Crops" /> ये उच्च मूल्य फ़सल आंकी जाती हैं, किन्तु घरेलु उपयोगी फ़सलों की अत्यावश्यकता यहां के किसानों को इनकी खेती अपनाने से रोकती है। कुछ मुख्य फ़लदार फ़सलों में यहां रसीले फ़ल, [[अनानास]], [[पपीता|पपीते]] और [[केले]] आते हैं। इनके साथ साथ ही बड़ी मात्रा में यहां सब्जियां जैसे [[फ़ूलगोभी]], [[बंदगोभी]] और [[मूली]], आदि भी उगायी जाती हैं।
[[File:Mawphlang_Dam_Reservoir_Meghalaya_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Mawphlang_Dam_Reservoir_Meghalaya_India.jpg|अंगूठाकार|मेघालय में प्रचुर मात्रा में अविकसित जलविद्युत संसाधन उपलब्ध हैं। ऊपर मावफ़्लांग पनविद्युतबांध जलाशय का चित्र है।]]मेघालय के ऊंचे पर्वतों, गहरी घाटियों और प्रचुर वर्षा के कारण यहां बड़ी मात्रा में अप्रयुक्त [[जलविद्युत ऊर्जा|जलविद्युत]] क्षमता संचित है। यहां की मूल्यांकित उत्पादन क्षमता ३००० मेगावाट से अधिक है। राज्य में वर्तमान स्थापित क्षमता १८५ मेगावाट है, किन्तु राज्य स्वयं ६१० मेगावॉट का उपभोग करता है, अर्थात दूसरे शब्दों में, यह बिजली आयात करता है।<ref>[http://meecl.nic.in/demand.htm Demand for power in Meghalaya] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140713120902/http://meecl.nic.in/demand.htm|date=13 July 2014}} Meghalaya Energy Corporation Limited</ref> राज्य की आर्थिक वृद्धि के साथ साथ ही बिजली की बढ़ती मांग भी जुडी है। राज्य में जलविद्युत से उत्पन्न बिजली निर्यात करने एवं उससे मिलने वाली आय से अपनी आंतरिक विकास योजनाओं के लिए आय अर्जित करने की पर्याप्त क्षमता है। राज्य में भी कोयले के भी बड़े भण्डार हैं, जो कि यहां [[तापविद्युत प्रभाव|ताप विद्युत]] संयंत्र की संभावना को भी बल देते हैं।
 
बहुत सी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। नंगलबीबरा में प्रस्तावित ताप-विद्युत परियोजना के प्रचालन में आने पर ७५१ मेगावाट विद्युत अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है। पश्चिम खासी हिल्स में एक २५० वॉट की परियोजना लगाने का भी प्रस्ताव है। राज्य सरकार अपना विद्युत उत्पादन २०००-२५०० मेगावॉट तक वर्धन करने का लक्ष्य रखता है जिसमें से ७००-९८० मेगावॉट ताप-विद्युत होगी तथा १४००-१५२० मेगावॉट जल-विद्युत होंगीं। राज्य सरकार ने अपने क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश में तेजी लाने हेतु एक साझा लागत वाले [[सार्वजनिक-निजी साझेदारी]] मॉडल की रूपरेखा तैयार की है।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State Planning] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304001713/http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf |date=4 मार्च 2016 }} Govt of Meghalaya, pp 129-130</ref> विद्युत उत्पादन, परिवर्तन और वितरण मेघालय एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है, जिसे बिजली आपूर्ति अधिनियम १९४८ के तहत गठित किया गया था। वर्तमान में पांच जल विद्युत स्टेशन और एक मिनी जल विद्युत संयंत्र हैं जिसमें उमियम हाइडल परियोजना, उमट्रू हाइडल परियोजना, माइंट्डू-लेशका-१ हाइडल परियोजना और सनपानी माइक्रो हाइडल (एसईएसयू) परियोजना सम्मिलित हैं।
 
भारत की [[भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ|१२वीं पंचवर्षीय योजना]] में, राज्य में अधिक जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने का एक प्रस्ताव है जो इस प्रकार से हैं:
# मित्तु-लेशका-२ (६०),
# सेलिम (१७० मेगावॉट) और
# मावेली (१४० मेगावॉट)।<ref>{{cite web|url=http://www.cea.nic.in|title=Central Electricity Authority|date=|website=Cea.nic.in|accessdate=2017-02-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20190309115717/http://cea.nic.in/|archive-date=9 मार्च 2019|url-status=live}}</ref></div>
 
