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== ब्रजभाषा की बोलियाँ ==
ब्रजभाषा एक साहित्यिक एवं स्वतंत्र भाषा है और इसकी अपनी कई बोलियाँ हैं।
 
==ब्रजभाषा का व्याकरण==
आधुनिक युग में ब्रजभाषा के व्याकरण पर डॉ. [[धीरेन्द्र वर्मा]], ग्राउज, [[किशोरी दास वाजपेयी]] आदि ने बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया है, पर ब्रजभाषा व्याकरण पर सबसे पुराना काम [[फारसी]] में लिखा मिरजा खाँ का ‘तुहफत-उल-हिंद’ (अर्थ : ‘भारत का उपहार’) नामक ग्रंथ है। [[आजमशाह]] ने ब्रजभाषा सीखने के लिए इस ग्रंथ का प्रणयन मिरजा खाँ से कराया। डॉ. [[सुनीति कुमार चटर्जी]] ने इसका रचनाकाल सन् १६७५ ई. माना है। इस व्याकरण का प्रथम उल्लेख सन् १७४४ ई. में सर [[विलियम जोंस]] ने अपने लेख ‘ऑन दि म्यूजिकल मोड्स ऑव हिन्दूज’ में किया है।<ref>[http://www.abhivyakti-hindi.org/snibandh/2014/krishna.htm ब्रजभाषा के अल्पज्ञात कवि और कृष्ण]</ref>
 
== ब्रजभाषा के कुछ सरल वाक्य ==