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'''नवयान''' [[बौद्ध धर्म]] का एक सम्प्रदाय हैं, जो भारतीय बौद्ध नेता [[भीमराव आम्बेडकर]] द्वारा निर्मीत हैं। नवयान का अर्थ है - "नया मार्ग"।
 
नवयान बौद्धों का आम्बेडकर द्वारा निर्धारित बाईस प्रतिज्ञाओं का पालन अनिवार्य तथा महत्वपूर्ण माना जाता हैं, जो आम्बेडकर ने 14 अक्तुबर 1956 के धर्म परिवर्तन समारोह दी थी। आम्बेडकर के इन धर्म परिवर्तित बौद्ध अनुयायियों को [[भारत सरकार]] तथा अन्य राज्य राज्य सरकारों ने "[[नवबौद्ध]]" नामक संज्ञा दी हैं। नवयान संप्रदाय [[महायान]], [[थेरवाद]] और [[वज्रयान]] आदी कुछ मामलों में भिन्न हैं किंतु इसमें इन तीनों सम्प्रदायों में से बुद्ध के मूल सिद्धांतो के साथ केवल विज्ञानवादी एवं तर्कशुद्ध/तर्कसंगत सिद्धांतों को ही लिया गया हैं। नवयान में जातिप्रथा, वर्णभेद, लिंगभेद, अंधविश्वास तथा कुरीतियों को कोई स्थान नहीं हैं। 2011 के अनुसार, कुल भारतीय बौद्धों में अधिकांश यानी 87% हिस्सा नवयानी बौद्धों (नवबौद्ध) का हैं। अन्य अनुमानो के अनुसार, भारत में भारत में नवयानी बौद्धों की आबादी 5 से 7 करोड़ तक हैं।<ref>https://m.navbharattimes.indiatimes.com/india/buddhists-to-benefit-the-government-will-change-the-format-of-caste-certificate/articleshow/52872090.cms</ref>
 
नवयान बौद्धों को '''आम्बेडकरवादी बौद्ध''' तथा '''नवबौद्ध''' भी कहा जाता हैं।
 
[[File:Buddha Shrine with Ambedkar (244910903).jpg|thumb|नवयान बौद्ध अम्बेदकर जी के तस्वीर के साथ]]
'''नवयान''' [[बौद्ध धर्म]] का एक सम्प्रदाय हैं, जो भारतीय बौद्ध नेता [[भीमराव आम्बेडकर]] द्वारा निर्मीत हैं। नवयान का अर्थ है - "नया मार्ग"। इस बौद्ध धर्म के सारे अनुयायि "आम्बेडकरवादी बौद्ध" होते हैं, इन बौद्धों का आम्बेडकर द्वारा निर्धारितनिर्धारीत बाईस प्रतिज्ञाओं का पालन अनिवार्य तथा महत्वपूर्ण माना जाता हैं, जो आम्बेडकर ने 14 अक्तुबर 1956 के धर्म परिवर्तन समारोह दी थी। आम्बेडकर के इन धर्म परिवर्तितपरिवर्तीत बौद्ध अनुयायियोंअनुयायिओं को [[भारत सरकार]] तथा अन्य राज्य राज्य सरकारों ने "[[नवबौद्ध]]" नामक संज्ञा दी हैं। नवयान संप्रदाय [[महायान]], [[थेरवाद]] और [[वज्रयान]] आदी कुछ मामलों में भिन्न हैं किंतु इसमें इन तीनों सम्प्रदायों में से बुद्ध के मूल सिद्धांतो के साथ केवल विज्ञानवादी एवं तर्कशुद्ध/तर्कसंगत सिद्धांतों को ही लिया गया हैं। नवयान में जातिप्रथा, वर्णभेद, लिंगभेद, अंधविश्वास तथा कुरीतियोंकुरितीयों को कोई स्थान नहीं हैं। 2011 के अनुसार, कुल भारतीय बौद्धों में अधिकांश यानी 87% हिस्सा नवयानी बौद्धों (नवबौद्ध) का हैं। अन्य अनुमानो के अनुसार, भारत में भारत में नवयानी बौद्धों की आबादी 5 से 7 करोड़ तक हैं।<ref>https://m.navbharattimes.indiatimes.com/india/buddhists-to-benefit-the-government-will-change-the-format-of-caste-certificate/articleshow/52872090.cms</ref>
 