इनमें से जेपी समूह ने खासी पर्वत में किन्शी और उमंगोट परियोजनाओं के निर्माण के लिए बीड़ा उठाया है।.<ref>[http://www.jalindia.com/hydropower.htm Hydro Power] {{webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140408042645/http://jalindia.com/hydropower.htm|date=8 April 2014}} Jaypee Group (2010)</ref>
{| class="wikitable"
!
!मेघालय<ref>{{Cite web|url=https://www.censusindia.co.in/states/meghalaya|title=भारतीय जनगणना २०११ - मेघालय, धर्म, साक्षरता, लिंगानुपात|last=|first=|date=|website=www.censusindia.co.in|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20190203143800/https://www.censusindia.co.in/states/meghalaya|archive-date=3 फ़रवरी 2019|dead-url=|access-date=2019-02-03|url-status=live}}</ref>
!भारत
|-
|72.98%
|}
२००८ में, ५,१८,००० विद्यार्थी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे थे और २,३२,००० उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे थे। राज्य अपने विद्यालयों में गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचे और शिक्षकों के प्रशिक्षण का ध्यान रखता है और उत्तरदायी है।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State योजना: मेघालय सरकार] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304001713/http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf |date=4 मार्च 2016 }}:[Planning:Govt of Meghalaya], पृ॰ १५४-१५५ (२०१०) (अंग्रेज़ी में)</ref>
 
शिलांग स्थित उच्च शिक्षा संस्थान भी हैं जैसे [[भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग|भारतीय प्रबंधन संस्थान]] (''आईआईएम'') एवं [[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय|प्रौद्योगिकी एवं प्रबन्धन विश्वविद्यालय]] (''यूएसटीएम'') जो प्रथम भारतीय विश्वविद्यालय है जिसने [[क्लाउड कम्प्यूटिंग|क्लाउड कम्प्यूटिंग अभियान्त्रिकी]] को अध्ययन के क्षेत्र में स्थान दिया है। आईआईएम शिलांग राष्ट्र के सर्वोच्च श्रेणी के प्रबन्धन संस्थानों में से एक है।<ref>{{Cite news|url=http://www.theshillongtimes.com/2017/04/06/iim-shillong-ranked-21st-among-management-institutes/|title=IIM Shillong Ranked 21st Among Management Institutes [आईआईएम शिलांग को प्रबन्धन संस्थानों में २१वां दर्जा मिला]|last=|first=|date=६ अप्रैल २०१७|work=द शिलांग टाइम्स|access-date=१ अगस्त २०१८|archive-url=https://web.archive.org/web/20180801064407/http://www.theshillongtimes.com/2017/04/06/iim-shillong-ranked-21st-among-management-institutes/|archive-date=1 अगस्त 2018|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=http://www.mbauniverse.com/mba-ranking/2017|title=MBA Ranking 2017 - Check MBA Ranking, Fees, Placement {{!}} MBAUniverse.com [एमबीए रैंकिंग २०१७|last=|first=|date=|website=www.mbauniverse.com| language = en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180801064440/http://www.mbauniverse.com/mba-ranking/2017|archive-date=1 अगस्त 2018|dead-url=|access-date=2018-08-01|url-status=live}}</ref>
 
=== स्वास्थ्य अवसंरचना ===
 
<table class="wikitable floatright" style="text-align: center;" data-ve-attributes="{&quot;style&quot;:&quot;text-align: center;&quot;}"><tr><th>मेघालय उत्सव
<ref name="dacmegh">[http://megartsculture.gov.in/festivals.htm Festivals of Meghalaya] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140527105851/http://megartsculture.gov.in/festivals.htm |date=27 मई 2014 }} The Department of Arts and Culture, Govt of Meghalaya (2010)</ref>
</th><th>स्थानीय
कैलेण्डर माह
 
