"वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर": अवतरणों में अंतर

संजीव कुमार के अवतरण 4901278पर वापस ले जाया गया : Reverted (ट्विंकल)
टैग: Reverted मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
(संजीव कुमार के अवतरण 4901278पर वापस ले जाया गया : Reverted (ट्विंकल))
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
 
== पवित्र यात्रा ==
बैद्यनाथ धाम की पवित्र यात्रा श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) में शुरु होती है। सबसे पहले तीर्थ यात्री [[सुल्तानगंज]] में एकत्र होते हैं जहाँ वे अपने-अपने पात्रों में पवित्र गंगाजल भरते हैं। इसके बाद वे [[गंगाजल]] को अपनी-अपनी काँवर में रखकर बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ की ओर बढ़ते हैं। पवित्र जल लेकर जाते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि वह पात्र जिसमें जल है, वह कहीं भी [[भूमि]] से न सटे।
 
== वासुकिनाथ मन्दिर ==
वासुकिनाथ अपने शिव मन्दिर के लिये जाना जाता है। वैद्यनाथ मन्दिर की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक वासुकिनाथ में दर्शन नहीं किये जाते। (यह मान्यता हाल फ़िलहाल में प्रचलित हुई है। पहले ऐसी मान्यता का प्रचलन नहीं था। न ही पुराणों में ऐसा वर्णन है।) यह मन्दिर देवघर से 42 किलोमीटर दूर जरमुण्डी गाँव के पास स्थित है। यहाँ पर स्थानीय कला के विभिन्न रूपों को देखा जा सकता है। इसके इतिहास का सम्बन्ध नोनीहाट के घाटवाल से जोड़ा जाता है। वासुकिनाथ मन्दिर परिसर में कई अन्य छोटे-छोटे मन्दिर भी हैं। Aaise koi manyata nahi hai ki baidyanath dham me puja krne ke baad basukinath mandir me puja krni hi chahiye.
 
== बैजू मन्दिर ==