"उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ" के अवतरणों में अंतर

 
 
==पुरस्कार एवं सम्मान==
हिन्दी संस्थान में उत्कृष्ट साहित्यकारों को अलंकृत करने की विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। हिन्दी के यशस्वी साहित्यकारों को उत्कृष्ट साहित्य सृजन एवं अनवरत हिन्दी सेवा के लिए '[[भारत भारती सम्मान]]' से समादृत किया जाता है। संस्थान [[राजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन सम्मान]], साहित्य में विशिष्ट योगदान के लिए[[ लोहिया साहित्य सम्मान]], [[महात्मा गांधी साहित्य सम्मान]], [[हिन्दी गौरव सम्मान]], [[पं0 दीनदयाल उपाध्याय सम्मान ]]तथा [[अवन्तीबाई सम्मान]], [[साहित्य भूषण ]]जैसे सम्मानों सहित कुल 83 पुरस्कार (52 लाख रु० की धनराशि से) [[साहित्य]], [[कला]], [[विज्ञान]] के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान करता है। यह विदेशों में हिन्दी के प्रसार में योगदान के लिये पुरस्कार भी देता है। संस्थान द्वारा [[पत्रकारिता]] के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिये [[गणेशशंकर विद्यार्थी]] पुरस्कार प्रदान किया जाता है। अन्य प्रमुख सम्मान हैं- [[बालकृष्ण भट्ट]] पुरस्कार, [[पत्रकारिता भूषण पुरस्कार]], [[प्रवासी भारतीय हिन्दी भूषण सम्मान]] तथा [[हिन्दी विदेश प्रसार सम्मान]] आदि।
 
दीर्घकालीन विशिष्ट साहित्य रचना एवं हिन्दी सेवा के लिए अखिल भारतीय स्तर पर चुने हुए लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों को अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए साहित्य-भूषण, कला भूषण, लोक भूषण, विद्या भूषण, विज्ञान भूषण तथा पत्रकारिता भूषण सम्मान से अलंकृत किया जाता है। विदेशों में दीर्घकालीन विशिष्ट साहित्य रचना एवं हिन्दी सेवा के लिये लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकारों को प्रवासी भारतीय हिन्दी भूषण सम्मान एवं हिन्दी विदेश प्रसार सम्मान दिया जाता है। भारत के सभी प्रान्तों और क्षेत्रीय भाषाओं को अपने साहित्य सृजन और अनुवाद द्वारा सौहार्द सूत्र में जोड़ने के लिए हिन्दी संस्थान साहित्यकारों को सौहार्द सम्मान से अलंकृत करता है।
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