"जुलियस सीसर": अवतरणों में अंतर

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[[File:Julii Caesaris quae exstant.tif|thumb|C. Iulii Caesaris quae extant, 1678]]
'''सीज़र''' इतिहास प्रसिद्ध रोमन सैनिक एवं नीतिज्ञ गोयस जूलियस सीज़र (१०१-४४ ई. पू.) से लेकर सम्राट हैड्रियन (१३८ ई.) तक के सभी रोमन सम्राटों की उपाधि रही।<ref>{{cite web|url=https://www.thelallantop.com/tehkhana/william-shakespeares-play-julius-caesar/|title=देसी शेक्सपियर: कहानी रोम के राजा जूलियस सीजर की}}</ref> '''गायस जूलियस सीज़र''' १०२ तथा १०० ई. पू. के मध्य में प्राचीन रोमन अभिजात कुल में उत्पन्न हुआ था।<ref>{{cite web|url=https://www.aajtak.in/education/story/julius-caesar-birth-day-375890-2016-07-13|title=रोमन सम्राट जिसने हमें 12 महीने और 365 दिन दिए...}}</ref> वह वीनस देवी का वंशज होने का दावा करता था। अपनी युवावस्था में उसको उन भीषण संघर्षों में भाग लेना पड़ा जो सेनेट विरोधी दल तथा अनुदार दल के बीच हुए। इस गृहयुद्ध (८१ ई. पू.) में अनुदार दल की विजय हुई जिसके परिणामस्वरूप सीज़र देश निष्कासन से बाल-बाल बच गया। उसके पश्चात्‌ कई वर्षों तक वह अधिकांशत: विदेशों में ही रहा और पश्चिमी एशिया माइनर में उत्तम सैनिक सेवाओं द्वारा प्रसिद्धि प्राप्त की। ७४ ई. पू. में वह इटली वापस आ गया ताकि सेनेट सदस्यों के अल्पतंत्र (Senatorial oligarchy) के विरुद्ध आंदोलन में भाग ले सके। उसको विभिन्न पदों पर कार्य करना पड़ा। जब त्यौहारों के आयुक्त के रूप में प्रचुर धन व्यय करके उसने नगर के जनसाधारण में लोकप्रियता प्राप्त कर ली। ६१ ई. पू. में दक्षिणी स्पेन के गवर्नर के रूप में सीज़र ने प्रथम सैनिक पद सुशोभित किया परंतु उसने शीघ्र ही इससे त्यागपत्र दे दिया ताकि पांपे (Popey) के अपनी विजयी सेना सहित लौटने पर रोम में उत्पन्न राजनीतिक स्थिति में भाग ले सकें। सीज़र ने क्रेसस (Crassus) तथा पांपे में राजनीतिक गठबंधन करा दिया और उससे मिलकर प्रथम शासक वर्ग (first triumvirate) तैयार किया। इन तीनों ने मुख्य प्रशासकीय समस्याओं का समाधान अपने हाथ में लिए जिनको नियमित "सीनेटोरियल' शासन सुलझाने में असमर्थ था। इस प्रकार सीज़र कौंसल निर्वाचित हुआ और अपने पदाधिकारों का उपयोग करते हुए अपनी संयुक्त योजनाओं को कार्यान्वित करने लगा। स्वयं अपने लिए उसने सेना संचालन का उच्च पद प्राप्त कर लिया जो रोमन राजनीति में भीषण शक्ति का कार्य कर सकता था। वह सिसएलपाइन गॉल (Cisalpine gaul) का गवर्नर नियुक्त किया गया। बाद में ट्रांसएलपाइन गाल (Transalpine gaul) भी उसकी कमान में दे दिया गया। गॉल में सीज़र के अभियानों (५८-५० ई. म. पू.) का परिणाम यह हुआ कि संपूर्ण फ्रांस तथा राइन (Rhine) नदी तक के निचले प्रदेश, जो मूल तथा संस्कृति के स्रोत के विचार से इटली से कम महत्वपूर्ण नहीं थे, रोमन साम्राज्य के आधिपत्य में आ गए। जर्मनी तथा बेल्जियम के बहुत से कबीलों पर उसने कई विजय प्राप्त की और "कॉल के रक्षक' का कार्यभार ग्रहण किया। अपने प्राँत की सीमा के पार के दूरस्थ स्थान भी उसकी कमान में आ गए। ५५ ई. पू. में उसने इंग्लैंड के दक्षिण पूर्व में पर्यवेक्षण के लिए अभियान किया। दूसरे वर्ष उसने यह अभियान और भी बड़े स्तर पर संचालित किया जिसके फलस्वरूप वह टेम्स नदी के बहाव की ओर के प्रदेशों तक में घुस गया और अधिकांश कबीलों के सरदारों ने औपचारिक रूप से उसकी अधीनता स्वीकार कर ली। यद्यपि वह भली प्रकार समझ गया था कि रोमन गॉल की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन पर स्थायी अधिकार प्राप्त करना आवश्यक है, तथापि गॉल में विषम स्थिति उत्पन्न हो जाने के कारण वह ऐसा करने में असमर्थ रहा। गॉल के लोगों ने अपने विजेता के विरुद्ध विद्रोह कर दिया था किंतु ५० ई. पू. में ही सीज़र गॉल में पूर्ण रूप से शाँति स्थापित कर सका।
 
स्वयं सीज़र के लिए गॉल के अभियानों में विगत वर्षों में दोहरा लाभ हुआ-उसने अपनी सेना भी तैयार कर ली और अपनी शक्ति का भी अनुमान लगा लिया। इसी बीच में रोम की राजनीतिक स्थिति विषमतर हो गई हो। रोमन उपनिवेशों को तीन बड़े कमानों में विभाजित किया जाना था जिनके अधिकारी नाममात्र की केंद्रीय सत्ता के वास्तविक नियंत्रण से परे थे। पांपे को स्पेन के दो प्रांतों का गवर्नर नियुक्त किया गया, क्रेसस को पूर्वी सीमांत प्रांत सीरिया का गवर्नर बनाया गया। गॉल सीज़र के ही कमान में रखा गया। पांपे ने अपने प्रांत स्पेन की कमान का संचालन अपने प्रतिनिधियों द्वारा किया और स्वयं रोम के निकट रहा ताकि केंद्र की राजनीतिकश् स्थितियों पर दृष्टि रखे। क्रैसस पारथिया के राज्य पर आक्रमण करते समय युद्ध में मारा गया। पांपे तथा सीज़र में एकच्छत्र सत्ता हथियाने के लिए तनाव तथा स्पर्धा के कारण युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई। पांपे सीज़र से खिंचने लगा और "सेनेटोरियल अल्पतंत्र दल' से समझौता करने की सोचने लगा। सेनेट ने आदेश दिया कि सीज़र द्वितीय कौंसल के रूप में निर्वाचित होने से पूर्व, जिसका उसको पहले आश्वासन दिया जा चुका था, अपनी गॉल की कमान से त्यागपत्र दे। किंतु पांपे, जिसे ५२ पूर्व में अवैधानिक रूप से तृतीय कौंसल का पद प्रदान कर दिया गया था, अपने स्पेन के प्रांतों तथा सेनाओं को अपने अधिकार में ही रखे रहा। फलत: सीज़र ने खिन्न होकर गृहयुद्ध छेड़ दिया और यह दावा किया कि वह यह कदम अपने अधिकारों, सम्मान और रोमन लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उठा रहा है। उसके विरोधियों का नेतृत्व पांपे कर रहा था।