"कन्नौज" के अवतरणों में अंतर

570 बैट्स् नीकाले गए ,  9 माह पहले
छो
122.181.72.77 (Talk) के संपादनों को हटाकर रोहित साव27 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
(हम खुद कन्नौज के निवासी है)
छो (122.181.72.77 (Talk) के संपादनों को हटाकर रोहित साव27 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
टैग: प्रत्यापन्न
|RTO=KANNAAUJ}}
 
'''कन्नौज''', इत्र[[भारत]] और इतिहास की नगरी कन्नौजमें [[उत्तर प्रदेश]] प्रांत के [[कन्नौज जिला|कन्नौज जिले]] का मुख्यालय एवं प्रमुख [[नगरपालिका]] है। शहर का नाम [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के '''कान्यकुब्ज''' शब्द से बना है। कन्नौज एक प्राचीन नगरी है एवं कन्नौज कभी [[हिन्दू धर्म|हिंदू]] साम्राज्य की राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित रहा है। इतिहास मे अंकित कई प्रख्यात राजाओं के नाम कन्नौज से जोड़े जाते रहे हैं जिनमे मुख्यतः राजा जयचंद को देश विदेश मे भी पहचानामाना जाता रहा है ! कुछ इतिहासकारों के मत अनुसार राजा जयचंद को गद्दार की श्रेणी मे भी रखा है!कि [[कान्यकुब्ज ब्राह्मण]] मूल रूप से इसी स्थान के हैं। विन्ध्योत्तर निवासी एक ब्राह्मणौंकी समुह है जिनको [[पंचगौड]] कहते हैं। उनमें गौड , [[सारस्वत]] , [[औत्कल]] , [[मिथिला|मैथिल]] ,और [[कन्नौज|कान्यकुब्ज]] है। उनकी ऐसी प्रसिद्ध लोकोक्ति प्रचलित है- ""सर्वे द्विजाः कान्यकुब्जाःमागधीं माथुरीं विना"" कान्यकुब्जी ब्राह्मण अपनी इतिहासको बचाये रखें | वर्तमान कन्नौज शहर अपने [[इत्र]] व्यवसाय के अलावा [[तम्बाकू|तंबाकू]] के व्यापार के लिए मशहूर है। कन्नौज की जनसंख्या २००१ की [[जनगणना]] के अनुसार ७१,५३० आंकी गयी थी। यहाँ मुख्य रूप से [[कन्नौजी भाषा|कन्नौजी भाषा/ कनउजी]] भाषा के तौर पर इस्तेमाल की जाती है।
 
यहाँ के किसानों की मुख्य फसल [[आलू]] है।