"पाणिनि" के अवतरणों में अंतर

आकार में कोई परिवर्तन नहीं ,  10 माह पहले
Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.7
(Rescuing 11 sources and tagging 1 as dead.) #IABot (v2.0.1)
(Rescuing 1 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.7)
| influenced =
}}
'''पाणिनि''' (7०० ई पू) [[संस्कृत]] भाषा के सबसे बड़े [[वैयाकरण]] हुए हैं। इनका जन्म तत्कालीन उत्तर पश्चिम भारत के [[गांधार]] में हुआ था। इनके व्याकरण का नाम [[अष्टाध्यायी]] है जिसमें आठ अध्याय और लगभग चार सहस्र सूत्र हैं।<ref name="paniniprebuddha">{{cite web|url=https://scroll.in/article/811942/a-reminder-panini-didnt-destroy-lingual-diversities-with-his-sanskrit-grammar-he-unified-them|title=A reminder: Panini didn't destroy lingual diversities with his Sanskrit grammar, he unified them|access-date=27 मई 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190527152746/https://scroll.in/article/811942/a-reminder-panini-didnt-destroy-lingual-diversities-with-his-sanskrit-grammar-he-unified-them|archive-date=27 मई 2019|url-status=livedead}}</ref> संस्कृत भाषा को व्याकरण सम्मत रूप देने में पाणिनि का योगदान अतुलनीय माना जाता है।
अष्टाध्यायी मात्र व्याकरण ग्रंथ नहीं है। इसमें प्रकारांतर से तत्कालीन भारतीय समाज का पूरा चित्र मिलता है। उस समय के भूगोल, सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा और राजनीतिक जीवन, दार्शनिक चिंतन, ख़ान-पान, रहन-सहन आदि के प्रसंग स्थान-स्थान पर अंकित हैं।
 
1,08,952

सम्पादन