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भारत में कई प्रभावशाली मुस्लिम व्यापारी हैं। विप्रो, वॉकहार्ट, हमदर्द लेबोरेटोरिज, सिप्ला और मिर्जा टेनर्स जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों की स्थापना मुस्लिम द्वारा की गई है। फोर्ब्स पत्रिका द्वारा [[दक्षिण एशिया]] के केवल दो मुस्लिम अरबपतियों यूसुफ हामिद और अजीम प्रेमजी का नाम उल्लिखित किया गया है।
 
[[भारतीय सशस्‍त्र सेनाएं|भारतीय सशस्त्र बलों]] में हिंदुओं और सिखों की तुलना में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व कम है।<ref>[http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=235333 अरविंद काला: हाइडिंग व्हाट वेल-नोन]</ref> फिर भी कई भारतीय सैन्य मुस्लिम कर्मियों को राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण सेवा के लिए वीरता पुरस्कार और उच्च रैंक से सम्मानित किया गया है। [[भारतीय थलसेना|भारतीय सेना]] के [[हवलदार अब्दुल हामिद|अब्दुल हमीद]] को 1965 में असल उत्तर के युद्ध के दौरान एक रिकोइलेस बंदूक द्वारा सात पाकिस्तानी टैंकों को उड़ा देने के लिए भारत के उच्चतम पुरस्कार, [[परमवीर चक्र|परम वीर चक्र]] से नवाज़ा गया।<ref>[मेजर जनरल कारडोजो, इयान (2003), परमवीर नई दिल्ली: लोटस कलेक्शन, ISBN 81-7436-262-2]</ref><ref>[http://indianarmy.nic.in/PVC/photo_6.htm परम वीर चक्र विजेता कंपनी क्वार्टर मास्टर 'हवलदार अब्दुल हमीद के लिए मुख पृष्ठ]</ref> दो अन्य मुसलमान - ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद इस्माइल - को [[भारत-पाकिस्तान के बीच प्रथम युद्ध|1947 के इंडो-पाकिस्तानी युद्ध]] के दौरान उनकी सेवाओं के लिए महावीर चक्र दिया गया।<ref>{{Cite web |url=http://www.bharat-rakshak.com/HEROISM/MVC.html |title=महावीर चक्र, भारत-रक्षक |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=10 जून 2011 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110610015036/http://www.bharat-rakshak.com/HEROISM/MVC.html |url-status=dead }}</ref> भारतीय सशस्त्र बलों में उच्च रैंकिंग के मुसलमानों में लेफ्टिनेंट जनरल जमील महमूद (भारतीय सेना में पूर्व जीओसी-इन-सी के पूर्वी कमान)<ref>{{cite web|author=Anil Bhat Posted: Feb 14, 2006 at 0000 hrs IST |url=http://www.indianexpress.com/oldStory/87825/ |title=Brave Indians, also Muslim |publisher=Indianexpress.com |date=2006-02-14 |accessdate=2010-09-14}}</ref> और मेजर जनरल मोहम्मद अमीन नायक शामिल हैं।<ref>{{cite web |author=CJ: Rajesh Bhat |url=http://www.merinews.com/article/a-high-profile-naik-of-indian-army/132377.shtml |title=A high-profile 'Naik' of Indian Army |publisher=Merinews.com |date= |accessdate=2010-09-14 |archive-date=28 अक्तूबर 2012 |archive-url=https://web.archive.org/web/20121028182723/http://www.merinews.com/article/a-high-profile-naik-of-indian-army/132377.shtml |url-status=dead }}</ref>
 
डॉ॰ अब्दुल कलाम, भारत के सर्वाधिक सम्मानित वैज्ञानिक भारत के इंटेग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के (आईजीएमडीपी) जनक हैं और उन्हें भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप नियुक्ति देकर सम्मानित किया गया।<ref>[http://www.vigyanprasar.gov.in/scientists/Abdulkalam/Abdulkalam.htm अब्दुल कलाम]</ref> रक्षा उद्योग में उनके अभूतपूर्व योगदान के चलते उन्हें ''मिसाइल मैन ऑफ इंडिया'' की उपाधि दी गई<ref>आर॰ के॰ पृथी।[http://books.google.com/books?id=Ee3PR5HFBCAC&pg=PA61&dq=%22Abdul+Kalam%22+%22missile+man%22&ei=uqziSKuQMIScswOT2KHeDg&sig=ACfU3U2i12OOsXcnaYcA4pzz7lf9jA3umA#PPA61,M1 ''राष्ट्रपति ए॰पी॰जे॰ अब्दुल कलाम.''] अनमोल पब्लिकेशन्स, 2002. ISBN 978-81-261-1344-6; Ch. 4. मिसाइल मैन ऑफ इंडिया. 61-76 पीपी</ref> और भारत के राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें प्यार से ''पिपुल्स प्रेसीडेंट'' कहा जाता था। डॉ॰ एस॰ जे॰ कासिम, [[राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा|राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान]] के पूर्व निदेशक थे और उन्होंने [[अंटार्कटिका]] के पहले वैज्ञानिक अभियान के माध्यम से भारत का नेतृत्व किया और दक्षिण गंगोत्री की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही वे [[जामिया मिलिया इस्लामिया]] के पूर्व कुलपति, महासागर विकास विभाग के सचिव और भारत में पोलर रिसर्च के संस्थापक हैं।<ref>{{Cite web |url=http://archives.nic.in/techfocus/doc3/int.htm |title=साक्षात्कार: डॉ॰SZ कासिम |access-date=6 जनवरी 2011 |archive-date=16 सितंबर 2010 |archive-url=https://web.archive.org/web/20100916052340/http://archives.nic.in/techfocus/doc3/int.htm |url-status=dead }}</ref> अन्य प्रमुख मुस्लिम वैज्ञानिकों और इंजीनियरों में सी॰एम॰ हबीबुल्ला, डेक्कन कॉलेज ऑफ मेडीकल साइंसेस एंड एलाएड हॉस्पीटल और सेंटर फॉर लीवर रिसर्च एंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद के एक स्टेम सेल के वैज्ञानिक और निर्देशक हैं;<ref>[http://www.tribuneindia.com/2009/20090228/dplus.htm#3 होप हैंग्स ऑन स्टेम सेल थेरेपी]</ref> मुशाहिद हुसैन, जामिया मिलिया इस्लामिया के उल्लेखनीय भौतिक विज्ञानी और प्रोफेसर हैं; और डॉ॰ इसरार अहमद, सैद्धांतिक भौतिकी के लिए इंटरनेशनल सेंटर के एक सहयोगी सदस्य हैं, शामिल हैं। यूनानी चिकित्सा क्षेत्र में, हाकिम अजमल खान, हाकिम अब्दुल हमीद और हकीम सैयद रहमान जिल्लुर का नाम काफी प्रसिद्ध है।
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