=== जीवित जड सेतु ===
[[File:Living_root_bridges,_Nongriat_village,_Meghalaya.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Living_root_bridges,_Nongriat_village,_Meghalaya.jpg|बाएँ|अंगूठाकार|278x278पिक्सेल|दोहरा जीवित जड़ सेतु, नोंग्रियाट ग्राम, मेघालय।]]मेघालय में [[जीवित जड़ सेतु|जीवित जड पुलों]] का निर्माण भी मिलता है। यहां ''[[रबर वृक्ष|फ़ाइकस इलास्टिका]]'' (भारतीय रबर वृक्ष) की हवाई जडों को धीरे धीरे जोड कर सेतु तैयार किये जाते हैं। ऐसे सेतु मावसिनराम की घाटी के पूर्व में पूर्वी खासी हिल्स के क्षेत्र में एवं पूर्वी जयन्तिया हिल्स जिले में भी मिल जाते हैं। इनका निर्माण खासी एवं जयन्तिया जनजातियों द्वारा किया जाता रहा है<ref name=":03">{{Cite news|url=https://www.riluk.com/living-root-bridge-symbol-benevolence/|title=The Living-Root Bridge: The Symbol Of Benevolence|date=2016-10-10|work=Riluk|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20170908021245/https://www.riluk.com/living-root-bridge-symbol-benevolence/|archive-date=8 सितंबर 2017|url-status=dead}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://livingrootbridges.com/|title=The Living Root Bridge Project|website=The Living Root Bridge Project|language=en-US|access-date=2017-09-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170905001717/https://livingrootbridges.com/|archive-date=5 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> ऐसे सेतु शिलांग पठार के दक्षिणी सीमा के साथ लगी पहाडी भूमि पर भी मिल जाते हैं। हालांकि ऐसी संस्कृतिक धरोहरों में से बहुत से सेतु अब ध्वंस हो चुके हैं, जो भूस्खलन या बाढ की भेंट चढ गये या उनका स्थान अधिक मजबूत आधुनिक स्टील सेतुओं ने ले लिया।<ref>{{Cite news|url=https://livingrootbridges.com/threats-to-meghalayas-botanical-architecture/|title=Why is Meghalaya’s Botanical Architecture Disappearing?|date=2017-04-06|work=The Living Root Bridge Project|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20170911204634/https://livingrootbridges.com/threats-to-meghalayas-botanical-architecture/|archive-date=11 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref>
 
{{-}}
 
=== रेल मार्ग ===
मेघालय में रेलमार्ग का एकमात्र मार्ग {{rws|मेहंदीपत्थर}} तक है जहां से गुवाहाटी तक नियमित रेल सेवा चलती है। यह सेवा ३० नवंबर २०१४ को आरम्भ हुई थी।<ref>{{Cite web|url=http://www.pmindia.gov.in/hi/news_updates/मेंहदीपत्थर-मेघालय-से-गु/|title=मेंहदीपत्थर, मेघालय से गुवाहाटी के बीच पहली रेल सेवा के मौके पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूल पाठ|last=|first=|date=२९ नवंबर २०१४|website=|language=|archive-url=|archive-date=|dead-url=|access-date=}}</ref><ref>{{cite web|url=http://www.telegraphindia.com/1141130/jsp/frontpage/story_19105595.jsp#.VIEWp8lBFd4|title=Meghalaya rail dream on track|date=30 November 2014|publisher=telegrapfindia.com|accessdate=2017-02-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20141208050935/http://www.telegraphindia.com/1141130/jsp/frontpage/story_19105595.jsp#.VIEWp8lBFd4|archive-date=8 दिसंबर 2014|url-status=live}}</ref><ref>{{Cite web|url=https://www.narendramodi.in/hi/pms-remarks-at-the-flagging-off-of-the-first-train-from-mendipathar-meghalaya-to-guwahati-6948|title=मेंहदीपत्‍थर, मेघालय से गुवाहाटी के बीच पहली रेल सेवा के मौके पर प्रधानमंत्री|last=|first=|date=२९ नवंबर २०१४|website=|language=|archive-url=https://web.archive.org/web/20180728071227/https://www.narendramodi.in/hi/pms-remarks-at-the-flagging-off-of-the-first-train-from-mendipathar-meghalaya-to-guwahati-6948|archive-date=28 जुलाई 2018|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref> राज्य में एक औपचारिक पर्वतीय रेल चेरा कम्पनीगंज स्टेट रेलवे पहले चला करती थी। शिलांग से {{convert|103|km|mi}} पर {{Rws|गुवाहाटी}} निकटतम रेलवे स्टेशन है जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को [[ब्रॉड गेज|ब्रॉडगेज]] लाइन द्वारा देश के शेष भाग से जोड़ा करता है। गुवाहाटी से रेलवे लाइन को बायर्नीहाट ({{convert|20|km|mi}}) तक जोड़ने का प्रस्ताव विचाराधीन है जो आगे शिलांग तक विस्तृत की जायेगी।
[[चित्र:Shillong Airport terminal building 4.jpg|अंगूठाकार|शिलांग विमानक्षेत्र प्रवेश]]
 
