"डार्क मैटर" के अवतरणों में अंतर

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[[खगोल शास्त्र|खगोलशास्त्र]] तथा [[ब्रह्माण्डविद्या|ब्रह्माण्ड विज्ञान]] में '''आन्ध्र पदार्थ''' या '''डार्क मैटर''' (dark matter) एक ,प्रायोगिक आधार पर अप्रमाणित परंतु गणितीय आधार पर प्रमाणित, पदार्थ है। इसकी विशेषता है कि अन्य पदार्थ अपने द्वारा उत्सर्जित [[विकिरण]] से पहचाने जा सकते हैं किन्तु आन्ध्र पदार्थ अपने द्वारा उत्सर्जित विकिरण से पहचाने नहीं जा सकते। इनके अस्तित्व (presence) का अनुमान दृष्यमान पदार्थों पर इनके द्वारा आरोपित [[गुरुत्वाकर्षण|गुरुत्वीय]] प्रभावों से किया जाता है।
 
आन्ध्र पदार्थ के बारे में माना जाता है कि इसयह ब्रह्मांड का 8525 प्रतिशत आन्ध्र पदार्थ का ही बना है और [[यूरोप]] के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उन्होंने आन्ध्र पदार्थ खोज निकाला है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आन्ध्र पदार्थ न्यूट्रालिनॉस नाम के कणों या पार्टिकल से बना है।
 
इसकी खासियत है कि यह साधारण मैटर से कोई क्रिया नहीं करता। हर सेकंड हमारे शरीर के आर-पार हजारों न्यूट्रालिनॉस गुजरते रहते हैं। वे अदृश्य हैं। इसी वजह से हम अंतरिक्ष में मौजूद आन्ध्र पदार्थ के बादल के दूसरी ओर मौजूद आकाशगंगाओं को देख पाते हैं।
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