"मदीनन सूरा" के अवतरणों में अंतर

932 बैट्स् जोड़े गए ,  3 माह पहले
छो
सुधार स्रोत से
छो ({{स्रोतहीन}} जोड़े (TW))
छो (सुधार स्रोत से)
{{स्रोतहीन|date=दिसम्बर 2017}}
'''मदीनन सूरतें''' (मदनी सूरतें) [[क़ुरआन]] की सब से बाद की वो 24 [[सूरा|सूरतें]] हैं जो ईस्लामी परंपरा के अनुसार, [[मदीना]] में [[मुहम्मद|मुहम्मद(सल्ल)]] और उनके [[सहाबा|साथियों]] के [[मक्का (शहर)|मक्का]] से [[हिजरत]] (देश त्याग) के बाद में प्रकट (प्रकाशित) हुई थीं। ये सूरतें ईश्वर (अल्लाह) नें अवतरित की, जब [[मुसलमान|मुस्लिम समुदाय]] मक्का में पहले वाली अल्पसंख्यक स्थिति की तुलना में तादाद में ज़्यादा और अधिक विकसित था।<br>
क़ुरआनी [[आयत (क़ुरआन)|आयतें]] अपने अवतरित होने के समय की दृष्टि से दो प्रकार की हैं। मक्की और मदनी।<ref>{{cite book |last1=अनुवादक: मौलाना फारूक़ खाँ |first1=भाष्य: मौलाना मौदूदी |title=अनुदित क़ुरआन - संक्षिप्त टीका सहित |page=19 |url=https://archive.org/details/TranslationOfTheMeaningsOfTheNobleQuranInTheHindipdf}}</ref>
 
ये सूरतें ईश्वर (अल्लाह) नें अवतरित की, जब [[मुसलमान|मुस्लिम समुदाय]] मक्का में पहले वाली अल्पसंख्यक स्थिति की तुलना में तादाद में ज़्यादा और अधिक विकसित था।
 
==सन्दर्भ:==
{{टिप्पणीसूची}}
 
==इन्हें भी देखें==
*[[मक्कन सूरा]]
*[[सूरा]]
*[[आयत (क़ुरआन)]]
*[[इस्लामी शब्दावली]]
 
[[श्रेणी:क़ुरआन]]
[[Category:सूरा]]
904

सम्पादन