=== वायु मार्ग ===
राज्य की राजधानी शिलांग का [[शिलांग विमानक्षेत्र|विमानक्षेत्र]] [[उमरोई हवाई अड्डा|उमरोई]] में स्थित है। यह शिलांग मुख्य शहर से {{convert|30|km|mi}} पर गुवाहाटी-शिलांग राजमार्ग पर स्थित है। इसका नया टर्मिनल भवन {{INRConvert|30|c}} की लागत से बना है जिसका उद्घाटन जून २०११ में हुआ था।<ref>{{cite news|url=http://economictimes.indiatimes.com/news/news-by-industry/transportation/airlines-/-aviation/shillong-airports-new-terminal-to-open-on-saturday/articleshow/8948403.cms|title=Shillong airport's new terminal to open on Saturday|date=22 June 2011|accessdate=20 August 2014|publisher=[[The Economic Times]]|archive-url=https://web.archive.org/web/20120412000151/http://economictimes.indiatimes.com/news/news-by-industry/transportation/airlines-/-aviation/shillong-airports-new-terminal-to-open-on-saturday/articleshow/8948403.cms|archive-date=12 अप्रैल 2012|url-status=live}}</ref> [[एअर इंडिया क्षेत्रीय]] अपनी उड़ान शिलांग विमानक्श्झेत्र से कोलकता तक प्रतिदिन भरता है। एक हैलीकॉप्टर सेवा भी शिलांग से गुवाहाटी और तुरा के लिये चलती है। [[तुरा]] के निकट बाल्जेक विमानक्षेत्र २००८ में प्रचालन में आया था।<ref>[http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf State Planning] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20160304001713/http://megplanning.gov.in/MSDR/infastructural_development.pdf |date=4 मार्च 2016 }} Govt of Meghalaya, pp 153-154 (2010)</ref> [[भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण]] इसकी देख रेख कर रहा है। प्राधिकरण विमानक्षेत्र को एटीआर ४२ एवं एटीआर ७२ सीटर के लिये विकसित कर रहा है। असम में अन्य निकटवर्ती विमानक्षेत्रों में [[लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अन्तरराष्ट्रीय विमानक्षेत्र|बोरझार, गुवाहाटी विमानक्षेत्र]]('''IATA: GAU''') शिलांग से लगभग {{convert|124|km|mi}} पर स्थित है।
 
