"रसखान": अवतरणों में अंतर

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रसखान के जन्म स्थान के विषय में भी कई मतभेद है। कई विद्वान उनका जन्म स्थल पिहानी अथवा दिल्ली को मानते है। [[शिवसिंहसरोज|शिवसिंह सरोज]] तथा हिन्दी साहित्य के प्रथम इतिहास तथा ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर रसखान का जन्म स्थान पिहानी जिला हरदोई माना जाए।
 
रसखान अर्थात् रस के खान, परंतु उनका असली नाम सैयद इब्राहिम था और उन्होंने अपना नाम केवल इस कारण रखा ताकि वे इसका प्रयोग अपनी रचनाओं पर कर सकें।<ref>{{Cite web|url=https://www.amarujala.com/kavya/raskhan-here-with-poem-of-truth-and-love|title=ब्रज भाषा विशेष: रसखान के ये हैं प्रसिद्ध दोहे|last=|first=|date=|website=अमर उजाला|archive-url=https://web.archive.org/web/20181122091333/https://www.amarujala.com/kavya/raskhan-here-with-poem-of-truth-and-love|archive-date=22 नवंबर 2018|dead-url=|access-date=|url-status=live}}</ref>सखान तो रसखान ही था जिसके नाम में भी रस की खान थी। रसखान जैसा भगवान का भक्त होना मुश्किल है। जय श्री कृष्णा!
 
रसखान तो रसखान ही था जिसके नाम में भी रस की खान थी। रसखान जैसा भगवान का भक्त होना मुश्किल है। जय श्री कृष्णा!
 
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