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[[चित्र:Maria Montessori.jpg|right|thumb|300px|मारिया मांटेसरी]]
'''मारिया मांटेसरी''' (Maria Tecla Artemisia Montessori ; इतालवी उच्चारण : [maˈriːa montesˈsɔːri]; 31 अगस्त, 1870 – 6 मई, 1952) [[इटली]] की एक चिकित्सक तथा शिक्षाशास्त्री थीं जिनके नाम से शिक्षा की [[मांटेसरी पद्धति]] प्रसिद्ध है। उनकी शिक्षापद्धति आज भी कुछ विद्यालयों में प्रचलित है।
 
मारिया मांटेसरी का जन्म सन् 1870 ई में इटली के एक धनी परिवार में हुआ था। उच्च शिक्षा प्राप्त करके वह अपने देश की पहली डॉक्टर महिला बनीं। मांटेसरी को रोम विश्वविद्यालय में ही मंदबुद्धि एवम् असाधारण बालकों की शिक्षा और चिकित्सा का कार्यभार सौंपा गया। बालकों के मानसिक विकास अध्ययन में उन्होंने विशेष रूचि दिखाई और कमबुद्घि वाले बालकों की प्रगति का अध्ययन किया। कम बुद्धि वाले बालकों को प्रशिक्षित करने के लिए एक विशेष बुद्घि पद्धति का निर्माण किया। साधारण बालकों की शिक्षा में भी उन्होंने इस पद्धति का प्रयोग किया।
अपने प्रयोग के आधार पर वो इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मंदबुद्धि बालक को भी साधारण बुद्धि बालक की तरह
शिक्षित एवम् व्यवहार कुशल बनाया जा सकता है।
 
1939 मेंथियोसोफिकल सोसाइटी के निमन्त्रण पर मारिया मान्टेसरी भारत आई औरमान्टेसरी विधि के संदर्भ में अनेक व्याख्यान दिये। मद्रास में मान्टेसरी संघ कीशाखा स्थापित की और अहमदाबाद में बड़ी संख्या में अध्यापकों को मान्टेसरीपद्धति का प्रशिक्षण दिया। वे इण्डियन ट्रेनिंग कोचर्स इंस्टीट्यूट, अडियार कीनिर्देशिका भी रहीं। इस तरह से उन्होंने न केवल यूरोप वरन् भारत में भीमान्टेसरी पद्धति को लोकप्रिय बनाया।
 
==जीवन परिचय==