"उत्तरकाण्ड" के अवतरणों में अंतर

17 बैट्स् जोड़े गए ,  4 माह पहले
One sentence moved forward
(→‎उत्तरकाण्ड: छोटा सा सुधार किया।)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल एप सम्पादन Android app edit
(One sentence moved forward)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
[[उत्तरकाण्ड]] [[वाल्मीकि]] कृत [[रामायण]] और गोस्वामी [[तुलसीदास]] कृत [[श्रीरामचरितमानस|श्री राम चरित मानस]] का एक भाग (काण्ड या सोपान) है।
 
[[उत्तरकाण्ड]] [[राम]] कथा का उपसंहार है। [[सीता]], [[लक्ष्मण]] और समस्त [[वानरसेना|वानर सेना]] के साथ [[राम]] [[अयोध्या]] वापस पहुँचे। [[राम]] का भव्य स्वागत हुआ, [[भरत]] के साथ सर्वजनों में आनन्द व्याप्त हो गया। वेदों और [[शिव]] की स्तुति के साथ [[राम]] का [[राज्याभिषेक]] हुआ। वानरों की विदाई दी गई। [[राम]] ने प्रजा को उपदेश दिया और प्रजा ने कृतज्ञता प्रकट की। चारों भाइयों के दो दो पुत्र हुये। [[रामराज्य]] एक आदर्श बन गया। परन्तु प्रजा ने सीता पर दोष लगाया तब सीता का निर्वासन हो गया । और वहाँपर श्री राम के दो पुत्र हुए लव ओर कुश । बाकी भाइयों के दो दो पुत्र हुए । लव ओर कुश वाल्मीकिजी के आश्रम में पले बढ़े ।
 
एक दिन भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ करवाया और तब यज्ञ के अश्व को लव ओर कुश ने रोक लिया तब युद्ध हुआ । और अंत मे लव कुश को इस बात का ज्ञान हो गया कि वो राम के ही पुत्र है । तब उन्होंने राम राज्य सभा मे सबको रामायण सुनाई । ओर अंत मे सीता का रसातल प्रवेश हुआ ।
बेनामी उपयोगकर्ता