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[[चित्र:Spectre.svg|thumb|350px|प्रत्यक्ष विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम दृष्टान्त]]
'''विद्युतचुंबकीयविद्युतचुम्बकीय वर्णक्रम''' (electromagnetic spectrum) में उन सारी आवृत्तियों के विकिरण आते हैं जो सम्भव हैं। किसी वस्तु का विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम, उस वस्तु से विद्युत चुम्बकीय विकिरणों का अभिलक्षणिक वितरण या प्रायः केवल वर्णक्रम होता है।
 
विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम निम्न आवृत्तियों, जो कि नूतन रेडियो में प्रयोग होतीं हैं (तरंग दैर्घ्य[[तरंगदैर्घ्य]] के दीर्घ सिरे पर), से लेकर [[गामा किरण|गामा विकिरण]] तक (लघु सिरे तक) होता है, जो कि सहस्रों किलोमीटर की तरंगदैर्घ्य से लेकर एक [[अणु]] के नाप के एक अंश के बराबर तक की सारी आवृत्तियों को लिये होता है। हमारे ब्रह्माण्ड में लघु तरंगदैर्घ्य सीमित है प्लैंक दूरी के आसपास तक; और दीर्घ तरंग दैर्घ्य सीमित है, ब्रह्माण्ड के आकार तक। वैसे वर्णक्रम को अनन्त ही कहते हैं। बादल फटते है ।है।
'''विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम''' (electromagnetic spectrum) में उन सारी आवृत्तियों के विकिरण आते हैं जो सम्भव हैं। किसी वस्तु का विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम, उस वस्तु से विद्युत चुम्बकीय विकिरणों का अभिलक्षणिक वितरण या प्रायः केवल वर्णक्रम होता है।
 
विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम निम्न आवृत्तियों, जो कि नूतन रेडियो में प्रयोग होतीं हैं (तरंग दैर्घ्य के दीर्घ सिरे पर), से लेकर [[गामा किरण|गामा विकिरण]] तक (लघु सिरे तक) होता है, जो कि सहस्रों किलोमीटर की तरंगदैर्घ्य से लेकर एक [[अणु]] के नाप के एक अंश के बराबर तक की सारी आवृत्तियों को लिये होता है। हमारे ब्रह्माण्ड में लघु तरंगदैर्घ्य सीमित है प्लैंक दूरी के आसपास तक; और दीर्घ तरंग दैर्घ्य सीमित है, ब्रह्माण्ड के आकार तक। वैसे वर्णक्रम को अनन्त ही कहते हैं। बादल फटते है ।
 
== परिचय ==
स्पेक्ट्रम के विभिन्न विभागों में सुविधा के लिए साधारणत: तरंगदैघ्य के भिन्न-भिन्न एकक प्रयुक्त होते हैं। [[रेडियो प्रसारण]] में 1 मीटर को एकक माना जाता है, तथा रेडियो के सूक्ष्म तरंग विभाग में एक मिलीमीटर को एकक माना जाता है। अवरक्त वर्णक्रम के लिए 10<sup>-4</ref> सें.मी. का एकक प्रचलित है तथा दृश्य प्रकाश के लिए इससे भी छोटे 10<ref>-8</ref> सें.मी. के एकक की आवश्यकता होती है। 10<ref>-4</ref> सें. मी. के एकक को म्यू और दृश्य प्रकाश के एकक (10<ref>-8</ref> सें.मी.) को 'आंगस्त्रम' कहते हैं। प्रारंभ में [[क्ष-किरण|एक्सरे]] के लिए भी आंगस्त्रम उपयोग में लाया जाता था, किंतु एक्सरे वर्णक्रम में अधिक आविष्कार होने पर इस एकक से भी सूक्ष्म एकक की आवश्यकता होने लगी। अत:अतः एक्सरे के लिए तथा गामा किरणों के लिए ज़ीगब्ह्रा ने एक नए एकक का उपयोग किया, जिसे एक्सरे एकक कहते हैं। यह 10<sup>-11</sup> सें. मी. के बराबर होता है। [[विद्युतचुंबकीयविद्युतचुम्बकीय सिद्धांतसिद्धान्त]] की दृष्टि से एक्सरे और [[गामा किरण|गामा किरणों]] में कोई भेद नहीं है; एक्सरे प्रयोगशालाओं में उत्पन्न किए जा सकते हैं और गामा किरणें रेडियोधर्मी पदार्थो से प्राप्त होती हैं (हाल में अति प्रचंड विद्युद्विभव से गामा किरणों के तरंगदैर्घ्या के समान सूक्ष्म तरंगदैर्घ्यातरंगदैर्घ्य के एक्सरे का उत्पादन प्रयोगशाला में हो चुका है)। विद्युच्चुंबकीय वर्णक्रम में अत्यंतअत्यन्त स्वल्प तरंगदैर्घ्या का विभाग एक्सरे तथा गामा किरणों का है। तरंगदैर्घ्य आवृत्तियों का प्रतिलोमानुपाती होने के कारण एक्सरे और गामा किरणों की आवृत्तियाँ अन्य विद्युच्चुंबकीय विकिरणों से बहुत अधिक होती है।
 
