"धातु" के अवतरणों में अंतर

24 बैट्स् जोड़े गए ,  7 माह पहले
हिंदुस्थान वासी के अवतरण 4004195पर वापस ले जाया गया : Best version (ट्विंकल)
(Kishan)
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन यथादृश्य संपादिका Reverted
(हिंदुस्थान वासी के अवतरण 4004195पर वापस ले जाया गया : Best version (ट्विंकल))
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
[[चित्र:Металлы.JPG|thumb|300px|right|'''धातुएँ''' - मानव सभ्यता के पूरे इतिहास में सर्वाधिक प्रयुक्त पदार्थों में धातुएँ भी हैं]]
[[चित्र:Hot metalwork.jpg|thumb|250px|लुहार द्वारा धातु को गर्म करने पर]]
[[रसायनशास्त्र]] के अनुसार '''धातु''' (metals) वे [[तत्व]] हैं जो सरलता से [[इलेक्ट्रान]] त्याग कर धनायन बनाते हैं और धातुओं के परमाणुओं के साथ धात्विक बंध बनाते हैं। इलेक्ट्रानिक मॉडल के आधार पर, धातु इलेक्ट्रानों द्वारा आच्छादित धनायनों का एक लैटिस हैं।
 
धातुओं की पारम्परिक परिभाषा उनके बाह्य गुणों के आधार पर दी जाती है। सामान्यतः धातु चमकीले, [[प्रत्यास्थता|प्रत्यास्थ]], [[आघातवर्धनीयता|आघातवर्धनीय]] और सुगढ होते हैं। धातु [[उष्मा]] और [[विद्युत]] के अच्छे [[विद्युत चालकता|चालक]] होते हैं जबकि [[अधातु]] सामान्यतः [[भंगुर]], चमकहीन और विद्युत तथा ऊष्मा के [[कुचालक]] होते हैं।
: (6) द्रव अवस्था से ठंण्डा करने पर क्रिस्टल रूप में ठोस पदार्थ का बनना।
 
हम यह अवश्य कह सकते हैं कि यदि कोई तत्व विशुद्ध अवस्था में चमकदार और विद्युत्‌ का चालक नहीं है, तो वह अधातु (non-metal) है। प्रकृति में असंयुक्त अवस्था में बिरली धातु ही मिलती है। [[स्वर्ण]], [[रजत]], [[प्लैटिनम]] और कभी-कभी [[ताम्र]] धातुएँ यदाकदा मिल जाती हैं। अधिकांश धातुओं के [[अयस्क]] (Ores) मिलते हैं जो अधातुओं (जैसे [[ऑक्सीजन]], [[कार्बन]], [[गंधक]] आदि) के साथ धातुओं के [[यौगिक]] होते हैं। ये यौगिक भी शुद्ध अवस्था में न होकर अन्य [[खनिज]] में मिश्रित रहते हैं। इन अयस्कों से विविध रीतियों द्वारा धातुएँ निकाली जाती हैं। धातुओं की संख्या 91 है|
 
== रासायनिक गुण ==
== Kishan ==
 
धातु प्रायः रसायनिक रूप से क्रियाशील होते हैं। हवा में आक्सीजन से संयोग कर धात्विक आक्साईड बनाते हैं। सबसे ज्यादा क्रियाशील अल्कली धातु ([[सोडियम]], [[लीथियम]], [[पोटेशियम]] - वर्ग '''I''' के धातु) होते है जबकि उसके बाद अल्कली मृदा धातुओं ([[बैरेलियम]], [[मैग्नेशियम]], [[कैल्शियम]] - वर्ग II के धातु) का स्थान आता है। उदाहरणार्थ -
 
== भौतिक गुण ==
धातु [[आघातवर्धनीयता|आघातवर्धनीय]] होते हैं - इनको [[हथौड़ा|हथौड़े]] से पीटकर लम्बा किया जा सकता है। जैसे किसी अल्यूमिनियम या तांबे के तार को पर प्रहार (आघात) करनेकरन से उसका प्रसार (वर्धन) होता है। धातु तन्य भी होते हैं, यानि उन्हें खींचकर एक लम्बा तार बनाया जा सकता है। अधातुओं में यह गुण नहीं पाया जाता है। उदाहरणार्थ फास्फोरस को कितना भी खींचने पर वो लम्बे तार के रूप में नहीं बनाया जा सकता। धातुओं का [[घनत्व]] भी उच्च होता है तथा इनमें एक विशेष प्रकार की चमक होती है जिसे 'धात्विक चमक' कहते हैं।
 
अधिकतर धातुएँ भूरे श्वेत से लेकर चमकदार श्वेत रंग की होती हैं। [[स्वर्ण]] और [[ताम्र]] इसके अपवाद हैं। [[पारद]] को छोड़कर (गलनांक -38.87 सें.) और सारे धातु साधारण ताप पर ठोस हैं। [[सीजियम]] तथा [[गैलियम]] धातु का गलनांक क्रमश: 28° सें. तथा 29.78° सें. हैं। दूसरी और [[टंग्स्टेन]] धातु 3,380° सें. पर द्रव बनती है। उच्च ताप पर धातुएँ वाष्प में परिवर्तित हो जाएँगी। पर इसमें भी उनमें कोई समानता नहीं दिखाई देती। पारद का क्वथनांक 356° सें. है, परंतु टंग्स्टेन का 5,930° सें.। ऐसा अनुमान है कि टैंटेलम 6,100° सें. पर वाष्पित होगा।