== पर्यटन ==
{{main|मेघालय में पर्यटन}}बहुत पहले विदेशी पर्यटकों को उन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्व अनुमति लेनी होती थी, जिनसे मिल कर अब मेघालय बना है। हालांकि प्रतिबन्ध १९५५ में हटा लिए गए थे। राज्य के पर्वतों, पठारी ऊंची-नीची भूमि, कोहरे व धूंध से भरे इलाकों और नैसर्गिक दृश्यों आदि को देखते हुए मेघालय की तुलना [[स्कॉट्लैण्ड|स्कॉटलैण्ड]] से की जाती रही है और इसे पूर्व का स्कॉटलैण्ड (''स्कॉटलैण्ड ऑफ़ द ईस्ट'') भी कहा गया है।<ref name="akrl3"/> राज्य में देश के सबसे घने प्राथमिक वन उपस्थित हैं और इस कारण से यह भारत के सबसे महत्त्वपूर्भ पारिस्थित्तिक क्षेत्रों में से एक गिना जाता रहा है। मेघालयी उपोष्णकटिबंधीय वनों में पादप एवं जीव जगत की वृहत किस्में पायी जाती है। राज्य में २ राष्ट्रीय उद्यान एवं ३ वन्य जीवन अभयारण्य हैं।[[File:Elephanta_Falls.JPG|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Elephanta_Falls.JPG|अंगूठाकार|''ऍलीफ़ैण्ट फ़ाल्स'' प्रपात]]मेघालय बहुत से साहसिक पर्यटन जैसे पर्वतारोहण, रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, हाइकिंग, गुफा भ्रमण एवं जल-क्रीड़ा के अवसर भी प्रदान करता है। राज्य में कई ट्रेकिंग मार्ग भी उपलब्ध हैं जिनमें से कुछ में तो दुर्लभ जानवरों से भी सामना संभव होता है। उमियम झील में जल क्रीड़ा (''वॉटर स्पोर्ट्स'') परिसर हैं, जहां ''रो-बोट्स, पैडलबोट्स'', सेलिंग नौकाएं, ''क्रूज-बोट'', ''वॉटर स्कूटर'' और ''स्पीडबोट'' जैसी सुविधाएं हैं भी मिलती हैं। [[चेरापुंजी]] पूर्वोत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है। यह राजधानी शिलांग से दक्षिण दिशा में स्थित है तथा एक मनोहारी प्राकृतिक अवलोकन वाले सड़क मार्ग द्वारा यह राजधानी शिलांग से जुड़ा हुआ है। <p>चेरापुंजी के निकटस्थ ही [[जीवित जड़ सेतु]] पर्यटकों के लिये आकर्षण हैं।<ref>{{Cite news|url=http://www.cherrapunjee.com/living-root-bridges/|title=Living Root Bridges|work=Cherrapunjee|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20140609231150/http://cherrapunjee.com/living-root-bridges/|archive-date=9 जून 2014|url-status=live}}</ref> प्रसिद्ध दोहरा जड़ीय सेतु अन्य बहुत से इस प्रकार के सेतुओं सहित पर्यटकों को स्तंभित कर देने वाला आकर्षण है। इस प्रकार के बहुत से सेतु [[नोंगथिम्माई|नोंगथिम्मई]], माइन्टेंग एवं [[टाइनरोंग]] में मिल जाते हैं।<ref name="The Living Root Bridge Project">{{Cite news|url=https://livingrootbridges.com/root-bridges-of-the-umiam-river-basin/|title=Root Bridges of the Umiam River Basin|date=2017-04-27|work=The Living Root Bridge Project|access-date=2017-09-11|language=en-US|archive-url=https://web.archive.org/web/20170908021631/https://livingrootbridges.com/root-bridges-of-the-umiam-river-basin/|archive-date=8 सितंबर 2017|url-status=live}}</ref> जड़ सेतु मिलने वाले अन्य स्थानों में मावैलनोंग के पर्यटन ग्राम के निकट रिवाई ग्राम, पायनर्सिया और विशेषकर [[पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिला|पश्चिम जयन्तिया हिल्स जिले]] के रांगथाइल्लाइंग एवं मावकिरनॉट गाँव हैं, जहाँ निकटवर्ती गांवों में बहुत से जड़ सेतु देखने को मिल जाते हैं।<ref name=":03"/></p>[[File:Umiam_Lake,_Shillong,_Meghalaya,_India.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Umiam_Lake,_Shillong,_Meghalaya,_India.jpg|अंगूठाकार|पूर्वोत्तर की बड़ी झील, [[उमियम झील]], शिलांग, मेघालय।]]<dl><dt>जलप्रपात एवं नदियाँ</dt></dl>राज्य के प्रमुख एवं [[:श्रेणी:मेघालय के जलप्रपात|प्रसिद्ध जलप्रपातों]] में [[एलिफैंट जलप्रपात|एलिफ़ैण्ट फ़ॉल्स]], शाडथम प्रपात, वेइनिया प्रपात, [[बिशप जलप्रपात|बिशप प्रपात]], [[नोहकलिकाइ|नोहकालिकाई प्रपात]], [[लांगशियांग जलप्रपात|लांगशियांग प्रपात]] एवं [[स्वीट जलप्रपात|स्वीट प्रपात]], [[क्रिनोलाइन जलप्रपात]], [[काइनरेम जलप्रपात]], [[नोहस्गिथियांग जलप्रपात]], [[बीदों जलप्रपात]], [[मार्गरेट जलप्रपात]] और [[स्प्रैड इगल जलप्रपात]] कुछ हैं। इनके अलावा यहाँ विशेषकर मॉनसून के काल में ढेरों झरने मिलते हैं। [[मावसिनराम]] के निकट स्थित [[जकरेम]] के गर्म जल के झरने में औषधीय एवं चिकित्सकीय गुण पाये जाने की मान्यता है।<ref>{{Cite web|url=http://megtourism.gov.in/jakrem.html|title=Jakrem: Department of Tourism, Government of Meghalaya|website=megtourism.gov.in|language=en|access-date=2018-09-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20180918061054/http://megtourism.gov.in/jakrem.html|archive-date=18 सितंबर 2018|url-status=live}}</ref><p></p>पश्चिम खासी हिल्स जिले में स्थित [[नोंगखनम द्वीप]] मेघालय का सबसे बड़ा एवं एशिया का दूसरा सबसे बड़ा नदी द्वीप है।<ref>{{Cite web|url=http://megtourism.gov.in/nongkhnum.html|title=नोंगखनम: पर्यटन विभाग, मेघालय सरकार []|last=|first=Department of Tourism, Government of Meghalaya|date=|website=megtourism.gov.in| language = en|archive-url=https://web.archive.org/web/20180730064217/http://megtourism.gov.in/nongkhnum.html|archive-date=30 जुलाई 2018|dead-url=|access-date=2018-08-09|url-status=live}}</ref> यह नोंगस्टोइन से १४ किमी॰ दूर स्थित है। यह द्वीप किन्शी नदी के फान्लियान्ग और नाम्लियान्ग नदियों में विभाजित हो जाने से बना है। रेतीली तटरेखा वाली फान्लियान्ग नदी बहुत ही सुन्दर झील बनाती है। इसके आगे आगे जाते हुए फान्लियान्ग नदी एक गहरी घाटी में गिरने से पूर्व एक ६० मी॰ ऊँचे जलप्रपात से गिरती है। यह प्रपात शादथम फ़ॉल्स नाम से प्रसिद्ध है।
[[चित्र:Mawphalang Sacred forests Stone henge 24.jpg|अंगूठाकार|पवित्र वन में पुरातन काल में धार्मिक आयोजन पूर्व तैयारी का स्थल।]]
 
