"लेंस" के अवतरणों में अंतर

48 बैट्स् नीकाले गए ,  9 माह पहले
Yadavg
(Rescuing 14 sources and tagging 0 as dead.) #IABot (v2.0.1)
(Yadavg)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन यथादृश्य संपादिका
 
ताल की सतह प्राय: गोलीय (spherical) होती है, परंतु आवश्यकतानुसार बेलनाकर, या अगोली ताल भी प्रयुक्त होते हैं। आँख के क्रिस्टलीय ताल ही एकमात्र प्राकृतिक ताल है। हजारों वर्ष पहले भी लोग ताल के विषय में जानते थे और [[माइसनर]] (Meissner) के अनुसार प्राचीन काल में भी चश्मे से लाभ उठाया जाता था। चश्में के अलावा प्रकाशविज्ञान में ताल का उपयोग [[दूरदर्शी]], [[सूक्ष्मदर्शी]], [[प्रकाशस्तंभ]], [[द्विनेत्री]] (बाइनॉक्युलर) इत्यादि में होता है।it is correct
 
Amit Yadav G
 
== वर्गीकरण ==
अनंत से आनेवाली समांतर किरण उत्तल लेंस में [[अपवर्तन]] के पश्चात् बिंदु फ पर अभिसरित (converge) होकर वहाँ वास्तविक प्रतिबिंब बना रही है; जबकि अवतल ताल में अपवर्तन के पश्चात् वे बिंदु "फ" पर बने काल्पनिक प्रतिबिंब से अपसारित (diverge) होती प्रतीत होती हैं। अत: उत्तल ताल को 'अभिसारी ताल' और अवतल ताल को 'अपसारी ताल' भी कहते हैं। यहाँ यह जान लेना आवश्यक है कि उत्तल ताल अभिसारी ताल और अवतल ताल अपसारी ताल के रूप में तभी काम करता है, जब उसके चारों तरफ के माध्यम का अपवर्तनांक (refractive index) ताल के माध्यम के अपवर्तनांक से कम होता है। (काच का अपवर्तनांक, म्यू (m) = 1.5, हवा का अपवर्तनांक, म्यू (m) = 1.00 होता है)। यदि चारों तरफ के माध्यम का अपवर्तनांक ताल के माध्यम के अपवर्तनांक से अधिक होगा, तो उत्तल ताल अपसारी और अवतल ताल अभिसारी हो जाएगा।
 
IAS my dreams Amit Yadav G
== ताल के उपयोग ==
 
== ताल के उपयोगउपयोग। ==
* प्रकाशीय यंत्रों (कैमरा, दूरदर्शी, सूक्ष्मदर्शी आदि) में
* आँख के चश्मों में
यदि ''d'' का मान ''R''<sub>1</sub> और ''R''<sub>2</sub> की तुलना में छोटा हो तो इसे 'पतला ताल' कहेंगे। इसके लिये फोकस दूरी का सूत्र इस प्रकार होगा (लगभग)
 
:<math>\frac{1}{f} \approx \left(n-1\right)\left[ \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right].</math><ref>Hecht, § 5.2.3</ref>
 
== यौगिक ताल (compound lens) ==
बेनामी उपयोगकर्ता