"आर्य आष्टांगिक मार्ग" के अवतरणों में अंतर

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#'''सम्यक प्रयास''' : अपने आप सुधरने की कोशिश करना
#'''सम्यक स्मृति''' : स्पष्ट ज्ञान से देखने की मानसिक योग्यता पाने की कोशिश करना
#'''सम्यक समाधि''' : निर्वाण पाना और स्वयं कोका सारी ईछाओसे दुुर रखकर पसन्न अवस्थामे लेजाना।गायब होना
 
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#कुछ लोग आर्य अष्टांग मार्ग को पथ की तरह समझते है, जिसमें आगे बढ़ने के लिए, पिछले के स्तर को पाना आवश्यक है। और लोगों को लगता है कि इस मार्ग के स्तर सब साथ-साथ पाए जाते है। मार्ग को तीन हिस्सों में वर्गीकृत किया जाता है : प्रज्ञा, शील और समाधि।
 
==परिचय==