डॉ. बी.आर. आम्बेडकर को बौद्ध धर्म का स्वीकारस्विकार करने से एक दिन पूर्व पत्रकार ने पूछा की, ‘आप जो बौद्ध धर्म अपनाने वाले है वो [[महायान]] बौद्ध धर्म होगा या [[हीनयान]] बौद्ध धर्म ?’ उत्तर में आम्बेडकर ने कहा की, ‘‘मेरा बौद्ध धर्म न तो [[महायान]] होगा और न ही [[हीनयान]] होगां, इन दोनों संप्रदायों में कुछ अंधविश्वासी बातें हैं इसलिए मेरा ये बौद्ध धर्म ''नवयान बौद्ध धर्म'' होंगा। जिसमें भगवानकिसी बुद्ध के मूल सिद्धांत और केवल विवेकवादी सिद्धांत ही होंगे, कोई भी कुरीतियोंकुरितीयों या अंधविश्वास नहीं होंगा। यह एक ‘शुद्ध बौद्ध धर्म’ होंगा।’’ पत्रकार ने फिर पूछां, “क्या हम इसे 'भीमयान' कह सकते हैं?” आम्बेडकर ने कहा की, आप कह सकते हैं किंतु मैं नहीं कहुंगा। क्योंकि मैं खुद को [[गौतम बुद्ध]] के समान नहीं लाना चाहता। हालांकि भारत के नवयानी बौद्ध आम्बेडकर तथा गौतम बुद्ध को ही सन्मान देते है, क्योंकि वे आम्बेडकर को अपने आध्यात्मिक नेता तथा बुद्ध को अपने गुरु मानते है।{{cn|date=13 अगस्त 2018}}
==आम्बेडकर व पत्रकार की वार्ता==
 
डॉ. बी.आर. आम्बेडकर को बौद्ध धर्म का स्वीकार करने से एक दिन पूर्व पत्रकार ने पूछा की, ‘आप जो बौद्ध धर्म अपनाने वाले है वो [[महायान]] बौद्ध धर्म होगा या [[हीनयान]] बौद्ध धर्म ?’ उत्तर में आम्बेडकर ने कहा की, ‘‘मेरा बौद्ध धर्म न तो [[महायान]] होगा और न ही [[हीनयान]] होगां, इन दोनों संप्रदायों में कुछ अंधविश्वासी बातें हैं इसलिए मेरा ये बौद्ध धर्म ''नवयान बौद्ध धर्म'' होंगा। जिसमें भगवान बुद्ध के मूल सिद्धांत और केवल विवेकवादी सिद्धांत ही होंगे, कोई भी कुरीतियों या अंधविश्वास नहीं होंगा। यह एक ‘शुद्ध बौद्ध धर्म’ होंगा।’’ पत्रकार ने फिर पूछां, “क्या हम इसे 'भीमयान' कह सकते हैं?” आम्बेडकर ने कहा की, आप कह सकते हैं किंतु मैं नहीं कहुंगा। क्योंकि मैं खुद को [[गौतम बुद्ध]] के समान नहीं लाना चाहता।{{cn|date=13 अगस्त 2018}}
 
भारत के नवयानी बौद्ध आम्बेडकर तथा गौतम बुद्ध को सामान ही सम्मान देते है, क्योंकि वे आम्बेडकर को अपने आध्यात्मिक नेता तथा बुद्ध को अपने गुरु मानते है।
 
== शुरूवात ==
वर्तमान भारत में जब-जब भगवान बुद्ध को स्मरण किया जाता है, तब-तब स्वाभाविक रूप से भीमराव आम्बेडकर का भी नाम लिया जाता है। भारतीय स्वतंत्रता के बाद बहुत बड़ी संख्या में एक साथ डॉ॰ आंबेडकर के नेतृत्व में सामूदायिक बौद्ध धम्म परिवर्तन हुआ था। [[१४ अक्टूबर|14 अक्तूबर]], [[१९५६|1956]] को नागपुर में यह दीक्षा सम्पन्न हुई, जिसमें आम्बेडकर के 5,00,000 समर्थक बौद्ध बने है, अगले दिन 2,00,000 एवं तिसरे दिन [[१६ अक्टूबर|16 अक्टूबर]] को [[चन्द्रपुर]] में 3,00,000 अनुयायी बौद्ध बने। इस तरह 10 लाख से भी अधिक लोगों तो आम्बेडकर ने केवल तीन दिन में बौद्ध बनाया था।{{cn|date=13 अगस्त 2018}} इस घटना से [[भारत में बौद्ध धर्म|भारत में बौद्ध धर्म का पुनरूत्थान]] या पुनर्जन्म हुआ। एक अनुमान के अनुसार [[मार्च]] 1959 तक 1.5 से 2 करोड़ लोग बौद्ध बने थे। बौद्ध धर्म भारत के प्रमुख धर्मों में से एक है तथा अनौपचारिक रूप से भारत का तिसरा सबसे बड़ा धर्म है।
 
==धम्म_ग्रंथ==
==धम्म ग्रंथ==
(1) सत्याग्राही विश्वरत्न ज्ञानदर्शी भारतरत्न बाबा साहेब डा0 भीमराव रामजी-सकपाल आंबेडकर द्वारा लिखा हुआ -
"बुद्ध और उनका धम्म" (हिन्दी संस्करण)
"The Buddha and His Dhamma"(English and original version)
 
#(2) '''त्रिपिटक'''
# '''भगवान बुद्ध और उनका धम्म''' (The Buddha and His Dhamma), डॉ. बी.आर. आम्बेडकर द्वारा लिखित (मूल संस्करण अंग्रेजी भाषा में)
 
== सिद्धांत ==