==== पवित्र वृक्ष ====
{{मुख्य|मावफलांग पवित्र वन}}
मेघालय अपने पवित्र वृक्षों के लिये भी प्रसिद्ध है। ये वन, उद्यान या प्राकृतिक सम्पदा का छोटा या बड़ा भाग होते हैं, जिन्हें स्थानीय लोग कई पीढियों से किसी स्थानीय देवता को समर्पित कर उसके प्रतीक के रूप में पूजते रहे हैं। ये प्राचीन काल से मान्यता रही है और इनके अनुसार इन वृक्षों में पवित्र आत्मा का निवास होता है। ऐसे स्थान भारत पर्यन्त मिल जाएंगे और इनका अनुरक्षण एवं देखभाल स्थानीय लोग करते हैं, तथा इनकी पत्तियों व अन्य भागों को या इनमें निवास करने वाले जीव जन्तुओं को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाना या तोड़ना निषेध होता है। ''मावफ्लांग सैकरेड फ़ॉरेस्ट'' ([[मावफलांग पवित्र वन]]) जिसे "लॉ लिंगडोह" भी कहा जाता है, मेघालय के सैकरेड फ़ॉरेस्ट्स में से एक है। यह शिलाँग से लगभग २५ कि॰मी॰ पर [[मावफलांग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र|मावफलांग]] में स्थित है। यह एक नैसर्गिक दश्य वाला पवित्र स्थान है जहां पवित्र रुद्राक्ष भी मिल जाते हैं।<ref>[http://ecoheritage.cpreec.org/viewsacdetail.php?$mFJyBfK$MOIb-B5vugEjzLdzxFAXZ List of Sacred Groves in Meghalaya] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150602134727/http://ecoheritage.cpreec.org/viewsacdetail.php?$mFJyBfK$MOIb-B5vugEjzLdzxFAXZ |date=2 जून 2015 }} Government of Meghalaya (2011)</ref>
 
==== ग्रामीण क्षेत्र ====
मेघालय का ग्रामीण जीवन एवं ग्राम पूर्वोत्तर की पर्वतीय जीवनशैली का दर्शन कराते हैं। ऐसा एक गांव भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित है, जिसे मावलिन्नॉंग कहते हैं। इसके बारे में पत्रिका डिस्कवर इण्डिया में विस्तृत लेख निकला था।<ref name="megtourism_eco">[http://megtourism.gov.in/ecodestination.html Eco Destination] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20111209012830/http://megtourism.gov.in/ecodestination.html |date=9 दिसंबर 2011 }}, Department of Tourism, Government of Meghalaya</ref> यह गांव पर्यटन के लिये जाना जाता है और यहां एक जीवित जड़ सेतु, हाइकिंग ट्रेल और चट्टान संरचनाएं हैं।{{multiple image
|direction=vertical|align=right|width=|footer=उमियम झील (ऊपर) एवं शिलाँग के निकट दृश्य।|image1=Umiam Lake - by Vikramjit Kakati.png|image2=Near Shillong Meghalaya India.jpg}}
 
