"क्षीर सागर" के अवतरणों में अंतर

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[[File:Vishnu and Lakshmi on Shesha Naga, ca 1870.jpg|thumb|क्षीर सागर में भगवान विष्णु]]
<!-- Commented out: [[चित्र:Dweep.JPG‎|200px|thumb|पृथ्वी के द्वीपों और सागरों की स्थिति]] -->
[[विष्णु पुराण]] के अनुसार यह [[पृथ्वी]] सात द्वीपों में बंटी हुई है। ये सातों द्वीप चारों ओर से सात समुद्रों से घिरे हैं। ये सभी द्वीप एक के बाद एक दूसरे को घेरे हुए बने हैं और इन्हें घेरे हुए सातों समुद्र हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान [[विष्णु]] एवं देवी [[लक्ष्मी]],क्षीरसागर में निवास करते है।
आप पुराणों में क्षीर सागर के बारे में पढ़ते है या सुनते हैं। लेकिन क्या कहां है ये जानते हैं। क्या अभी कहां है ये जानना चाहते हैं। आइए इसके बारे में कुछ जानते है। पुराणों में वर्णित है कि भगवान भोलेनाथ कैलाश पर्वत पर और भगवान विष्णु क्षीरसागर में माता लक्ष्मी संग विराजमान हैं।
क्षीर सागर:क्षीर सागर भगवान भोलेनाथ की जटा से निकलने वाली गंगा से बना है।क्षीर सागर कैलाश पर्वत से 40 किलोमीटर दूर स्थित मानसरोवर झील को ही क्षीर सागर कहा जाता है। यहीं भगवान विष्णु निवास करते हैं। कैलाश पर्वत के पूर्व भाग को क्रिस्टल, पश्चिम भाग को रुबी, उत्तर भाग को स्वर्ण और दक्षिण भाग को नीलम के रूप में मनाते हैं।
 
{{हिन्दू पृथ्वी}}
कैलाश पर्वत के तल में कल्पवृक्ष लगा हुआ है। इसमें बहुत प्रकार के चिकित्सकीय गुण पाये जाते हैं, जो शरीर के सभी प्रकार शारीरिक और मानसिक रोगों का इलाज करने के सक्षम है। माना जाता है कि इस झील में एक बार नहा लेने पर मोक्ष प्राप्त होता है। कैलाश पर्वत की यात्रा के दौरान यहां का दर्शन करते हैं।
 
[[श्रेणी:हिन्दू धर्म]]
मानसरोवर झील तिब्बत में स्थित है। यह समुद्र तल से 20,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसका रास्ता बहुत कठीन है। मानसरोवर यात्रा जून से सितंबर तक ही होंती है। इसमें लगभग 1.8 लाख तक का खर्च ‌‌‌‌‌ह़ो जाता है। 75
[[श्रेणी:सप्त सागर]]
किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
[[श्रेणी:विष्णु पुराण]]
मानसरोवर झील के बारे में कुछ खास बातें...
[[श्रेणी:हिन्दू कथाएं]]
* गर्मी दिन में जब बर्फ पिघलने लगती है तो मृदंग जैसी‌ आवाज आते रहती है।
[[श्रेणी:हिन्दू इतिहास]]
* यहां पर प्रकाश तरंगों और ध्वनि तरंगों का‌ समागम होता है जो ' ऊं' जैसा सुनाई देता है।
* यहां रोज 2.30 से 3.45 तक कुछ खास अलौकिक क्रियाकलाप होती है जिसे देखा नहीं जा सकता है लेकिन महसूस किया जा सकता है।