"राजनीति विज्ञान" के अवतरणों में अंतर

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यूनानी विचारकों के समय से लेकर आधुनिक काल तक के विभिन्न चिन्तकों, सिद्धान्तवेत्ताओं और विश्लेषकों के योगदानों से राजनीति विज्ञान के रूप, अध्ययन सामग्री एवं उसकी परम्पराएॅ समय-समय पर परिवर्तित होती रही हैं। तद्नुरूप इस विषय का निरन्तर विकास होता रहा हैं। इस विकासक्रम में राजनीति विज्ञान के अध्ययन के सम्बन्ध में दो प्रमुख दृष्टिकोणों का उदय हुआ है : परम्परागत दृष्टिकोण एवं आधुनिक दृष्टिकोण। पारम्परिक या परम्परागत दृष्टिकोण [[राज्य]]-प्रधानता का परिचय देता है जबकि आधुनिक दृष्टिकोण [[प्रक्रिया]]-प्रधानता का।
एक राज नेता को अपने देश के बारे में सब कुछ पता
होना चाहिए।
 
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