 
=== अवैध आप्रवासन ===
बांग्लादेश की सीमा से लगते हुए राज्यों में अवैध अप्रवासन एक प्रमुख मुद्दा बन गया है - पश्चिम में पश्चिम बंगाल, उत्तर में मेघालय और असम, पूर्व में त्रिपुरा, मणिपुर एवं मिज़ोरम। भारतीय अर्थ-व्यवस्था के उन्नत होने के कारण लाखों बांग्लादेशी यहां घुसपैठ करते रहे हैं।इन बांग्लादेशी प्रवासियों का यहां घुसपैठ करने का मुख्य उद्देश्य वहां की हिंसा, गरीबी, बेरोजगारी और साथ ही इस्लामिक बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे धार्मिक अत्याचार से बचाव ही होता है। मेघालय में दर्जनों राजनीतिक एवं नागरिक स्मूहों व दलों की लम्बे समय से यह मांग रही है कि इस घुसपैठ पर रोक लगायी जाए या कम से कम इसे नियन्त्रित स्तर तक ही अनुमत किया जाए अन्यथा इससे इन राज्यों की अर्थ एवं कानून व्यवस्था पर बुरा प्रभाव व अवांछित भार पड़ता है।<ref>Palash Ghosh, [http://www.ibtimes.com/indias-2014-elections-narendra-modi-says-some-illegal-immigrants-bangladesh-are-better-others India's 2014 Elections: Narendra Modi Says Some Illegal Immigrants From Bangladesh Are Better Than Others] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20140715001456/http://www.ibtimes.com/indias-2014-elections-narendra-modi-says-some-illegal-immigrants-bangladesh-are-better-others |date=15 जुलाई 2014 }} International Business Times, NY Times, (2014)</ref> बांग्लादेश और मेघालय की सीमा लगभग ४४० किलोमीटर लम्बी है जिसमें से ३५० कि॰मी॰ पर बाड़ लगी हुई है, किन्तु सीमा की लगातार अन्वरत गश्त संभव नहीं है अतः इसमें घुसपैठ की संभावनाएं हैं। इसे पूर्णतया बाड़ लगाने एवं प्रवेश को अनुमति या अनुज्ञा पत्र द्वारा नियन्त्रित करने के प्रयास जारी हैं।<ref>V Singh, [http://indianexpress.com/article/india/politics/mha-asks-meghalaya-to-speed-up-border-fencing-work/ MHA asks Meghalaya to speed up border fencing work] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150428000439/http://indianexpress.com/article/india/politics/mha-asks-meghalaya-to-speed-up-border-fencing-work/ |date=28 अप्रैल 2015 }} Indian Express (April 16, 2014)</ref>
 
तत्कालीन मुख्य मंत्री मुकुल संगमा ने अगस्त २०१२ में केन्द्र सरकार को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में हो रही अवैध घुसपैठ को नियन्त्रण से बाहर होने से पूर्व पर्याप्त प्रयास करने की मांग की थी।<ref>{{cite web|url=http://economictimes.indiatimes.com/news/politics/nation/meghalayas-congress-cm-mukul-sangma-too-rings-alarm-on-influx-of-illegal-migrants/articleshow/15432673.cms|title=Meghalaya's Congress CM Mukul Sangma too rings alarm on influx of illegal migrants|date=10 August 2012|access-date=8 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20120812064704/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics/nation/Meghalayas-Congress-CM-Mukul-Sangma-too-rings-alarm-on-influx-of-illegal-migrants/articleshow/15432673.cms|archive-date=12 अगस्त 2012|url-status=live}}</ref>
 
=== हिंसा ===
वर्ष २००६ से २०१३ के अन्तराल में शून्य से २८ नागरिक प्रतिवर्ष मेघालय( या शून्य से १ व्यक्ति प्रति १ लाख व्यक्ति) में मारे गये थे, जिन्हें राज्य के प्राधिकारियों द्वारा आतंक-संबंधी साभिप्राय हिंसा ्में वर्गीकृत किया गया है।<ref>[http://www.satp.org/satporgtp/countries/india/database/index.html Meghalaya Violence Statistics, India Fatalities 1994-2014] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20110529084134/http://www.satp.org/satporgtp/countries/india/database/index.html |date=29 मई 2011 }} SATP (2014)</ref> विश्व की साभिप्राय हिंसा के कारण होने वाली मत्यु की औसत वार्षिक दर हाल के वर्षों में ७.९ प्रति १ लाख व्यक्ति रही है।<ref name="gede">[http://www.genevadeclaration.org/fileadmin/docs/GBAV2/GBAV2011-Ch2-Summary.pdf Global Burden of Armed Violence] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20150924021451/http://www.genevadeclaration.org/fileadmin/docs/GBAV2/GBAV2011-Ch2-Summary.pdf |date=24 सितंबर 2015 }} Chapter 2, Geneva Declaration, Switzerland (2011)</ref> आतंक-संबन्धी हत्याएं प्रायः जनजातीय समूहों में और बांग्लादेशी प्रवासियों का विरोध करते हुए होती रही हैं। राजनीतिक संकल्प और वार्ता के साथ-साथ, विभिन्न ईसाई संगठनों ने भी हिंसा को रोकने और समूहों के बीच चर्चा की प्रक्रिया में सहायक होने के लिए पहल की है।<ref>SNAITANG, R. (2009), Christianity and Change among the Hill Tribes of Northeast India, Christianity and Change in Northeast India (Editors: Subba et al), {{ISBN|978-8180694479}}, Chapter 10</ref>[[File:Jhum_cultivation_in_Nokrek_Biosphere_Reserve_Meghalaya_India_Northeast_India_2004.jpg|कड़ी=https://en.wikipedia.org/wiki/File:Jhum_cultivation_in_Nokrek_Biosphere_Reserve_Meghalaya_India_Northeast_India_2004.jpg|अंगूठाकार|Jhum cultivation, or cut-and-burn shift farming, in Nokrek Biosphere Reserve of Meghalaya.]]
 
