"शेरपुर, गाजीपुर" के अवतरणों में अंतर

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स्वतंत्रता सेनानी-
अमर शहीद [[डॉ [[शिव पूजन राय]], वंश नारायण राय, वंश नारायण राय द्वितीय, वशिष्ठ नारायण राय, ऋषेश्वर राय, राजा राय, नारायण राय, राम बदन उपाध्याय शेरपुर के अष्टशहीद हैं। अब हम आपको इन आठो वीरों के शहीद होने की कहानी बताते हैं। उत्तर प्रदेश का जिला गाजीपुर जिसे लहुरी काशी के नाम से भी जाना जाता है उसकी मुहम्मदाबाद तहसील मुख्यालय पर 18 अगस्त 1942 को तिरंगा फहराने के प्रयास में आठ क्रान्तिकारी नौजवान आंदोलन के नेता डॉ शिवपूजन राय थे दरअसल मुहम्मदाबाद के आंदोलन के बाद [[गाजीपुर ]]और [[बलिया ]]जिले आजाद हो गए थे यहीं पर उन्होंने 18 अगस्त को फहराया था। 1942 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में ब्रिटिश सरकार से खुद को स्वतंत्र होने की घोषणा की थी। [[मुहम्मदाबाद]] के तहसीलदार ने अपने साथी सिपाहियों के साथ गोलियों की बौछार कर दी,एक एक कर आठ देशप्रेमी शहीद हो गए लेकिन झंडे को जमीन पर गिरने नहीं दिया।
 
अंग्रेजो ने 10 अगस्त को यहां 129 नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। 19 अगस्त तक स्थानीय लोगों ने लगभग पूरे गाजीपुर पर कब्जा कर लिया और तीन दिनों तक यहां सरकार चलाते रहे।
==बाहरी कड़ियाँ===
[[गाजीपुर]]
 
==सन्दर्भ==
[[श्रेणी:गाज़ीपुर ज़िले के गाँव]]
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