"हास्य": अवतरणों में अंतर

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बच्चो को छोड़ेंगे घर पे वही करेंगे हुडदंगा॥
*शीश पर गंगा हंसे,
bhujanee लट में भुजंगा हंसे।
हास ही के दंगा भयो,
नंगा के विवाह में।।