"मदीनन सूरा" के अवतरणों में अंतर

6 बैट्स् जोड़े गए ,  4 माह पहले
छो
स्रोत बदला
छो (सुधार स्रोत से)
छो (स्रोत बदला)
{{स्रोतहीन|date=दिसम्बर 2017}}
'''मदीनन सूरतें''' (मदनी सूरतें) [[क़ुरआन]] की सब से बाद की वो 24 [[सूरा|सूरतें]] हैं जो ईस्लामी परंपरा के अनुसार, [[मदीना]] में [[मुहम्मद|मुहम्मद(सल्ल)]] और उनके [[सहाबा|साथियों]] के [[मक्का (शहर)|मक्का]] से [[हिजरत]] (देश त्याग) के बाद में प्रकट (प्रकाशित) हुई थीं।<br>
क़ुरआनी [[आयत (क़ुरआन)|आयतें]] अपने अवतरित होने के समय की दृष्टि से दो प्रकार की हैं। मक्की और मदनी।<ref>{{citein bookHindi |last1=अनुवादक[https://www.islaminhindi.com/2019/07/quran-general-knowledge-in-hindi.html मौलानाक़ुरआन फारूक़के खाँबारे |first1=भाष्य:में मौलानादिलचस्प मौदूदीजानकारियां |title=अनुदित क़ुरआन - संक्षिप्त टीका सहित |page=19] {{Webarchive|url=httpshttp://web.archive.org/detailsweb/TranslationOfTheMeaningsOfTheNobleQuranInTheHindipdf20200719090726/https://www.islaminhindi.com/2019/07/quran-general-knowledge-in-hindi.html |date=19 july 2020 }} good result</ref>
 
ये सूरतें ईश्वर (अल्लाह) नें अवतरित की, जब [[मुसलमान|मुस्लिम समुदाय]] मक्का में पहले वाली अल्पसंख्यक स्थिति की तुलना में तादाद में ज़्यादा और अधिक विकसित था।
904

सम्पादन