"चक्रवृद्धि ब्याज" के अवतरणों में अंतर

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दुनिया कितनी अजीब है यहां झूठ बोलो तो रिश्ते बन जाते हैं और सच बोलो तो रिश्ते टूट जाते हैं।
 
अपकी नजर से र T
 
अपना तो एक ही स्टाईल है ...
 
जब समय-समय पर अभी तक संचित हुए [[ब्याज]] को [[मूलधन]] में मिलाकर इस [[मिश्रधन]] पर ब्याज की गणना की जाती है तो इसे '''चक्रवृद्धि ब्याज''' (compound interest) कहते हैं। जिस अवधि के बाद ब्याज की गणना करके उसे मूलधन में जोड़ा जाता है, उसे '''चक्रवृद्धि अवधि''' (compounding period) कहते हैं।
 
:मिश्रधन = मूलधन + ब्याज
 
👉=== साधारण ब्याज =मूलधन×दर×समय/100==
 
: साधारण ब्याज = (164488 x 6x 7.5) / १००
:दर = ब्याज x 100 / (मूलधन x समय)
:समय = ब्याज x 100 / (मूलधन x दर)
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