[[चित्र:Light spectrum.svg|right|frame|Legend<ref>[http://cbst.ucdavis.edu/education/courses/winter-2006-IST8A/ist8a_2006_01_09light.pdf What is Light?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20131205005843/http://cbst.ucdavis.edu/education/courses/winter-2006-IST8A/ist8a_2006_01_09light.pdf |date=5 दिसंबर 2013 }} – [[UC Davis]] lecture slides</ref><ref>{{Cite web |url=http://hypertextbook.com/physics/electricity/em-spectrum/ |title=The Electromagnetic Spectrum, The Physics Hypertextbook |access-date=23 जनवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080126152228/http://hypertextbook.com/physics/electricity/em-spectrum/ |archive-date=26 जनवरी 2008 |url-status=live }}</ref><ref>{{Cite web |url=http://www.vlf.it/frequency/bands.html |title=Definition of frequency bands on vlf.it |access-date=29 जनवरी 2008 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100430012219/http://www.vlf.it/frequency/bands.html |archive-date=30 अप्रैल 2010 |url-status=dead }}</ref>
|NIR= Near [[अवरक्त|अधोरक्त]]||VHF= [[अति उच्च आवृति|अत्योच्चावृत्ति]]||ELF= [[अत्यधिक निम्न आवृत्ति (ELF)|अत्यधिक निम्न आवृत्ति]]
|-
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|
|Freq=आवृत्ति
|}]]
 
== विकिरण का प्रकार ==
मुख्यत:मुख्यतः विकिरण तीन प्रकार के होते हैं: अल्फा, बीटा और गामा विकिरण। ये सभी एक अस्थिर परमाणु के नाभिक से उत्सर्जित होते हैं। स्वतःस्फूर्त होने वाले परमाणु विखंडन, पोजीट्रान उत्सर्जन और न्यूट्रॉन उत्सर्जन सामान्यतः कम देखने मे आते हैं। इलेक्ट्रॉन ग्रसन के परिणाम से स्वतःस्फूर्त क्ष-किरण (एक्स रे) का उत्सर्जन होता है। रेडियम के कुछ आइसोटोप क्षय विधा मे होते हैं जहाँ वे एक संपूर्ण 12C6 नाभिक का उत्सर्जन करते हैं।
 
== रेडियो आवृत्ति ==
=== अतिसूक्ष्म तरंग | ===
 
=== टैरा हर्ट्ज़ विकिरण ===
 
=== दृष्य प्रकाश (visible light) ===
[[चित्र:Spectre.svg|thumb|350px|प्रत्यक्ष विद्युतचुंबकीय वर्णक्रम दृष्टान्त]]
 
=== पराबैंगनी प्रकाश ===
 
=== एक्स रे ===
इसकी खोज विलियम रोइंटजेन ने कियाकी है।थी। इसकी आव्रीतिआवृति परिसर 10^18 से 10^16 Hz तक होता है
 
=== गामा रे ===