"राशि और रत्न" के अवतरणों में अंतर

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चौथी राशि है कर्क। यह सूर्य के क्रांतिपथ में मिथुन और सिंह राशि के बीच होता है। इस राशि का विस्तार देशान्तर में ७.८ से ९.५ घंटे तक है। इसका अक्षांशीय विस्तार ३४ डिग्री उत्तर से ४ डिग्री दक्षिण है। इस राशि का गुण है किसी विषय को गहराई से समझना। जो व्यक्ति इस राशि से प्रभावित होता है उनमें दूसरो को समझने की अद्भुत क्षमता होती है। व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता
अच्छी होती है। लिखने एवं बोलने की कला में व्यक्ति कुशल होता है। इस राशि का दूसरा पक्ष है अपने मन की करना। छोटी छोटी बातों पर रूठ जाना, अति संवेदनशील होना। कर्क लग्न का व्यक्ति सैर सपाटे का भी शौकीन होता है। मोती (Pearl), एजेट (Agate) एवं मूनस्टोन (Moonstone) धारण करने से कर्क राशि के लोगों को लाभ मिलता है।
हैविन्द्र सिंह नाम के इंसान बहुत ही अच्छे होते हैं।
 
=== सिंह राशि ===