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| birth_place = <!--Note: No scholarly consensus for any more precise a location than Judea:-->[[यहूदा]], [[रोमन साम्राज्य]]<ref>{{cite book |first=Raymond E. |last=Brown |title=The birth of the Messiah: a commentary on the infancy narratives in Matthew and Luke |year=1977 |isbn=978-0-385-05907-7 |publisher=Doubleday |page=513}}</ref>
| death_date = {{circa|AD 30 / 33|lk=no}}{{efn|Most scholars estimate AD 30 or 33 as the year of Jesus' crucifixion.<ref name=Humphreys1992>{{cite journal |url=http://www.tyndalehouse.com/tynbul/library/TynBull_1992_43_2_06_Humphreys_DateChristsCrucifixion.pdf#page=9 |title=The Jewish Calendar, a Lunar Eclipse and the Date of Christ's Crucifixion |journal=Tyndale Bulletin |year=1992 |volume=43 |issue=2 |page=340 |first1=Colin J. |last1=Humphreys |first2=W. G. |last2=Waddington |access-date=4 दिसंबर 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180930231450/http://www.tyndalehouse.com/tynbul/library/TynBull_1992_43_2_06_Humphreys_DateChristsCrucifixion.pdf#page=9 |archive-date=30 सितंबर 2018 |url-status=live }}</ref>}} <br />(aged 33–36)
| death_place = [[यरुशलम|येरुशलम]], यहूदा, रोमन साम्राज्य
| death_cause = <!---Note: No (further) comments required here; the scholarly consensus that the cause of Jesus' death was crucifixion is given in the article text:--->क्रूस पर चढ़ाये जाने से<!--
[[चित्र:Christ Pantocrator, Church of the Holy Sepulchre.png|thumb|एक मोजेक]]
 
'''यीशु''' या '''यीशु मसीह'''<ref name="name">ईसा, यीशु और मसीह नाम हेतु पूरी चर्चा इस लेख के वार्ता पृष्ठ पर है। प्रचलित मान्यता के विरुद्ध, ईसा एक इस्लामी शब्दावली है, व "यीशु" सही ईसाई शब्दावली है। तथा मसीह एक उपादि है। विस्तृत चर्चा वार्ता पृष्ठ पर देखें।</ref> (इब्रानी :'''''येशुआ'''''; अन्य नाम:'''ईसा मसीह''', '''जीसस क्राइस्ट'''), जिन्हें ''नासरत का यीशु'' भी कहा जाता है, [[ईसाई धर्म]] के प्रवर्तक हैं।<ref>{{cite web|url=https://www.bbc.com/hindi/magazine-46337283|title=क्या ईसा मसीह के वजूद के ऐतिहासिक सबूत मौजूद हैं?|access-date=4 दिसंबर 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181204113530/https://www.bbc.com/hindi/magazine-46337283|archive-date=4 दिसंबर 2018|url-status=live}}</ref> ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र और ईसाई [[त्रित्व|त्रिएक परमेश्वर]] का तृतीय सदस्य मानते हैं। ईसा की जीवनी और उपदेश [[बाइबिल]] के [[नया नियम|नये नियम]] (ख़ास तौर पर चार शुभसन्देशों: मत्ती, लूका, युहन्ना, मर्कुस पौलुस का पत्रिया, पत्रस का चिट्ठियां, याकूब का चिट्ठियां, दुनिया के अंत में होने वाले चीजों का विवरण देने वाली प्रकाशित वाक्य) में दिये गये हैं।
यीशु मसीह को इस्लाम में [[ईसा इब्न मरियम|ईसा]] कहा जाता है, और उन्हें इस्लाम के भी महानतम पैग़म्बरों में से एक माना जाता है। उन्हें इस्लामी परम्परा में भी एक महत्वपूर्ण पैग़म्बर माना गया है, तथा [[क़ुरआन|क़ुरान]] में उनका ज़िक्र है।
 
 
=== चमत्कार ===
यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक (बाईबल) में लिखे नहीं गए।  परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।( यूहन्ना 20:30,31)।<ref>{{cite web|title=बाइबिल|url=https://www.wordproject.org/bibles/in/43/20.htm#0|publisher=www.wordproject.org|accessdate=2 अप्रैल 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20180403051512/https://www.wordproject.org/bibles/in/43/20.htm|archive-date=3 अप्रैल 2018|url-status=live}}</ref> यह बहुत अच्‍छे इंसान थे जिसके सिर पर हाथ वह धन्य हो जाता था येशु ने अपने जीवन में अनगिनत चमत्कार किये जो पृथ्वी पर  किसी और के लिए नामुमकिन थे
 
== धर्म-प्रचार ==
 
==बाहरी कड़ियाँ==
*[https://web.archive.org/web/20180416200905/https://www.wordproject.org/bibles/in/ सम्पूर्ण हिन्दी बाइबल] (ऑनलाइन पुस्तक)
* {{dmoz|Society/Religion_and_Spirituality/Christianity/Jesus_Christ/}}
* [https://web.archive.org/web/20180406022804/http://www.latinvulgate.com/christverse.aspx Complete Sayings of Jesus Christ] in parallel Latin and English.
* {{worldcat id|id=lccn-n79-84784}}
 
1,05,299

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