=== राजनीतिक अस्थिरता ===
<p>राज्य की स्थापना के बाद से यहां २३ सरकारें बन चुकी हैं, जिनका औसत कार्यकाल १८ माह से कम ही है। मात्र ३ सरकारें ३ वर्ष से अधिक चली हैं। इस राजनीतिक अस्थिरता का दुष्प्रभाव राज्य की अर्थ-व्यवस्था पर पड़ता रहा है।<ref>{{cite web|url=http://megplanning.gov.in/report/vision2030/chapter2.pdf|title=Participatory Planning and Inclusive Governance|website=Megplannnig.gov.in\accessdate=2017-02-27|format=PDF|access-date=8 जून 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20110911004507/http://megplanning.gov.in/report/vision2030/chapter2.pdf|archive-date=11 सितंबर 2011|url-status=live}}</ref> हालांकि हाल के वर्षों में राजनीतिक स्थिरता में वृद्धि दिखाई दे रही है और आशा है कि ये राज्य के लिये लाभदायक होगी। २००८ में चुनी गयी सरकार के ५ वर्ष पूरे होने पर अन्तिम विधान सभा २०१३ में चुनी गयी थी जिसका कार्यकाल प्रगति पर है।<ref>{{cite web|url=http://ceomeghalaya.nic.in/electionconducted/mla2013/mla-election-2013.htm|title=Official Website of the Election Department, Government of Meghalaya, India|date=|website=Ceomeghalaya.nic.in|accessdate=2017-02-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20130122045103/http://ceomeghalaya.nic.in/electionconducted/mla2013/mla-election-2013.htm|archive-date=22 जनवरी 2013|url-status=dead}}</ref></p>
 
=== झूम कृषि ===
 
* ''शिलाँग वीकली एक्स्प्रेस'': साप्ताहिक समाचार पत्र जिसका आरम्भ २०१० में हुआ था।
* ''एक्लेक्टिक नॉर्थईस्ट''<ref>{{Cite web|url=http://eclecticnortheast.in/|title=Eclectic NorthEast &#124; Latest News from Northeast India.|website=Eclectic Northeast|accessdate=28 मार्च 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190328031942/http://eclecticnortheast.in/|archive-date=28 मार्च 2019|url-status=live}}</ref>
 
== इन्हें भी देखें ==
== सन्दर्भ ==
{{टिप्पणीसूची|2}}
<references responsive="" /><ref>{{Cite web|url=https://www.lifepage.in|title=Career Counseling|last=|first=|date=|website=|archive-url=https://web.archive.org/web/20190901101144/https://www.lifepage.in/|archive-date=1 सितंबर 2019|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref>
 
== ग्रन्थसूची ==
;सरकारी
*{{आधिकारिक|http://meghalaya.nic.in/}}
*[https://web.archive.org/web/20180613194407/http://meghalaya.gov.in/ मेघालय सरकार] आधिकारिक जालस्थल
*[https://web.archive.org/web/20180520090200/http://megtourism.gov.in/&#x20;आधिकारिक&#x20;पर्यटन&#x20;जालस्थल&#x20;-&#x20;मेघालय&#x20;सरकार मेघालय पर्यटन विभाग]: आधिकारिक जालस्थल
 
;सामान्य जानकारी
*[https://web.archive.org/web/20180612152837/https://www.britannica.com/place/Meghalaya मेघालय] ब्रिट्टैनिका विश्वकोश में प्रविष्टि
*{{dmoz|Regional/Asia/India/Meghalaya|Meghalaya}}
*{{osmrelation-inline|2027521}}
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