"फ़रवहर" के अवतरणों में अंतर

1 बैट् जोड़े गए ,  1 वर्ष पहले
छो
सम्पादन सारांश रहित
छोNo edit summary
टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
छोNo edit summary
टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
 
== फ़्रवशी से सम्बन्ध ==
[[अवस्ता]] (पारसी ग्रन्थ) में 'फ़्रवशी' दिव्य रक्षक-आत्मा को कहते हैं। इसके विपरीत 'उर्वन' वह आत्मा होती है जो संसार में अच्छे-बुरे की अनंत लड़ाई में अच्छाई के लिए लड़ने भेजी जाती है। यह मान्यता है कि शारीरिक मृत्यु के चार दिन बाद उर्वन फ़्रवशी को लौट जाती है और संसार में हुए अपने अनुभवों को फ़्रवशी को दे देती है। 'फ़रवहर' शब्द इसी 'फ़्रवशी' शब्द से उत्पन्न हुआ है और आधुनिक सोच है कि यह चिह्न उसी रक्षक आत्मा को दर्शाती है।<ref name="ref41pexiy">[http://books.google.com/books?id=qKCK-6hnHGUC Angels: A Very Short Introduction], David Albert Jones, pp. 11, Oxford University Press, 2011, ISBN 978-0-19-954730-2, ''... For example, the most common modern symbol for Zoroastrianism, a winged human figure (termed a faravahar because it is supposed to represent a fravashi), is in some ways a modern invention. Though the symbol is ancient, the name is modern ...''</ref> ध्यान दें कि 'फ़्रवशी' शब्द 'फ़्रवर्ती' का एक रूप है, क्योंकि 'र्त' [[अवस्ताई भाषा]] में अक्सर 'श' बन जाता था।
 
== चिह्न की उत्पत्ति ==
73

सम्पादन