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(→‎मध्य काल: मध्य काल की महिला राज्यकर्ता और संत)
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====मध्य काल====
मध्य काल में भारतीय नारी की स्थिति में कुछ गिरावट आ गई थी। परम्परागत तौर पर [[मध्यम वर्ग|मध्य वर्ग]] में नारी की भूमिका घरेलू कामों से जुडी़ रहती थी जैसे कि बच्चों की देखभाल करना और ज़्यादातर औरतें पैसे कमाने नहीं जाती थीं। मध्यम वर्ग में धन की कमी की वजह से नारी को काम / मजदूरी भी करनी पड़ती थी, हालांकि औरतों को दिये जाने वाले काम हमेशा मर्दों को दिये जाने वाले कामों से प्रतिष्ठा और पैसों दोनो में छोटे होते थे। हालाकी मध्य काल में भी बहुत सारी महिलाए समाज में राज्य प्रमुख, संत जैसे स्थान प्राप्त कर चुकी थी. [[अहिल्याबाई होळकर]], चांदबीबी, [[रानी चेन्नमा]], [[रानी लक्ष्मीबाई]] जैसी कई महिला राज्यकर्ता प्रसिद्ध है. संत मीराबाई, संत [[संत मुक्ताबाई]], [[कान्होपात्रा]] जैसी संत मध्यकाल मे भारत मे थी.
 
====आधुनिक भारतीय नारी====
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