"भगवान": अवतरणों में अंतर

514 बैट्स् नीकाले गए ,  1 वर्ष पहले
ये मेरा अपना विचार हैँ
छो (Vivek Rajput prerna (Talk) के संपादनों को हटाकर Dineshswamiin के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न SWViewer [1.3]
(ये मेरा अपना विचार हैँ)
टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
'''भगवान''' गुण वाचक शब्द है जिसका अर्थ गुणवान होता है। यह "भग" धातु से बना है ,भग के ६ अर्थ है:-
१-ऐश्वर्य
२-वीर्य
३-स्मृति
४-यश
५-ज्ञान और
६-सौम्यता
जिसके पास ये ६ गुण है वह भगवान है।
 
भ -भूमि (धरती )
संस्कृत भाषा में भगवान "भंज" धातु से बना है जिसका अर्थ हैं:- सेवायाम् । जो सभी की सेवा में लगा रहे कल्याण और दया करके सभी मनुष्य जीव ,भूमि गगन वायु अग्नि नीर को दूषित ना होने दे सदैव स्वच्छ रखे वो भगवान का भक्त होता है
 
ग - गगन (आकाश )
 
व - वायु (हवा )
 
अ - अग्नि (आग )
 
न -नीर (जल )
 
इसके बिना किसी भी प्रकार से सृष्टि संभव ही नहीं हैँ , ये ही वो पंच -तत्व हैँ जो जीवन को संभव बनाती हैँ ।
 
== संज्ञा ==
1

सम्पादन