"बोड़ो भाषा": अवतरणों में अंतर

2,133 बाइट्स जोड़े गए ,  1 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश नहीं है
छो (बॉट: पुनर्प्रेषण ठीक कर रहा है)
No edit summary
'''बोड़ो''' या '''बड़ो''' एक तिब्बती-बर्मी भाषा है जिसे [[भारत]] के उत्तरपूर्व, [[नेपाल]] और [[बांग्लादेश]] मे रहने वाले [[बोड़ो लोग|बोडो लोग]] बोलते हैं। बोडो भाषा भारतीय राज्य [[असम]] की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। भारत में यह विशेष संवैधानिक दर्जा प्राप्त २२ अनुसूचित भाषाओं में से एक है।
 
बोडो भाषा आधिकारिक रूप से [[देवनागरी|देवनागरी लिपि]] में लिखी जाती है।<ref>{{Cite web|url=https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|title=पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति एवं संभावनाएँ|last=PurvottarSamwad|date=2020-12-22|website=Purvottar Samwad|language=en-US|access-date=2020-12-23}}</ref>
[[चित्र:Bodo language textbooks.jpg|center|thumb|450px|बोड़ो भाषा की कुछ पाठ्यपुस्तकें]]<blockquote>बोड़ो भाषा की लिपि निर्धारण के समय एक परीक्षा के जैसी घड़ी थी। बोड़ो इलाके में इसाई आतंकवादी संगठनों का बोलबाला था। समांतराल सरकार चलती थी। बोड़ो साहित्य सभा में बोड़ो भाषा की लिपी के मताधिकार के समय [[देवनागरी]], असमीया लिपी चाहने वाले एक हो जाने से ‘[[रोमन लिपि|रोमन लिपी]]<nowiki/>’ चाहने वाले समूह की हार हो गयी। देवनागरी बोड़ो भाषा की लिपी बन गई। उस आक्रोश में संदिग्ध NDFB आतंकवादियों ने [[बोडो साहित्य सभा|बोड़ो साहित्य सभा]] के अध्यक्ष बीनेश्वर ब्रह्म की 19 अगस्त 2000 को हत्या कर दी। बीनेश्वर ब्रह्म ने अपनी सेवा 1968 से देबरगाँव हाईस्कूल में हिन्दी शिक्षक के नाते शुरू की।<ref>{{Cite web|url=https://vbsamwad.co.in/hindi-in-northeastern-india/|title=पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की स्थिति एवं संभावनाएँ|last=PurvottarSamwad|date=2020-12-22|website=Purvottar Samwad|language=en-US|access-date=2020-12-23}}</ref></blockquote>
[[चित्र:Bodo language textbooks.jpg|center|thumb|450px|बोड़ो भाषा की कुछ पाठ्यपुस्तकें]]
 
== इन्हें भी देखें ==